रूबियो ने PM मोदी को दिया ट्रंप का व्हाइट हाउस न्योता, भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर हुई व्यापक चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार, 23 मई को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उन्हें व्हाइट हाउस आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। यह मुलाकात रूबियो की पदभार संभालने के बाद पहली भारत यात्रा के दौरान हुई, जो भारत-अमेरिका कूटनीतिक संबंधों की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
मुलाकात में क्या हुई चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री रूबियो के बीच भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी, द्विपक्षीय व्यापार, महत्त्वपूर्ण तकनीकों और क्षेत्रीय एवं वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद कहा, "अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत कर मुझे हार्दिक खुशी हुई। हमने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में लगातार हो रही प्रगति और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक कल्याण के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"
ट्रंप का व्हाइट हाउस निमंत्रण
बैठक में नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के राजदूत सर्जियो गोर भी उपस्थित रहे। गोर ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि "रूबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को निकट भविष्य में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है।" उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा कि बैठक में सुरक्षा, व्यापार और महत्त्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर "सार्थक चर्चा" हुई तथा भारत को "अत्यंत महत्त्वपूर्ण साझेदार" बताया।
कोलकाता से शुरू हुई यात्रा
रूबियो ने अपने चार दिवसीय भारत दौरे की शुरुआत कोलकाता से की, जहाँ उन्होंने 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' का भी दौरा किया। राजदूत गोर ने इस यात्रा को भारत-अमेरिका साझेदारी की "साझा मूल्यों और निस्वार्थ सेवा की भावना" की अभिव्यक्ति बताया। इस दौरे में रूबियो आगरा और जयपुर भी जाएंगे।
आगे का कार्यक्रम: जयशंकर से वार्ता और क्वाड बैठक
रूबियो रविवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके बाद 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक होनी है, जिसकी मेजबानी जयशंकर करेंगे। इसमें रूबियो के अलावा ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भी शामिल होंगे। क्वाड में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं — यह समूह एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की परिकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कूटनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताएँ जारी हैं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। रूबियो की यह पहली भारत यात्रा — जो कोलकाता जैसे सांस्कृतिक केंद्र से शुरू होकर नई दिल्ली में उच्चस्तरीय कूटनीति तक पहुँचती है — दोनों देशों के बीच संबंधों की बहुआयामी प्रकृति को रेखांकित करती है।