24 सितंबर 2026
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यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: दो चालक और परिचालक गिरफ्तार, 9 की मौत के बाद फरार थे

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यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: दो चालक और परिचालक गिरफ्तार, 9 की मौत के बाद फरार थे

सारांश

यमुना एक्सप्रेसवे पर 9 लोगों की जान लेने वाले बस अग्निकांड के बाद फरार हुए दो चालकों और एक परिचालक को जेवर पुलिस ने साबौता अंडरपास के पास से दबोचा। बस मध्य प्रदेश की कंपनी की थी, पंजीकरण बिहार का — और सवाल यह कि यात्री बाहर क्यों नहीं निकल पाए।

मुख्य बातें

जेवर पुलिस ने 24 सितंबर 2026 को बस अग्निकांड के तीन आरोपियों — चालक पवन , चालक योगेश दीक्षित और परिचालक रोहित कुमार — को गिरफ्तार किया।
तीनों साबौता अंडरपास के पास से पकड़े गए; तीनों कानपुर देहात जिले के निवासी हैं।
23 सितंबर की देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हुई थी।
बस कश्मीरी गेट, नई दिल्ली से महोबा जा रही थी; संचालक राज कल्पना ट्रैवल्स (मध्य प्रदेश), पंजीकरण बिहार का।
आरोपियों पर बीएनएस की धारा 281, 125बी, 105 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज।
पुलिस बस की सुरक्षा मानकों की अनुपालना और आग लगने के कारणों की जाँच कर रही है।

जेवर पुलिस ने 24 सितंबर 2026 को यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया — जिनमें दो चालक और एक परिचालक शामिल हैं। 23 सितंबर की देर रात हुई इस दुर्घटना में 9 यात्रियों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। आरोपी हादसे के तुरंत बाद बस छोड़कर मौके से फरार हो गए थे।

गिरफ्तारी कहाँ और कैसे हुई

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों को साबौता अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है: पहला आरोपी पवन, निवासी ग्राम कनपटियापुर, थाना रसूलाबाद, जिला कानपुर देहात — जो बस का चालक था। दूसरा आरोपी योगेश दीक्षित, निवासी ग्राम पिनदारथु, थाना सिकंदरा, जिला कानपुर देहात — जो भी बस में चालक की भूमिका में था। तीसरा आरोपी रोहित कुमार, निवासी अकबरपुर, जिला कानपुर देहात — जो बस का परिचालक था।

हादसे की परिस्थितियाँ

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 23 सितंबर को वे बस लेकर नई दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जिले की ओर जा रहे थे। यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान बस में अचानक आग लग गई। आरोपियों के अनुसार, आग लगने के बाद वे बस छोड़कर मौके से भाग गए।

आग तेज़ी से फैलने के कारण कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। हादसे में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि कई घायल यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। गौरतलब है कि बस का संचालन मध्य प्रदेश की राज कल्पना ट्रैवल्स द्वारा किया जा रहा था, जबकि बस का पंजीकरण बिहार राज्य का था।

क़ानूनी कार्रवाई

थाना जेवर में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281, 125बी, 105 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद से ही तीनों की तलाश के लिए विशेष टीमें लगाई गई थीं, और 24 सितंबर को साबौता अंडरपास से उन्हें दबोचा गया।

जाँच का दायरा

पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों, बस में आग लगने के कारण, वाहन की तकनीकी स्थिति और यात्रा से जुड़े अन्य पहलुओं की जाँच कर रही है। साथ ही यह भी जाँचा जा रहा है कि हादसे के समय बस में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में लंबी दूरी की निजी बसों में अग्नि सुरक्षा उपायों की पर्याप्तता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस ने संकेत दिया है कि बस संचालक कंपनी की भूमिका की भी जाँच की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पंजीकरण बिहार का है और चालक उत्तर प्रदेश में हादसे के बाद फरार हो जाते हैं। चालकों का मौके से भागना और यात्रियों का बाहर न निकल पाना — दोनों मिलकर एक बड़े सवाल की ओर इशारा करते हैं: क्या इन बसों में अनिवार्य अग्नि शमन यंत्र और आपातकालीन निकास मानकों का पालन हो रहा था? जब तक राज्य परिवहन प्राधिकरण अंतरराज्यीय बस परमिट की जाँच को कड़ा नहीं करते, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर 2026 की देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। कई अन्य घायल यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया था।
बस के चालक और परिचालक को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
जेवर पुलिस ने तीनों आरोपियों — दो चालक पवन व योगेश दीक्षित और परिचालक रोहित कुमार — को 24 सितंबर 2026 को साबौता अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया। तीनों कानपुर देहात जिले के निवासी हैं।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281, 125बी, 105 और 351(3) के तहत थाना जेवर में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना जारी है।
यह बस किसकी थी और कहाँ जा रही थी?
बस का संचालन मध्य प्रदेश की राज कल्पना ट्रैवल्स द्वारा किया जा रहा था, जबकि बस का पंजीकरण बिहार राज्य का था। यह बस नई दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जिले की ओर जा रही थी।
पुलिस अब इस मामले में आगे क्या जाँच कर रही है?
पुलिस बस में आग लगने के कारण, वाहन की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा मानकों के पालन और बस संचालक कंपनी की भूमिका की जाँच कर रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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