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राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने बीजिंग में भारतीय दूतावास का वीडियो टूर कराया, भारतीय समुदाय को जोड़ने की पहल

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राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने बीजिंग में भारतीय दूतावास का वीडियो टूर कराया, भारतीय समुदाय को जोड़ने की पहल

सारांश

भारत के नए राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने बीजिंग दूतावास का वीडियो टूर जारी कर भारतीय समुदाय से जुड़ने की पहल की — यह कदम भारत-चीन संबंधों के सामान्यीकरण के नाज़ुक दौर में सांस्कृतिक कूटनीति को नई दिशा देने का प्रयास है।

मुख्य बातें

विक्रम दोराईस्वामी को मार्च 2026 में चीन में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया; उन्होंने मई 2026 की शुरुआत में पदभार संभाला।
भारतीय दूतावास ने एक्स पर ढाई मिनट का वीडियो टूर साझा किया, जिसमें दूतावास की सांस्कृतिक गतिविधियाँ दिखाई गईं।
दूतावास परिसर 2012 में बना; यहाँ योग, नृत्य और परंपरागत भारतीय कला की कक्षाएँ संचालित होती हैं।
दोराईस्वामी 1992 बैच के IFS अधिकारी हैं; उन्होंने चीनी भाषा में डिप्लोमा किया और 1996-2000 के बीच बीजिंग में कार्य किया।
राजदूत ने भारतीय समुदाय को दूतावास के सोशल मीडिया अकाउंट्स फॉलो करने और गतिविधियों में भाग लेने का आमंत्रण दिया।

भारत के नवनियुक्त राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास का एक वीडियो टूर जारी किया है, जिसमें उन्होंने चीन में रह रहे भारतीय समुदाय को दूतावास की गतिविधियों से जुड़ने का आमंत्रण दिया। मई 2026 की शुरुआत में पदभार संभालने वाले दोराईस्वामी ने यह कदम भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों के नाज़ुक दौर में उठाया है।

वीडियो टूर में क्या दिखाया गया

चीन में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लगभग ढाई मिनट का एक वीडियो साझा किया, जिसमें राजदूत दोराईस्वामी दूतावास परिसर का भ्रमण कराते नज़र आए। इस वीडियो में दूतावास की सांस्कृतिक गतिविधियों, योग और नृत्य कक्षाओं, तथा परंपरागत भारतीय कला की झलक प्रस्तुत की गई।

राजदूत दोराईस्वामी ने वीडियो में कहा, "हमारा दूतावास 2012 में बना था। दुनिया में सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश होने के नाते, हम कह सकते हैं कि हम सांस्कृतिक नज़रिए से बहुत खास देश हैं। यहाँ डांस और योग समेत सभी तरह की भारतीय क्लास होती हैं। भारत सिर्फ परफॉर्मिंग आर्ट्स का देश ही नहीं है, बल्कि ट्रेडिशनल आर्ट का भी एक ट्रेडिशनल देश है।"

भारतीय समुदाय से जुड़ाव की अपील

राजदूत ने चीन में बसे भारतीयों और भारत में रुचि रखने वाले लोगों से दूतावास के सोशल मीडिया अकाउंट्स को फॉलो करने और दूतावास की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मैं आपको हमारे मीडिया अकाउंट्स को फॉलो करने और हमारी गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करना चाहता हूँ।"

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंध 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद से धीरे-धीरे सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे हैं।

राजदूत दोराईस्वामी का करियर

विक्रम दोराईस्वामी 1992 में भारतीय विदेश सेवा (IFS) में शामिल हुए। उससे पहले उन्होंने एक वर्ष तक पत्रकारिता की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की।

1992-1993 में नई दिल्ली में इन-सर्विस प्रशिक्षण के बाद, दोराईस्वामी मई 1994 में हांगकांग में भारतीय दूतावास में तृतीय सचिव नियुक्त हुए। उन्होंने हांगकांग के चाइनीज़ यूनिवर्सिटी के न्यू एशिया येल-इन-एशिया लैंग्वेज स्कूल से चीनी भाषा में डिप्लोमा भी हासिल किया — एक योग्यता जो चीन में उनकी वर्तमान भूमिका को विशेष महत्व देती है।

चीन से गहरा नाता

सितंबर 1996 में दोराईस्वामी को बीजिंग में भारतीय दूतावास में नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने लगभग चार वर्षों तक दायित्व संभाला। 2000 में नई दिल्ली लौटने पर उन्होंने विदेश मंत्रालय में डिप्टी चीफ ऑफ प्रोटोकॉल (ऑफिशियल) की भूमिका निभाई, और बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रमोट होकर प्रधानमंत्री के निजी सचिव के तौर पर भी कार्य किया।

2006 में उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में राजनीतिक सलाहकार की ज़िम्मेदारी संभाली। अक्टूबर 2009 में वे जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में भारत के महावाणिज्य दूत नियुक्त हुए। इस विस्तृत अनुभव के साथ, दोराईस्वामी को मार्च 2026 में चीन में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया।

आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि चीनी भाषा की जानकारी और बीजिंग में पूर्व कार्यकाल के अनुभव के कारण दोराईस्वामी द्विपक्षीय संवाद को नई गति देने में सक्षम हो सकते हैं। दूतावास की यह सार्वजनिक आउटरीच पहल सांस्कृतिक कूटनीति को मज़बूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सांस्कृतिक कूटनीति को आगे रखना एक सोची-समझी रणनीति लगती है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि क्या यह जन-संपर्क द्विपक्षीय व्यापार, सीमा विवाद और छात्र वीज़ा जैसे ठोस मुद्दों पर भी प्रगति में बदलता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रम दोराईस्वामी कौन हैं और उन्हें चीन में राजदूत कब नियुक्त किया गया?
विक्रम दोराईस्वामी 1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं, जिन्हें मार्च 2026 में चीन में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया। उन्होंने मई 2026 की शुरुआत में बीजिंग में पदभार संभाला।
बीजिंग दूतावास के वीडियो टूर में क्या दिखाया गया?
भारतीय दूतावास द्वारा एक्स पर साझा किए गए ढाई मिनट के वीडियो में राजदूत दोराईस्वामी ने 2012 में बने दूतावास परिसर का भ्रमण कराया। वीडियो में योग, नृत्य कक्षाओं और परंपरागत भारतीय कला गतिविधियों की झलक दिखाई गई।
दोराईस्वामी का चीन से पहले का क्या संबंध रहा है?
दोराईस्वामी सितंबर 1996 से 2000 तक बीजिंग में भारतीय दूतावास में तैनात रह चुके हैं। उन्होंने हांगकांग के चाइनीज़ यूनिवर्सिटी से चीनी भाषा में डिप्लोमा भी किया है, जो उन्हें इस भूमिका के लिए विशेष रूप से अनुभवी बनाता है।
भारतीय राजदूत ने भारतीय समुदाय को क्या आमंत्रण दिया?
राजदूत दोराईस्वामी ने चीन में रह रहे भारतीयों और भारत में रुचि रखने वाले लोगों से दूतावास के सोशल मीडिया अकाउंट्स फॉलो करने और दूतावास की सांस्कृतिक एवं अन्य गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।
यह पहल भारत-चीन संबंधों के संदर्भ में क्यों महत्वपूर्ण है?
2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद भारत-चीन संबंध तनावपूर्ण हो गए थे और अब धीरे-धीरे सामान्यीकरण की दिशा में बढ़ रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में दूतावास की सांस्कृतिक कूटनीति की यह पहल दोनों देशों के बीच जन-संपर्क और सॉफ्ट पावर को मज़बूत करने का प्रयास मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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