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नशा मुक्त पंजाब यात्रा: राघव चड्ढा और BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने पठानकोट से दिखाई हरी झंडी

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नशा मुक्त पंजाब यात्रा: राघव चड्ढा और BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने पठानकोट से दिखाई हरी झंडी

सारांश

AAP सांसद राघव चड्ढा और BJP अध्यक्ष नितिन नवीन — आमतौर पर विरोधी खेमे — एक मंच पर आए और पठानकोट से 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को हरी झंडी दिखाई। चड्ढा ने पंजाब में AAP सरकार पर साढ़े चार वर्षों में नशे की समस्या और बदतर करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

AAP सांसद राघव चड्ढा और BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 18 सितंबर 2026 को पठानकोट से 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाई।
चड्ढा ने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में पंजाब में नशे की समस्या और गहरी हुई है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में 'चिट्टे' की आपूर्ति बढ़ी है और अब बड़े पैमाने पर होम डिलीवरी भी हो रही है।
यात्रा राज्य के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरेगी और नशे से प्रभावित परिवारों से बातचीत की योजना है।
चड्ढा की इस यात्रा में भागीदारी से पंजाब AAP सरकार के नशा-विरोधी प्रयासों पर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा 18 सितंबर 2026 को पठानकोट में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' में शामिल हुए और इस अभियान को संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाई। इस यात्रा का उद्देश्य पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या और इससे टूटते परिवारों की पीड़ा को सार्वजनिक मंच पर लाना है।

यात्रा का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' राज्य के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरेगी। इस दौरान नशे से प्रभावित परिवारों और स्थानीय समुदायों से सीधी बातचीत की योजना है। पठानकोट से शुरू हुई इस यात्रा में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की उपस्थिति ने इसे राजनीतिक और सामाजिक दोनों आयाम दिए।

राघव चड्ढा के गंभीर आरोप

चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्यक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने नशे के कारण गहरी तकलीफ झेल रहे परिवारों से मुलाकात की, जिनकी कहानियाँ इस संकट की दर्दनाक तस्वीर पेश करती हैं। उन्होंने कहा, 'नशा सिर्फ जिंदगी बर्बाद नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है।'

सांसद ने आरोप लगाया कि पंजाब में AAP सरकार ने नशे की समस्या समाप्त करने का वादा किया था, लेकिन वह इसे पूरा करने में नाकाम रही है। उनके अनुसार, पिछले साढ़े चार वर्षों में नशे की समस्या और अधिक गहरी हो गई है।

चिट्टे की बढ़ती सप्लाई पर चिंता

चड्ढा ने दावा किया कि राज्य में 'चिट्टे' (हेरोइन/सिंथेटिक ड्रग) की आपूर्ति काफी बढ़ी है और यह आसानी से उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की होम डिलीवरी तक हो रही है और ओवरडोज के मामलों में भी इजाफा हुआ है। गौरतलब है कि इन आरोपों को राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

युवाओं के भविष्य पर सवाल

चड्ढा ने कहा कि पंजाब के युवाओं को रोज़गार, अवसर और बेहतर भविष्य देने के वादे किए गए थे, लेकिन नशे की बढ़ती समस्या के कारण परिवार आज भी भारी कीमत चुका रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राजनीतिक दलों के बीच वाकयुद्ध लगातार तेज होता जा रहा है।

राजनीतिक परिदृश्य और आगे की राह

AAP सांसद राघव चड्ढा का BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ एक मंच पर आना राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है, क्योंकि दोनों दल आमतौर पर विरोधी खेमे में रहते हैं। इस यात्रा के बाद पंजाब सरकार के नशा-विरोधी कदमों की प्रभावशीलता को लेकर जारी राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह अभियान राज्य के अन्य ज़िलों तक पहुँचेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए उनके अपनी ही पार्टी की राज्य सरकार पर इस तरह के आरोप राजनीतिक रूप से असाधारण हैं और आंतरिक असंतोष के संकेत हो सकते हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह चूक जाती है कि 'चिट्टे' की होम डिलीवरी जैसे दावे अत्यंत गंभीर हैं और इनका स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है — केवल राजनीतिक बयान पर्याप्त नहीं। पंजाब में नशे का संकट वास्तविक है, लेकिन इसका समाधान यात्राओं से नहीं, ठोस नीतिगत हस्तक्षेप और जवाबदेही से होगा।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' क्या है?
यह एक जागरूकता अभियान है जिसे 18 सितंबर 2026 को पठानकोट से शुरू किया गया। इसका उद्देश्य पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या और इससे प्रभावित परिवारों की पीड़ा को सामने लाना तथा लोगों को जागरूक एवं एकजुट करना है।
राघव चड्ढा इस यात्रा में क्यों शामिल हुए?
AAP सांसद राघव चड्ढा ने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ इस यात्रा को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने अपनी ही पार्टी की पंजाब सरकार पर नशे की समस्या खत्म करने के वादे पर विफल रहने का आरोप लगाया।
राघव चड्ढा ने पंजाब में नशे की स्थिति के बारे में क्या दावे किए?
चड्ढा ने दावा किया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 'चिट्टे' की आपूर्ति काफी बढ़ी है, ओवरडोज के मामले बढ़े हैं और बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की होम डिलीवरी तक हो रही है। ये दावे उन्होंने व्यक्तिगत रूप से किए हैं और इनका स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।
यह यात्रा आगे कहाँ-कहाँ जाएगी?
'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' आने वाले दिनों में पंजाब के विभिन्न ज़िलों से होकर गुजरेगी। इस दौरान नशे से प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद की योजना है।
पंजाब सरकार की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
राघव चड्ढा के आरोपों और यात्रा को लेकर पंजाब की AAP सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालाँकि, इस यात्रा के बाद राज्य में नशा-विरोधी नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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