दिवाली पर पंजाब BJP ने नशे से जान गंवाने वाले युवाओं को दीये जलाकर दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 8 नवंबर 2026 को दिवाली और बंदी छोड़ दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में विशेष दीये प्रज्वलित किए। ये दीये उन युवाओं की स्मृति को समर्पित थे, जिन्होंने नशीले पदार्थों की लत के चलते असमय अपनी जान गंवाई। इस प्रतीकात्मक आयोजन के ज़रिए पार्टी ने पंजाब में नशे की गहराती समस्या पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की।
आयोजन का विवरण
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और दीये जलाए। इनमें से कुछ दीये विशेष रूप से उन युवाओं को समर्पित किए गए, जो नशे की गिरफ़्त में आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर चुके हैं। पार्टी ने इस पहल को उन माताओं और बहनों को श्रद्धांजलि बताया, जिन्होंने क्रमशः अपने बेटों और भाइयों को नशे की भेंट चढ़ते देखा है।
ढिल्लों ने इस अवसर पर पंजाब को नशीले पदार्थों की समस्या से मुक्त कराने की प्रार्थना की और विश्वास जताया कि राज्य के हर घर में एक दिन शांति, समृद्धि और खुशहाली वापस लौटेगी।
बंदी छोड़ दिवस से जुड़ाव
BJP ने बंदी छोड़ दिवस के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को इस संकल्प से जोड़ा। यह पर्व सिखों के छठे गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी की ग्वालियर किले से 52 राजाओं के साथ रिहाई की स्मृति में मनाया जाता है। पार्टी ने कहा कि जिस प्रकार गुरु साहिब ने अत्याचार और पाबंदियों से मुक्ति दिलाई थी, उसी प्रकार आज पंजाब को नशे की जकड़ से आज़ाद होने की ज़रूरत है।
नशे की समस्या: पृष्ठभूमि
पंजाब लंबे समय से नशीले पदार्थों की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नशे से होने वाली मौतें और परिवारों पर पड़ने वाले सामाजिक-आर्थिक दुष्प्रभाव राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर विपक्षी दलों द्वारा नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं।
गौरतलब है कि नशे की समस्या पंजाब में एक बहुप्रचारित राजनीतिक मुद्दा रही है और हर दल इसे अपने-अपने तरीके से उठाता आया है। BJP का यह प्रतीकात्मक कदम इसी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा माना जा रहा है।
पार्टी की प्रतिबद्धता
BJP ने नशीले पदार्थों के सेवन से प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पार्टी ने संकल्प लिया कि वह इस समस्या के खिलाफ अपनी लड़ाई तब तक जारी रखेगी, जब तक पंजाब पूरी तरह नशामुक्त न हो जाए।
दिवाली और बंदी छोड़ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पार्टी ने पंजाब के लिए ईश्वरीय आशीर्वाद की प्रार्थना की और आशा व्यक्त की कि ये त्योहार हर घर में नई उम्मीदें और समृद्धि लेकर आएंगे। आने वाले दिनों में देखना होगा कि यह प्रतीकात्मक पहल ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव की राह खोल पाती है या नहीं।