अमेरिकी टैरिफ पर BJP नेता केदार गुप्ता: 'भारत की विकास गति से घबराया अमेरिका, भारत हर हाल में आगे बढ़ेगा'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता केदार गुप्ता ने 19 सितंबर 2026 को रायपुर में कई राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने अमेरिका के 100 फीसदी टैरिफ को भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत के प्रति अमेरिकी 'घबराहट' का परिणाम बताया और कहा कि भारत इस दबाव के बावजूद अपनी विकास यात्रा जारी रखेगा।
अमेरिकी टैरिफ पर BJP का पक्ष
केदार गुप्ता ने कहा, 'अमेरिका भारत की रफ्तार और विकास से घबराया हुआ है और भारत पर दबाव बनाना चाहता है। इससे पहले भी जब 50 फीसदी टैरिफ लगाया गया था, तब भी भारत आगे बढ़ा और भारत की जीडीपी ग्रोथ सबसे ज्यादा रही।' उन्होंने आगे कहा, 'अमेरिका कितना भी टैरिफ लगाए, भारत लड़कर आगे निकल जाएगा। भारत युवाओं का देश है और हम अपनी क्षमता को समझ चुके हैं।' गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की पृष्ठभूमि में यह बयान आया है, जिसे लेकर देश में व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का बाढ़ पीड़ितों के लिए वेतन दान
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा बिहार मुख्यमंत्री राहत कोष में बाढ़ पीड़ितों के लिए अपने वेतन से ₹6.35 लाख का दान दिए जाने पर गुप्ता ने पार्टी की विचारधारा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'BJP का मुख्य सिद्धांत और विचारधारा यह सुनिश्चित करना है कि समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े आखिरी व्यक्ति तक सुविधाएँ पहुँचें।' उन्होंने पार्टी के जारी 'सेवा संकल्प अभियान' का उल्लेख करते हुए इस दान को प्रेरणादायक बताया।
ममता बनर्जी की सर्वोच्च न्यायालय में याचिका
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर किए जाने पर गुप्ता ने कहा, 'ममता बनर्जी को कानूनी लड़ाई लड़ने का पूरा अधिकार है लेकिन यह तय है कि उनकी पार्टी धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। यह परिणाम ममता बनर्जी के पूर्व में किए गए कर्मों का नतीजा है।'
राहुल गांधी की टिप्पणी पर पलटवार
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के अध्यक्ष राहुल गांधी के इस बयान पर कि BJP अन्य राजनीतिक दलों को समाप्त कर रही है, गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'कर्म के आधार पर भविष्य तय होता है। कांग्रेस अपने आप टूटती रहती है। इंदिरा गांधी के जमाने में भी कांग्रेस टूटी थी। राहुल गांधी को अपने गिरेबान में झाँककर देखना चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और BJP के बीच कई मोर्चों पर सियासी तकरार तेज हो गई है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
केदार गुप्ता की यह प्रतिक्रियाएँ एक साथ कई राष्ट्रीय मुद्दों — व्यापार नीति, राजनीतिक टकराव और दलीय आंतरिक संघर्ष — को एक मंच पर लाती हैं। अमेरिकी टैरिफ के आर्थिक प्रभाव का मूल्यांकन अभी जारी है, जबकि BJP अपने 'सेवा संकल्प अभियान' के ज़रिये ज़मीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने की कोशिश में दिखती है। आने वाले हफ्तों में इन मुद्दों पर संसद और सार्वजनिक बहस और तेज होने की संभावना है।