पंजाब में राघव चड्ढा और संदीप पाठक पर अंडे फेंके जाने का 'आप' का दावा, भाजपा की 'नौटंकी यात्रा' पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 18 सितंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि पंजाब में भाजपा की तथाकथित 'नौटंकी यात्रा' के दौरान राघव चड्ढा और संदीप पाठक पर लोगों ने अंडे फेंके। हालाँकि, इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
AAP का दावा और X पर पोस्ट
आम आदमी पार्टी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'भाजपा की नौटंकी यात्रा को पंजाब की जनता ने आईना दिखा दिया। नौटंकी यात्रा के लिए पंजाब पहुँचे राघव चड्ढा और संदीप पाठक का लोगों ने अंडे फेंककर विरोध किया।' पार्टी ने इस घटना को जनता की स्वाभाविक नाराज़गी के रूप में प्रस्तुत किया।
AAP ने आगे कहा कि 'पंजाब को नशे की दलदल में पहुँचाने वाली भाजपा की गंदी राजनीति और नौटंकी यहाँ नहीं चलेगी।' पार्टी के इस बयान के बाद पंजाब की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है।
घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
गौरतलब है कि AAP के इस दावे की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। यह स्पष्ट नहीं है कि अंडे फेंकने की घटना वास्तव में हुई, और यदि हुई तो उसके पीछे कौन-से लोग शामिल थे। भाजपा ने इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक वक्तव्य जारी नहीं किया है।
राजनीतिक टिप्पणीकारों के अनुसार, ऐसे दावे चुनावी माहौल में प्रतिद्वंद्वी दलों को घेरने के लिए किए जाते हैं और सोशल मीडिया पर इनकी प्रामाणिकता जाँचना आवश्यक होता है।
पंजाब की सियासी पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सभी प्रमुख राजनीतिक दल सक्रिय हैं। भाजपा राज्य में अपनी पैठ मज़बूत करने के लिए लगातार यात्राएँ और जनसंपर्क अभियान चला रही है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पंजाब के मुद्दों — विशेष रूप से नशे की समस्या — को लेकर लगातार भाजपा पर हमलावर रहती है।
नशा पंजाब में वर्षों से एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रहा है। AAP, कांग्रेस और भाजपा — तीनों दल एक-दूसरे पर इस समस्या के लिए ज़िम्मेदारी डालते आए हैं। ऐसे में यह आरोप-प्रत्यारोप का यह नया दौर उसी व्यापक सियासी टकराव का हिस्सा नज़र आता है।
भाजपा की यात्रा और विपक्षी रणनीति
आलोचकों का कहना है कि भाजपा की यात्रा कार्यक्रम सत्तारूढ़ AAP सरकार को चुनौती देने की रणनीति का हिस्सा है। वहीं, AAP के नेतृत्व का तर्क है कि जनता खुद भाजपा की राजनीति को नकार रही है। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच दोनों दलों के बीच यह तकरार और तेज़ होने की उम्मीद है।