क्या रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए ओटीपी वेरिफिकेशन से तत्काल टिकट बुकिंग का कदम उठाया?
सारांश
Key Takeaways
- तत्काल टिकट की बुकिंग के लिए ओटीपी वेरिफिकेशन की आवश्यकता।
- सुरक्षा और पारदर्शिता में वृद्धि।
- हेराफेरी पर रोक लगाने का प्रयास।
- 52 ट्रेनों पर लागू, अन्य ट्रेनों में विस्तार की योजना।
- यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने की दिशा में कदम।
नई दिल्ली, 3 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके अंतर्गत अब तत्काल टिकट की बुकिंग फिजिकल रिजर्वेशन काउंटर्स पर वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) वेरिफिकेशन के माध्यम से की जाएगी।
रिपोर्टों के अनुसार, सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस प्रणाली को 17 नवंबर से पायलट आधार पर लागू किया गया है। प्रारंभ में ट्रेनों की संख्या सीमित थी, लेकिन इसे अब 52 ट्रेनों तक बढ़ा दिया गया है। आने वाले समय में इसे अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा।
नई प्रक्रिया के तहत, फिजिकल रिजर्वेशन काउंटर्स पर तत्काल टिकट की बुकिंग करते समय यात्रियों को ओटीपी प्राप्त होगा, और इसके बाद ही टिकट की बुकिंग संभव होगी। यह ओटीपी उस मोबाइल नंबर पर आएगा, जो यात्री ने रिजर्वेशन फॉर्म में दिया होगा।
मंत्रालय ने कहा कि तत्काल टिकट तब ही जारी की जाएगी, जब ओटीपी वेरिफाई हो जाएगा। इससे अधिक मांग वाली तत्काल टिकट की हेराफेरी पर रोक लगाई जा सकेगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस कदम के माध्यम से रेलवे की कोशिश है कि तत्काल टिकट सही यात्रियों तक पहुंचे।
यह नया कदम इस वर्ष टिकटिंग इकोसिस्टम में किए गए बड़े बदलावों का हिस्सा है। जुलाई में, रेलवे ने ऑटोमेटेड या धोखाधड़ी लेनदेन को रोकने के लिए ऑनलाइन तत्काल बुकिंग के लिए आधार-आधारित ओटीपी वेरिफिकेशन शुरू किया था।
इसके पश्चात, 1 अक्टूबर से आईआरसीटीसी वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर बुकिंग विंडो खुलने के पहले 15 मिनट के दौरान सिर्फ आधार से ऑथेंटिकेटेड यूजर्स को ही रिजर्व्ड जनरल टिकट बुक करने की अनुमति दी गई।
अधिकारियों का कहना है कि रेलवे के इन कदमों से पारदर्शिता बढ़ेगी, यात्रियों के लिए सुविधा में इजाफा होगा और अनुचित तत्वों की ओर से आने वाली परेशानियों में कमी आएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इन सुधारों का उद्देश्य आम यात्रियों को पीक डिमांड के दौरान टिकट प्राप्त करने का बेहतर अवसर प्रदान करना है।