यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: दो चालक और परिचालक गिरफ्तार, 9 की मौत के बाद फरार थे
सारांश
मुख्य बातें
जेवर पुलिस ने 24 सितंबर 2026 को यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया — जिनमें दो चालक और एक परिचालक शामिल हैं। 23 सितंबर की देर रात हुई इस दुर्घटना में 9 यात्रियों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। आरोपी हादसे के तुरंत बाद बस छोड़कर मौके से फरार हो गए थे।
गिरफ्तारी कहाँ और कैसे हुई
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों को साबौता अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है: पहला आरोपी पवन, निवासी ग्राम कनपटियापुर, थाना रसूलाबाद, जिला कानपुर देहात — जो बस का चालक था। दूसरा आरोपी योगेश दीक्षित, निवासी ग्राम पिनदारथु, थाना सिकंदरा, जिला कानपुर देहात — जो भी बस में चालक की भूमिका में था। तीसरा आरोपी रोहित कुमार, निवासी अकबरपुर, जिला कानपुर देहात — जो बस का परिचालक था।
हादसे की परिस्थितियाँ
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 23 सितंबर को वे बस लेकर नई दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जिले की ओर जा रहे थे। यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान बस में अचानक आग लग गई। आरोपियों के अनुसार, आग लगने के बाद वे बस छोड़कर मौके से भाग गए।
आग तेज़ी से फैलने के कारण कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। हादसे में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि कई घायल यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। गौरतलब है कि बस का संचालन मध्य प्रदेश की राज कल्पना ट्रैवल्स द्वारा किया जा रहा था, जबकि बस का पंजीकरण बिहार राज्य का था।
क़ानूनी कार्रवाई
थाना जेवर में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281, 125बी, 105 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद से ही तीनों की तलाश के लिए विशेष टीमें लगाई गई थीं, और 24 सितंबर को साबौता अंडरपास से उन्हें दबोचा गया।
जाँच का दायरा
पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों, बस में आग लगने के कारण, वाहन की तकनीकी स्थिति और यात्रा से जुड़े अन्य पहलुओं की जाँच कर रही है। साथ ही यह भी जाँचा जा रहा है कि हादसे के समय बस में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में लंबी दूरी की निजी बसों में अग्नि सुरक्षा उपायों की पर्याप्तता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस ने संकेत दिया है कि बस संचालक कंपनी की भूमिका की भी जाँच की जाएगी।