डेविस कप 2026: सोल में साउथ कोरिया से भिड़ेगा भारत, नागल-भांबरी की जोड़ी पर दारोमदार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय टेनिस टीम 18 और 19 सितंबर को सोल के ओलंपिक टेनिस सेंटर के हार्ड कोर्ट पर साउथ कोरिया के खिलाफ डेविस कप क्वालीफायर के दूसरे दौर में उतरेगी। टीम की सिंगल्स की बागडोर वर्ल्ड नंबर 235 सुमित नागल के हाथों में होगी, जबकि डबल्स में युकी भांबरी (रैंकिंग नंबर 28) की धुरी पर दाँव लगाया जाएगा। यह मुकाबला भारत के लिए इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि 2019 में मौजूदा फॉर्मेट लागू होने के बाद से यह डेविस कप क्वालीफायर के दूसरे दौर में देश की पहली दस्तक होगी।
टीम का गठन और चयन
भारतीय दल में सिंगल्स के लिए सुमित नागल के अलावा दक्षिणेश्वर सुरेश (रैंकिंग नंबर 393) और 19 वर्षीय मानस धामने (रैंकिंग नंबर 362) को शामिल किया गया है। धामने का यह पहला डेविस कप चयन है और उन्हें मुख्य टीम में जगह देना इस दल का सबसे बड़ा बदलाव है। डबल्स में युकी भांबरी, एन श्रीराम बालाजी (डबल्स रैंकिंग नंबर 57) के साथ जोड़ी बनाएंगे। सिद्धार्थ रावत को रिज़र्व और अर्णब पापरकर को अतिरिक्त रिज़र्व खिलाड़ी के रूप में चुना गया है।
नीदरलैंड्स पर जीत की पृष्ठभूमि
अधिकांश खिलाड़ी वही हैं जिन्होंने बेंगलुरु में पहले दौर में नीदरलैंड्स को 3-2 से हराया था। उस टाई में दक्षिणेश्वर सुरेश का प्रदर्शन निर्णायक रहा — उन्होंने वर्ल्ड नंबर 88 जैस्पर डी जोंग को दूसरे सिंगल्स में हराया, भांबरी के साथ डबल्स प्वाइंट जीता और निर्णायक पाँचवें मैच में गाइ डेन ओडेन को हराकर भारत को दूसरे दौर में पहुँचाया। उस जीत की लय को सोल में भी बरकरार रखना भारत की प्राथमिकता होगी।
दाँव पर क्या है
इस टाई को जीतने वाली टीम सीधे नवंबर में इटली के बोलोग्ना में होने वाले डेविस कप 'फाइनल 8' में प्रवेश करेगी। यह भारत के लिए मौजूदा डेविस कप ढाँचे के तहत पहली बार 'फाइनल 8' में पहुँचने का अवसर है। गौरतलब है कि साउथ कोरिया को इस मंच का अनुभव पहले से है — वे 2022 और 2023 में 16 टीमों वाले डेविस कप फाइनल में हिस्सा ले चुके हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ
डेविस कप में भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है — टीम 1966, 1974 और 1987 में तीन बार फाइनल तक पहुँची, हालाँकि ये उपलब्धियाँ पुराने फॉर्मेट में थीं। साउथ कोरिया के साथ भारत का पिछला मुकाबला 2016 में चंडीगढ़ में हुआ था, जब भारत ने एशिया/ओशिनिया ग्रुप-वन टाई में 4-1 से जीत दर्ज की थी। हार्ड कोर्ट की सतह इस बार भारत के लिए एक अतिरिक्त चुनौती पेश करेगी।
भारत की पूरी टीम
मुख्य दल: सुमित नागल, मानस धामने, दक्षिणेश्वर सुरेश, युकी भांबरी, एन श्रीराम बालाजी। रिज़र्व: सिद्धार्थ रावत। अतिरिक्त रिज़र्व: अर्णब पापरकर। सोल की हार्ड कोर्ट पर भारत का यह अभियान देश के टेनिस के नए युग की परीक्षा होगी।