स्नेह राणा की माँग: महिला क्रिकेट में भी हो पुरुषों की एशेज जैसी 5 टेस्ट मैचों की सीरीज
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर स्नेह राणा ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की 270 रन की ऐतिहासिक टेस्ट जीत के बाद महिला क्रिकेट में अधिक टेस्ट मैचों की जोरदार वकालत की है। उन्होंने पुरुषों की प्रतिष्ठित एशेज सीरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि महिला क्रिकेट में भी पाँच टेस्ट मैचों वाली लंबी सीरीज होनी चाहिए। इस मैच में राणा ने दूसरी पारी में चार विकेट और कुल मिलाकर छह विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
मुख्य घटनाक्रम
15 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष बातचीत में स्नेह राणा ने लॉर्ड्स टेस्ट की तैयारी से लेकर मैच की रणनीति तक कई पहलुओं पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि इंग्लैंड पहुँचने पर पहली बार ड्यूक्स बॉल से खेलने का अनुभव हुआ, जो थोड़ी भारी लगती थी और जिसकी सीम स्पष्ट रूप से महसूस होती थी। 2-3 प्रैक्टिस सेशन के बाद उन्होंने बॉल की ग्रिप और उसे पकड़ने की सही मजबूती को समझा।
बॉलिंग रणनीति और विकेट का राज़
राणा ने बताया कि लॉर्ड्स की पिच पर अधिक टर्न पाने के लिए उन्होंने बॉल पर अधिकतम रिवॉल्यूशन देने और उँगलियों का भरपूर इस्तेमाल करने पर ध्यान दिया। दूसरी पारी में नैट साइवर-ब्रंट का विकेट उनकी गलती से मिला, जबकि सोफी एक्लेस्टोन को आउट करने के पीछे एक सुनियोजित रणनीति थी — पहले उन्हें 'ऑन द अप' खेलने के लिए मजबूर करना, फिर गेंद थोड़ी पीछे डालकर बैट और पैड के बीच गैप बनाना। उन्होंने कहा, 'टेस्ट मैच में जितना सब्र से गेंदबाजी करेंगे, उतनी ही सफलता मिलेगी।'
लॉर्ड्स का ऐतिहासिक पल और दर्शकों का जोश
मैच के बाद जश्न में सचिन तेंदुलकर, जय शाह और देवजीत सैकिया ने खिलाड़ियों को बधाई दी। राणा ने बताया कि लॉर्ड्स में इस महिला टेस्ट में 37,846 दर्शक उपस्थित रहे, जो महिला टेस्ट क्रिकेट में दर्शक संख्या का नया विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, 'एक खिलाड़ी की जिंदगी में फैंस की एक अलग ही जगह होती है।' गौरतलब है कि 1999 तक महिलाओं को MCC की सदस्यता या लॉर्ड्स के पवेलियन में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। आज वही 'लॉन्ग रूम' हर महिला क्रिकेटर के लिए मैदान का रास्ता है।
रेड-बॉल क्रिकेट का महत्व और BCCI की पहल
राणा ने BCCI की उस पहल की सराहना की जिसमें महिलाओं के घरेलू सर्किट में तीन दिवसीय क्रिकेट वापस शुरू किया गया है। उनके अनुसार, रेड-बॉल क्रिकेट का अनुभव टेस्ट मैच में सहनशक्ति और सब्र दोनों विकसित करता है। इस टेस्ट में उनके प्रदर्शन के साथ, राणा अब सिर्फ 10 टेस्ट पारियों में चार बार चार-विकेट लेने का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। इस उपलब्धि के साथ वे नीतू डेविड की बराबरी पर आ गई हैं और भारतीय महिला टेस्ट क्रिकेट में शुभांगी कुलकर्णी और झूलन गोस्वामी के बाद तीसरे स्थान पर हैं।
क्या होगा आगे
स्नेह राणा की यह माँग ऐसे समय में आई है जब महिला क्रिकेट का कैलेंडर मुख्यतः टी20 और वनडे फॉर्मेट पर केंद्रित है, क्योंकि इनसे व्यावसायिक लाभ अधिक होता है। लेकिन लॉर्ड्स में रिकॉर्ड दर्शक संख्या और 270 रन की शानदार जीत ने यह साबित किया है कि महिला टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों की रुचि और बाज़ार दोनों मौजूद हैं। युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए राणा ने कहा कि जितना ज्यादा टेस्ट क्रिकेट देखेंगी और खेलेंगी, उतनी ही उनकी दिलचस्पी और क्षमता बढ़ेगी।