डेविस कप 2026: कोरिया ने भारत को 3-1 से हराया, 'अंतिम 8' का सपना टूटा
सारांश
मुख्य बातें
डेविस कप क्वालीफायर राउंड-2 में 19 सितंबर 2026 को सियोल में खेले गए मुकाबले में कोरिया ने भारत को 3-1 से हराकर नए फॉर्मेट के 'अंतिम 8' में जगह पक्की की। इस हार के साथ ही नए डेविस कप फॉर्मेट में पहली बार नॉकआउट चरण में पहुँचने वाला पहला एशियाई देश बनने का भारत का सपना टूट गया।
मुख्य घटनाक्रम
शुरुआती दोनों सिंगल्स मैच गँवाने के बाद भारत मुश्किल स्थिति में आ गया। दक्षिणेश्वर सुरेश और एन श्रीराम बालाजी की जोड़ी ने डबल्स मैच में कोरियाई जोड़ी को 6-3, 3-6, 6-3 से हराकर मुकाबले में वापसी की उम्मीद जगाई। दूसरा सेट गँवाने के बाद भी भारतीय जोड़ी ने निर्णायक सेट में संयम बनाए रखा, कोरिया की सर्विस तोड़ी और बालाजी को सर्विस करने का मौका मिला — जिसे उन्होंने बेदाग भुनाया।
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में भारत ने नीदरलैंड को हराकर इस मुकाबले तक का सफर तय किया था, जिससे ऐतिहासिक उपलब्धि की उम्मीदें बढ़ गई थीं।
निर्णायक मैच और सुमित नागल की हार
डबल्स जीत के बाद भारत को बचे दोनों सिंगल्स मैच जीतने थे। सुमित नागल पर सबसे बड़ा दबाव था, लेकिन कोरिया के सूनवू क्वोन ने रिवर्स सिंगल्स में शानदार खेल दिखाया। क्वोन ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा — पहला सेट 6-1 से जीता और दूसरे सेट में नागल की वापसी की कोशिशों को नाकाम करते हुए 6-2 से मैच अपने नाम किया। इस जीत के साथ कोरिया ने टाई 3-1 से अपने नाम किया।
कोरिया का ऐतिहासिक क़दम
इस जीत के साथ कोरिया डेविस कप के मौजूदा नए फॉर्मेट में नॉकआउट चरण ('अंतिम 8') के लिए क्वालीफाई करने वाली एशिया की पहली टीम बन गई। यह एशियाई टेनिस के लिए एक ऐतिहासिक पल है। भारत के लिए यह उस मौके को चूकना था जो इस साल की शुरुआत से ही बड़े सपने के रूप में देखा जा रहा था।
भारत का आगे का रास्ता
इस हार के बाद भारत को अब 2027 में क्वालीफायर राउंड-1 से अपना सफर नए सिरे से शुरू करना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टीम ने हाल के वर्षों में डेविस कप में अपनी स्थिति को लगातार मज़बूत किया था।
कप्तान रोहित राजपाल का भविष्य
सियोल की हार के साथ ही रोहित राजपाल के बतौर कप्तान के कार्यकाल पर भी सवालिया निशान खड़ा हो गया है। उनका मौजूदा अनुबंध दिसंबर 2026 तक है और अभी तक इसे आगे बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आने वाले हफ्तों में अखिल भारतीय टेनिस संघ के फैसले पर सभी की नज़रें होंगी।