राजदूत अभय कुमार ने बाकू में भारतीय समुदाय से की मुलाकात, क्रिकेट व ओणम से सांस्कृतिक सेतु बनाने पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
अजरबैजान की राजधानी बाकू में भारत के राजदूत अभय कुमार ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और आगामी सांस्कृतिक व खेल गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक का उद्देश्य भारत और अजरबैजान के बीच लोगों-से-लोगों के संपर्क को और प्रगाढ़ करना था।
बाकू मलयाली एसोसिएशन के साथ बैठक
बाकू मलयाली एसोसिएशन (BMA) की कार्यकारी समिति के सदस्य प्रवीणकुमार रामचंद्रन नायर और अनस मीरासाहिब ने राजदूत अभय कुमार से मुलाकात कर एसोसिएशन की आगामी गतिविधियों की जानकारी दी, जिनमें एक क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन प्रमुख है। राजदूत ने सुझाव दिया कि BMA इस टूर्नामेंट में अजरबैजानी खिलाड़ियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करे, ताकि देश में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में सहायता मिल सके।
राजदूत ने कहा कि खेल दोनों देशों के नागरिकों के बीच संवाद और आपसी समझ बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। अजरबैजान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी में बताया कि बातचीत में ओणम उत्सव सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। राजदूत ने BMA के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
भारतीय एसोसिएशन ऑफ अजरबैजान से संवाद
भारतीय एसोसिएशन ऑफ अजरबैजान के अध्यक्ष प्रशांत मिश्रा ने भी राजदूत से मुलाकात की। इस दौरान एसोसिएशन की आगामी गतिविधियों और भारत-अजरबैजान के सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने में उसकी भूमिका पर विचार-विमर्श हुआ। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच राजनयिक और सांस्कृतिक जुड़ाव लगातार विस्तार पा रहा है।
FIU-IND को एगमोंट पुरस्कार में रनर-अप पर बधाई
राजदूत अभय कुमार ने भारत की वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) के निदेशक अमित मोहन गोविल से भी मुलाकात की, जो एगमोंट ग्रुप की पूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए बाकू में उपस्थित हैं। राजदूत ने FIU-IND को बेस्ट एगमोंट केस अवॉर्ड 2026 में रनर-अप स्थान हासिल करने पर बधाई दी, जो वित्तीय अपराध की जाँच के क्षेत्र में भारत की बढ़ती साख को दर्शाता है।
खिनालिग और रेड विलेज का सांस्कृतिक भ्रमण
इससे एक दिन पहले, गुरुवार को राजदूत ने अजरबैजान के प्राचीन पहाड़ी गाँव खिनालिग का दौरा किया — जो देश के सबसे पुराने गाँवों में से एक है। उन्हें वहाँ की अनूठी भाषा, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और विशिष्ट पत्थर की वास्तुकला के बारे में जानकारी दी गई। राजदूत ने खिनालिग के ऐतिहासिक और नृवंशविज्ञान संग्रहालय का भी भ्रमण किया, जहाँ दुर्लभ पुरातात्विक खोजें, पुराने हस्तलिखित दस्तावेज़ और पारंपरिक वस्तुएँ संरक्षित हैं।
उसी दिन राजदूत ने रेड विलेज का भी दौरा किया, जहाँ माउंटेन यहूदी समुदाय सदियों से अपनी भाषा, परंपराओं और विरासत को सँजोए हुए है। उन्होंने वहाँ के ऐतिहासिक यहूदी धर्मस्थल और माउंटेन ज्यूइश म्यूजियम का भ्रमण किया तथा संग्रहालय के निदेशक इगोर शाउलोव से मुलाकात की। इन यात्राओं से स्पष्ट होता है कि राजदूत अभय कुमार राजनयिक संबंधों को सांस्कृतिक समझ की गहरी नींव पर खड़ा करने के प्रयास में जुटे हैं।