जम्मू में अखबार हॉकर दीपक शर्मा की घर के अंदर गोली मारकर हत्या, पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू के रेशमगढ़ कॉलोनी में 17 सितंबर 2026 को एक 35 वर्षीय अखबार हॉकर दीपक शर्मा की उनके घर के भीतर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिजनों के अनुसार, दोपहर के समय एक अज्ञात हमलावर घर में घुसा और शर्मा के माथे पर गोली दाग दी। पुलिस ने संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
परिजनों के मुताबिक घटना दोपहर के वक्त हुई जब एक अज्ञात हमलावर दीपक शर्मा के घर में दाखिल हुआ और उन्हें माथे पर गोली मार दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र करने का काम शुरू किया।
अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित के शव को पोस्टमार्टम के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया है। गोलीबारी की परिस्थितियों और हमलावर की पहचान का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस ने इस हत्या की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच टीम घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ और विवरण सामने आएगा।
हमलावर की पहचान और उसके भागने का मार्ग अभी तक अज्ञात है। पुलिस ने इलाके में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के आधार पर सुराग खंगालने शुरू कर दिए हैं।
जम्मू में अपराध की पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जम्मू शहर में हाल के दिनों में संगठित अपराध, चोरी और आर्थिक अपराधों की कई घटनाएं सामने आई हैं। गौरतलब है कि जम्मू पुलिस ने हाल ही में अरनिया में गोलीबारी की घटना के बाद 'खौफ गैंग' के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिस ऑपरेशन में कई हथियार और जिंदा कारतूस बरामद हुए।
मीरान साहिब जैसे उपनगरीय इलाकों में घरों में सेंधमारी और सोने की चोरी जैसी संपत्ति से जुड़ी वारदातें भी सामने आई हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा फर्जी केवाईसी दस्तावेज और सरकारी नौकरी के फर्जी रैकेट समेत वित्तीय घोटालों की जांच में सक्रिय है।
स्थानीय सुरक्षा परिदृश्य
जम्मू पुलिस पूरे इलाके में नशे के खिलाफ नियमित अभियान चलाती रही है — टीमें नाकेबंदी और टारगेटेड रेड के जरिए तस्करों की गिरफ्तारी करती हैं। पार्किंग विवाद जैसे छोटे-से-लगने वाले झगड़ों के बाद हुई गोलीबारी पर भी त्वरित कार्रवाई के उदाहरण सामने आए हैं।
पुलिस ने हाल ही में डोमाना में हत्या के प्रयास का मामला सीसीटीवी और तकनीकी निगरानी की मदद से सुलझाया, जिसमें कानून से टकराव वाले कई नाबालिग शामिल थे। इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में दीपक शर्मा की हत्या ने एक बार फिर शहरी इलाकों में नागरिक सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार जांच जारी है और हमलावर की शिनाख्त के लिए सभी उपलब्ध तकनीकी संसाधन झोंके गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद घटनाक्रम और स्पष्ट होने की उम्मीद है। इस मामले में जल्द गिरफ्तारी होती है या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि जांच में कितनी तेज़ी से ठोस सुराग मिलते हैं।