11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मार्को रूबियो का चार दिवसीय भारत दौरा संपन्न, क्वाड बैठक के बाद आर्मेनिया रवाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मार्को रूबियो का चार दिवसीय भारत दौरा संपन्न, क्वाड बैठक के बाद आर्मेनिया रवाना

सारांश

चार दिन, चार शहर — कोलकाता, दिल्ली, आगरा, जयपुर — और एक निर्णायक क्वाड बैठक। रूबियो का भारत दौरा महज़ शिष्टाचार यात्रा नहीं था; यह इंडो-पैसिफिक में अमेरिकी रणनीतिक प्रतिबद्धता का व्यावहारिक संकेत था। अब आर्मेनिया में उनकी अगली कूटनीतिक पारी शुरू होती है।

मुख्य बातें

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 26 मई 2025 को चार दिवसीय भारत दौरा समाप्त कर आर्मेनिया के लिए प्रस्थान किया।
दौरे में कोलकाता, नई दिल्ली, आगरा और जयपुर शामिल रहे; आमेर किले और ताजमहल का भी भ्रमण किया।
नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया; बैठक को 'बहुउपयोगी और सफल' बताया।
जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता हुई।
येरेवन में आर्मेनियाई समकक्ष अरारात मीरजोयान से मुलाकात और द्विपक्षीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर प्रस्तावित हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 26 मई 2025 को अपना चार दिवसीय भारत दौरा समाप्त कर आर्मेनिया के लिए प्रस्थान किया। नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद उन्होंने अगले गंतव्य की ओर रुख किया। यह दौरा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और इंडो-पैसिफिक सहयोग के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत दौरे का क्रम

रूबियो की भारत यात्रा 23 मई को कोलकाता से शुरू हुई थी। इसके बाद वे नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अहम मुलाकात की।

इसके बाद रूबियो अपनी पत्नी जेनेट डी. रूबियो के साथ आगरा में ताजमहल देखने पहुँचे। दंपती ने जयपुर का भी दौरा किया, जहाँ उनका पारंपरिक अंदाज़ में स्वागत हुआ और उन्होंने आमेर किले का भ्रमण किया।

क्वाड बैठक और रूबियो का बयान

मंगलवार सुबह रूबियो क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुँचे। उन्होंने इस बैठक को 'बहुउपयोगी और सफल' बताया।

बैठक के बाद रूबियो ने कहा, 'क्वाड अब सिर्फ समस्याओं पर चर्चा करने वाला मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह साझेदारी अब ठोस कार्रवाई की दिशा की ओर अग्रसर है।' उन्होंने मेजबानी के लिए भारत और विदेश मंत्री जयशंकर का आभार व्यक्त किया। रूबियो ने यह भी कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया अब अपनी-अपनी क्षमताओं का उपयोग करते हुए कई अहम वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं।

उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया, 'जब मैं विदेश मंत्री बना, तो मेरी पहली आधिकारिक बैठक क्वाड के साथ ही थी — और इससे हमारी प्रतिबद्धता साफ दिखती है।'

आर्मेनिया में अगला कार्यक्रम

रूबियो के आर्मेनिया पहुँचने से पहले ही येरेवन स्थित अमेरिकी दूतावास ने बयान जारी कर बताया था कि वे 26 मई को कूटनीति और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा के लिए अलग-अलग बैठकें करेंगे।

दौरे के दौरान रूबियो की मुलाकात अपने आर्मेनियाई समकक्ष अरारात मीरजोयान से होगी। दोनों नेताओं के बीच वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस बयान जारी किए जाने की उम्मीद है। दूतावास के अनुसार, कार्यक्रम में दोनों देशों के बीच कुछ द्विपक्षीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी शामिल हैं।

क्वाड की बढ़ती प्रासंगिकता

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक दबाव बढ़ रहे हैं। क्वाड की यह बैठक चारों देशों के बीच समन्वय को और गहरा करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। रूबियो का यह दौरा अमेरिकी विदेश नीति में भारत की केंद्रीय भूमिका को भी रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि आलोचक लंबे समय से इसे 'बातचीत का क्लब' कहते रहे हैं। यह उल्लेखनीय है कि रूबियो ने विदेश मंत्री बनते ही अपनी पहली आधिकारिक बैठक क्वाड को दी — यह संकेत देता है कि ट्रंप प्रशासन इंडो-पैसिफिक सहयोग को प्राथमिकता में रखता है। आर्मेनिया की अगली यात्रा बताती है कि अमेरिकी कूटनीति एक साथ एशिया और काकेशस दोनों मोर्चों पर सक्रिय है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार्को रूबियो का भारत दौरा कब से कब तक था?
रूबियो का भारत दौरा 23 मई 2025 को कोलकाता से शुरू हुआ और 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड बैठक के बाद समाप्त हुआ। इस चार दिवसीय यात्रा में कोलकाता, नई दिल्ली, आगरा और जयपुर शामिल रहे।
क्वाड बैठक में रूबियो ने क्या कहा?
रूबियो ने क्वाड बैठक को 'बहुउपयोगी और सफल' बताया और कहा कि यह मंच अब सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली आधिकारिक बैठक क्वाड के साथ ही थी।
रूबियो आर्मेनिया में क्या करेंगे?
येरेवन में रूबियो आर्मेनियाई विदेश मंत्री अरारात मीरजोयान से मिलेंगे और कूटनीति तथा द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे। अमेरिकी दूतावास के अनुसार, बैठक के बाद संयुक्त प्रेस बयान और कुछ द्विपक्षीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी प्रस्तावित हैं।
रूबियो की भारत में किन नेताओं से मुलाकात हुई?
रूबियो ने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अहम मुलाकात की। इसके अलावा क्वाड बैठक में जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री भी शामिल रहे।
क्वाड क्या है और इसमें कौन से देश शामिल हैं?
क्वाड (Quad) एक चतुर्पक्षीय सुरक्षा संवाद है जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। यह मंच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सहयोग करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले