एशियन डबल्स स्क्वैश: अभय-वेलावन ने दक्षिण कोरिया को 11-7, 11-10 से हराया, टाइटल बचाव की धमाकेदार शुरुआत
सारांश
मुख्य बातें
अभय सिंह और वेलावन सेंथिलकुमार की टॉप सीड भारतीय जोड़ी ने 18 जून को सारावाक, मलेशिया में जारी तीसरी एशियन डबल्स स्क्वैश चैंपियनशिप में अपने खिताब के बचाव की शानदार शुरुआत की। पूल-ए के अपने पहले मुकाबले में इस जोड़ी ने दक्षिण कोरिया के ओह सेओजिन और मिन-वू ली को 11-7, 11-10 से मात देकर अपनी चैंपियनशिप दावेदारी का स्पष्ट संदेश दिया।
मुख्य घटनाक्रम
दूसरे गेम में दक्षिण कोरियाई जोड़ी ने कड़ी चुनौती पेश की और 11-10 के करीबी अंतर तक मुकाबले को खींचा, लेकिन अभय और वेलावन ने अपने बेहतरीन कोर्ट नियंत्रण और तकनीकी कौशल के बल पर जीत सुनिश्चित की। यह जीत टूर्नामेंट में भारत के अभियान की मज़बूत नींव रखती है।
पुरुष वर्ग में पूल-बी में राहुल बैथा और सूरज चंद की जोड़ी ने सिंगापुर के सैमुअल क्वेक वेई यी और जस्टिन याप को 11-3, 11-3 से आसानी से हराया। हालाँकि, उन्हें जापान के नाओकी हयाशी और रेन माकिनो की जोड़ी के हाथों 8-11, 11-8, 6-11 से करीबी तीन-गेम के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
मिक्स्ड और महिला वर्ग में भारत का दबदबा
मिक्स्ड डबल्स में दूसरी सीड वेलावन सेंथिलकुमार और जोशना चिनप्पा की जोड़ी ने पूल-बी में चीनी ताइपे की कॉर्डेलिया सू और पैन होंग रुई को 11-2, 11-3 से एकतरफा अंदाज़ में पराजित किया।
महिला डबल्स में दूसरी सीड जोशना चिनप्पा और राधिका सीलन की जोड़ी ने पहले दिन छह टीमों वाले पूल-बी में अपने तीनों मुकाबले जीतकर शीर्ष स्थान पर कब्ज़ा जमाया। उन्होंने सिंगापुर की जयना लिम और जैसिंथा हान को 11-5, 11-5 से, जापान की सुगीमोटो रिसा और एरिसा सानो को 11-9, 11-8 से, और हमवतन जेनेट विधि व पूजा आरती को 11-5, 11-8 से हराया।
सातवीं सीड जेनेट विधि और पूजा आरती ने भी दिन के शेष दो मैच जीते। उन्होंने ऊँची रैंकिंग वाली सुगीमोटो और एरिसा को 8-11, 11-4, 11-5 से हराया — इस मुकाबले में जेनेट का कोर्ट मूवमेंट और पूजा के निर्णायक शॉट उल्लेखनीय रहे। इसके बाद इस जोड़ी ने सिंगापुर की वाई लिन औ योंग और नाइशा सिंह को भी 9-11, 11-6, 11-8 से मात दी।
पिछले साल का इतिहास और इस बार का संदर्भ
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भारत ने तीनों वर्गों — पुरुष, महिला और मिक्स्ड डबल्स — में खिताब जीते थे। तब अभय सिंह और अनाहत सिंह ने मिक्स्ड टाइटल अपने नाम किया था, जबकि अनाहत ने अनुभवी जोशना चिनप्पा के साथ मिलकर महिला वर्ग का खिताब भी जीता था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय स्क्वैश एशियाई स्तर पर लगातार अपनी पकड़ मज़बूत कर रहा है।
इस बार युवा खिलाड़ी अनाहत सिंह मलेशिया में भाग नहीं ले रही हैं। वे अगले महीने कनाडा में होने वाली वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप की तैयारी में जुटी हैं।
आगे क्या
अभय-वेलावन की जोड़ी पूल-ए में अपने अगले मुकाबलों में उतरेगी, जहाँ उनका लक्ष्य नॉकआउट चरण में शीर्ष स्थान के साथ प्रवेश करना होगा। भारत की सभी तीन जोड़ियाँ अपने-अपने वर्गों में खिताब की प्रबल दावेदार बनकर उभरी हैं।