पेइचिंग में 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' थीम पर भारतीय दूतावास में भव्य आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
पेइचिंग स्थित पुराने भारतीय दूतावास परिसर में 19 जून 2026 की सुबह 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह और ऊर्जा के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' रही, जो स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवनशैली में योग की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करती है। विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष रूप से सार्थक बनाया।
राजदूत का संबोधन
कार्यक्रम का शुभारंभ चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने किया। उन्होंने योग की सार्वभौमिक स्वीकार्यता और आधुनिक जीवन में इसकी बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। दोराईस्वामी ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली का एक समग्र माध्यम है। उन्होंने विशेष रूप से स्वस्थ उम्र बढ़ने की प्रक्रिया में योग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
मुख्य आयोजन और प्रतिभागिता
कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया — अनुभवी योगसाधकों से लेकर पहली बार योगाभ्यास करने वाले प्रतिभागियों तक। योगाभ्यास के माध्यम से उपस्थित लोगों ने स्वास्थ्य, सामंजस्य और मानसिक शांति का सामूहिक अनुभव किया। गौरतलब है कि यह आयोजन चीन में योग की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता का भी प्रमाण बना।
थीम का महत्व
इस वर्ष की थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' ऐसे समय में विशेष रूप से प्रासंगिक है जब वैश्विक स्तर पर बुजुर्ग आबादी का अनुपात तेज़ी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित योगाभ्यास शरीर की लचीलापन, मानसिक स्थिरता और जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायक है — विशेषतः वृद्धावस्था में। यह थीम संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित इस वर्ष के वैश्विक योग दिवस के केंद्रीय संदेश के अनुरूप है।
सांस्कृतिक सेतु के रूप में योग
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और चीन के बीच कूटनीतिक और सांस्कृतिक संवाद के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। योग के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सचेतनता का संदेश विभिन्न संस्कृतियों के बीच एक सकारात्मक सेतु का कार्य कर रहा है। 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक बार फिर यह स्थापित करने में सफल रहा कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि एक ऐसी जीवनशैली है जो हर उम्र और हर संस्कृति के लोगों को स्वास्थ्य और सकारात्मकता की ओर प्रेरित करती है।
आगे की राह
पेइचिंग में इस आयोजन की सफलता यह संकेत देती है कि भारतीय दूतावास आने वाले वर्षों में भी योग को द्विपक्षीय सांस्कृतिक कूटनीति के एक प्रमुख माध्यम के रूप में आगे बढ़ाता रहेगा। योग की वैश्विक पहुँच और स्वीकार्यता हर वर्ष नई ऊँचाइयाँ छू रही है।