आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च: दो दशक में पहला बड़ा बदलाव, रोज़ाना 14.5 लाख टिकट बुकिंग होगी आसान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने 15 जुलाई को अपनी नई टिकट बुकिंग वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च किया — जो वर्ष 2002 में प्लेटफॉर्म की शुरुआत के बाद से पिछले दो दशकों में पहला बड़ा डिज़ाइन ओवरहॉल है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, नई वेबसाइट फिलहाल मौजूदा आईआरसीटीसी होमपेज पर एक विशेष लिंक के ज़रिये उपलब्ध है, जहाँ यात्री इसे आज़माकर अपने सुझाव दे सकते हैं।
क्या बदला है नई वेबसाइट में
नए डिज़ाइन में अनावश्यक कैप्चा, पॉप-अप और चमकती ग्राफिक्स को पूरी तरह हटा दिया गया है। यात्रियों को अब सभी श्रेणियों की सीट उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर दिखेगी, जिससे विभिन्न विकल्पों की तुलना करना सरल होगा। इसके साथ ही चेकआउट के चरणों की संख्या कम की गई है और पहले से सेव यात्री-जानकारी का उपयोग कर बार-बार बुकिंग करने वाले यात्री तेज़ी से टिकट बुक कर सकेंगे।
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, साफ-सुथरे इंटरफेस और सरल नेविगेशन को प्राथमिकता दी गई है ताकि पहली बार डिजिटल बुकिंग करने वाले यात्रियों को भी कठिनाई न हो।
मालवीय एनआईटी के छात्रों का योगदान
रेलवे मंत्रालय ने बताया कि नई वेबसाइट के डिज़ाइन में मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Malaviya NIT) के छात्रों के सुझावों की अहम भूमिका रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई बातचीत में इन छात्रों ने वेबसाइट को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के सुझाव दिए थे, जिनमें से कई को नए वर्जन में शामिल किया गया है। यह पहल इस मायने में उल्लेखनीय है कि किसी सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के पुनर्निर्माण में तकनीकी संस्थान के छात्रों को सीधे शामिल किया गया।
आईआरसीटीसी का मौजूदा पैमाना
आईआरसीटीसी की वेबसाइट 2002 में शुरू हुई थी और आज इस प्लेटफॉर्म पर रोज़ाना औसतन 14.5 लाख टिकटों की बुकिंग होती है। यह आँकड़ा बताता है कि वेबसाइट में कोई भी बदलाव करोड़ों यात्रियों के अनुभव को सीधे प्रभावित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय रेलवे अपनी समग्र डिजिटल अवसंरचना को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है।
नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम से जुड़ाव
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, नई आईआरसीटीसी वेबसाइट को रेलवे के नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) से भी जोड़ा जाएगा, जिसे समानांतर रूप से अपग्रेड किया जा रहा है। दोनों प्रणालियों का पूर्ण संस्करण अगले कुछ हफ्तों में लॉन्च किए जाने की संभावना है।
आगे क्या होगा
बीटा वर्जन का उद्देश्य यात्रियों से फीडबैक जुटाना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उपयोगकर्ताओं के सुझावों के आधार पर अंतिम वर्जन में और सुधार किए जाएंगे। अंतिम वर्जन के साथ-साथ उन्नत आरक्षण प्रणाली भी जल्द सार्वजनिक की जाएगी — जो भारतीय रेलवे की डिजिटल टिकटिंग को एक नए युग में ले जाने का प्रयास है।