नशामुक्त पंजाब यात्रा: फाजिल्का में मेघवाल बोले — AAP सरकार नशे को बढ़ावा दे रही है
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 20 सितंबर 2026 को पंजाब के फाजिल्का में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'नशामुक्त पंजाब' अभियान के अंतर्गत आयोजित यात्रा में भाग लिया और कहा कि BJP पंजाब को नशामुक्त करके ही उसे 'विकसित पंजाब' बना सकती है। उन्होंने राज्य में नशे की समस्या की जड़ें समाज में गहराई तक पैठी होने की बात कहते हुए मौजूदा पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, पीड़ित परिवारों से मुलाकात
मेघवाल ने पत्रकारों को बताया कि यात्रा के दौरान वे फाजिल्का स्थित शहीद स्मारक पर खड़े थे, जहाँ उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे नशे की वजह से तबाह होने की कगार पर खड़े कई परिवारों से मिले और उनकी पीड़ा को करीब से सुना। उन्होंने कहा, "उन सभी ने अनुरोध किया कि नशे की इस समस्या को खत्म किया जाना चाहिए।"
मेघवाल ने एक परिवार की दर्दनाक कहानी साझा करते हुए बताया कि ऐसे घर हैं जहाँ इकलौता कमाने वाला बेटा नशे के कारण जान गँवा चुका है और तीन बेटियाँ विवाह योग्य हैं, लेकिन अब परिवार का सहारा नहीं रहा। उन्होंने कहा, "यह दर्द बहुत गहरा और गंभीर है।"
पंजाब सरकार पर सीधा हमला
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा बनाई गई व्यवस्था नशे को खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि उसे बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। उनके अनुसार, जो लोग पुलिस को सूचना देते हैं कि गाँव में नशा बेचा जा रहा है, उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई कर दी जाती है। उन्होंने कहा, "अगर किसी ने पुलिस को सूचना दी कि गाँव में नशा बेचा जा रहा है, तो कार्रवाई सूचना देने वाले के खिलाफ ही की गई।"
गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने 2022 के विधानसभा चुनाव में नशामुक्ति को प्रमुख मुद्दा बनाया था और सत्ता में आई थी। इस पृष्ठभूमि में BJP का यह अभियान राज्य में अगले चुनावों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यात्रा को राजनीतिक रंग देने के आरोपों पर प्रतिक्रिया
मेघवाल ने इस बात को खारिज किया कि यह यात्रा राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने स्पष्ट किया, "यह यात्रा राजनीति के चश्मे से देखने का विषय नहीं है। नशामुक्त पंजाब, विकसित पंजाब बनाने का संदेश है।" हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि राज्य में BJP का कोई जनप्रतिनिधि न होने के बावजूद इस तरह के आयोजन स्पष्ट रूप से चुनावी ज़मीन तैयार करने की कोशिश हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
पंजाब में नशे की समस्या केवल सामाजिक नहीं, बल्कि आर्थिक और पारिवारिक तबाही का कारण भी बनती रही है। युवाओं का नशे की गिरफ्त में होना राज्य की श्रमशक्ति को कमजोर करता है और परिवारों को टूटने पर मजबूर करता है। 'नशामुक्त पंजाब' यात्रा का दावा है कि वह इस सामाजिक पीड़ा की आवाज़ को राजनीतिक मंच पर ला रही है।
BJP का यह अभियान आने वाले समय में और विस्तार पाएगा या सिमट जाएगा — यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पंजाब की जनता इसे जन आंदोलन मानती है या चुनावी रणनीति।