डेविस कप: सुरेश और नागल की हार से भारत 0-2 से पिछड़ा, कोरिया क्वार्टर फाइनल से एक कदम दूर
सारांश
मुख्य बातें
डेविस कप क्वालीफायर के दूसरे दौर में सोल के ओलंपिक टेनिस कोर्ट पर 18 सितंबर 2026 को भारतीय टीम को पहले ही दिन करारा झटका लगा, जब दक्षिणेश्वर सुरेश और सुमित नागल दोनों तीन-सेट के मुकाबलों में बढ़त गँवाकर हार गए और भारत 0-2 से पिछड़ गया। अब कोरिया को डेविस कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश के लिए महज एक और जीत की दरकार है।
पहला सिंगल्स मैच: सुरेश बनाम क्वोन
दोपहर के सत्र में सूनवू क्वोन ने दक्षिणेश्वर सुरेश को 4-6, 6-3, 6-4 से हराकर कोरिया को पहली बढ़त दिलाई — यह डेविस कप में सुरेश की पहली हार रही। सुरेश ने पहले सर्विस गेम में ही क्वोन की सर्विस तोड़कर शानदार आगाज़ किया और पहला सेट 6-4 से अपने नाम किया।
मगर दूसरे सेट में क्वोन ने रणनीति बदली — रिटर्न पर आक्रामक रुख अपनाया और सुरेश की सर्विस पर शुरुआती दबाव डाला। इस दौरान भारतीय खिलाड़ी ने चार डबल फॉल्ट किए, जिसका फायदा उठाकर क्वोन ने छठे गेम में ब्रेक लेकर सेट बराबर कर लिया। निर्णायक सेट में भी सुरेश की अच्छी शुरुआत बरकरार नहीं रह सकी। क्वोन ने छठे गेम में सर्विस तोड़ी और नौवें गेम में मैच प्वाइंट हासिल किया। सुरेश एक बार बचाव में सफल रहे, लेकिन अगले गेम में कोरियाई खिलाड़ी ने मैच अपने नाम कर लिया।
मैच के बाद क्वोन ने कहा, 'मुझे काफी समय बाद इतनी घबराहट महसूस हुई। शुरुआत में तो मेरी नजर भी धुंधली हो गई थी। दूसरे सेट से मुझे अधिक आराम महसूस होने लगा। मैंने उनकी सर्विस के पैटर्न को समझने की कोशिश की और रिटर्न पोजीशन को एक तरफ बनाए रखा, जिससे मुझे बेहतर खेलने में मदद मिली।' क्वोन ने मैच में सात ऐस लगाए और अपने पहले सर्व पर 92 प्रतिशत अंक जीते।
दूसरा सिंगल्स मैच: नागल बनाम चुंग — तीन घंटे का महासंग्राम
शाम के सत्र में भारत के शीर्ष खिलाड़ी सुमित नागल ने ह्योन चुंग के खिलाफ 2-6, 6-4, 7-5 से हार झेली। यह मुकाबला तीन घंटे पाँच मिनट तक चला और शुरुआत में नागल पूरी तरह हावी दिखे। उन्होंने पहले सेट में चुंग की सर्विस दो बार तोड़ी, 5-2 की बढ़त बनाई और अंततः 6-2 से सेट अपने नाम किया।
दूसरे सेट में नागल ने 4-3 की बढ़त भी हासिल की, लेकिन अगले गेम में डबल फॉल्ट ने चुंग को वापसी का अवसर दिया। कोरियाई खिलाड़ी ने मौके का फायदा उठाया और दोबारा नागल की सर्विस तोड़कर 6-4 से सेट जीतकर मैच को निर्णायक सेट तक पहुँचाया।
तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच बढ़त का पलड़ा बदलता रहा। 5-5 के स्कोर पर नागल दबाव में डबल फॉल्ट कर बैठे, जिससे चुंग को मैच प्वाइंट मिला और उन्होंने इसे भुनाकर कोरिया को 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी। जीत के बाद चुंग ने कहा, 'तीसरे सेट में 5-5 के स्कोर पर कोई खास रणनीति नहीं बची थी। हम दोनों तीन घंटे से ज्यादा समय से खेल रहे थे, इसलिए यह मानसिक मजबूती की लड़ाई बन गई थी।'
ऐतिहासिक संदर्भ और टाई का महत्त्व
यह पहली बार है जब सूनवू क्वोन और ह्योन चुंग ने भारत के शीर्ष दो सिंगल्स खिलाड़ियों के विरुद्ध एक ही दिन शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की। गौरतलब है कि डेविस कप क्वालीफायर में एक ही दिन में दोनों सिंगल्स मैच गँवाना भारत के लिए टाई को बेहद कठिन बना देता है, क्योंकि शेष तीन मैचों में भारत को तीनों जीतने होंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टेनिस दल डेविस कप में अपनी छाप छोड़ने की कोशिश कर रहा है और दोनों खिलाड़ियों ने बढ़त बनाने के बावजूद मुकाबले अपने हाथ से जाने दिए — जो रणनीतिक और मानसिक कमज़ोरी की ओर इशारा करता है।
भारत के लिए आगे की राह
शनिवार, 19 सितंबर को टाई के दूसरे दिन की शुरुआत डबल्स मैच से होगी, जिसके बाद दो रिवर्स सिंगल्स मैच खेले जाएंगे। भारत को क्वार्टर फाइनल की उम्मीद बरकरार रखने के लिए तीनों शेष मुकाबले जीतने होंगे। कोरिया को, दूसरी ओर, केवल एक जीत की आवश्यकता है।
यह टाई भारत के लिए उच्च दबाव वाले क्षणों में मानसिक दृढ़ता की परीक्षा बनकर सामने आई है। डबल्स में भारतीय जोड़ी का प्रदर्शन टाई की दिशा तय कर सकता है।