डेविस कप 2026: सोल में साउथ कोरिया से भिड़ेगा भारत, 'फाइनल-8' की दौड़ में नागल-सुरेश की अहम भूमिका
सारांश
मुख्य बातें
डेविस कप 2026 के क्वालीफायर के दूसरे दौर में भारतीय टेनिस टीम 18-19 सितंबर को सोल के ओलंपिक टेनिस सेंटर में साउथ कोरिया से भिड़ेगी। इस मुकाबले का विजेता नवंबर में इटली के बोलोग्ना में होने वाले प्रतिष्ठित 'फाइनल-8' में जगह पक्की करेगा। भारत के लिए यह मौका ऐतिहासिक है — टीम मौजूदा प्रारूप में अब तक 'फाइनल-8' में प्रवेश नहीं कर सकी है।
मैचों का क्रम और मुख्य मुकाबले
18 सितंबर को पहले दिन दोनों सिंगल्स मैच खेले जाएंगे। वर्ल्ड नंबर 367 पर काबिज दक्षिणेश्वर सुरेश सुबह 10:30 बजे IST क्वोन सून-वू के खिलाफ भारत के अभियान का आगाज़ करेंगे। इसके बाद भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले सिंगल्स खिलाड़ी — वर्ल्ड नंबर 247 — सुमित नागल का सामना पूर्व ऑस्ट्रेलियन ओपन सेमी-फाइनलिस्ट चुंग ह्योन से होगा।
19 सितंबर को सुबह 8:30 बजे IST डबल्स मुकाबला होगा, जिसमें एन श्रीराम बालाजी (रैंकिंग: 49) और निकी कल्यांडा पूनाचा (रैंकिंग: 88) की जोड़ी नाम जी-सुंग और पार्क उई-सुंग से टकराएगी। ज़रूरत पड़ने पर रिवर्स सिंगल्स में नागल और सुरेश फिर उतरेंगे।
युकी भांबरी की अनुपस्थिति और पूनाचा की एंट्री
भारत को एक बड़ा झटका तब लगा जब प्रमुख डबल्स खिलाड़ी युकी भांबरी को जांघ की चोट के कारण टीम से बाहर होना पड़ा। उनकी जगह निकी कल्यांडा पूनाचा को टीम में शामिल किया गया, जो बालाजी के साथ डबल्स की ज़िम्मेदारी संभालेंगे। यह बदलाव टीम की रणनीति पर असर डाल सकता है, क्योंकि भांबरी डेविस कप के अनुभवी खिलाड़ी रहे हैं।
भारत की हालिया फॉर्म और हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
भारत यह मुकाबला उत्साह के साथ खेलने उतरेगा। फरवरी 2026 में बेंगलुरु में खेले गए पहले दौर में भारत ने नीदरलैंड्स को रोमांचक मुकाबले में 3-2 से हराया था। उस जीत में दक्षिणेश्वर सुरेश की भूमिका केंद्रीय रही — उन्होंने तीनों जीतों में भाग लिया और निर्णायक पाँचवाँ मैच जीतकर टीम को आगे पहुँचाया।
साउथ कोरिया ने भी पहले दौर में बुसान में अर्जेंटीना को 3-2 से हराकर यहाँ तक का सफर तय किया है। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड की बात करें तो कोरियाई टीम 6-5 से आगे है, हालाँकि भारत ने पिछले दो द्विपक्षीय डेविस कप मुकाबलों में जीत दर्ज की है। इसमें 2016 में चंडीगढ़ में मिली 4-1 की बड़ी जीत भी शामिल है।
ऐतिहासिक संदर्भ और 'फाइनल-8' का महत्व
भारत डेविस कप में 1966, 1974 और 1987 में तीन बार फाइनल तक पहुँचा है और उपविजेता रहा है। लेकिन टूर्नामेंट के मौजूदा 'फाइनल-8' प्रारूप में भारत अब तक शीर्ष आठ में जगह नहीं बना सका। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टेनिस में युवा प्रतिभाएँ तेज़ी से उभर रही हैं और टीम की गहराई पहले से बेहतर दिखती है। गौरतलब है कि डेविस कप रैंकिंग में भारत 19वें और साउथ कोरिया 16वें स्थान पर है, यानी यह बराबरी का मुकाबला है।
दोनों टीमें और शेड्यूल
भारत: सुमित नागल, दक्षिणेश्वर सुरेश, मानस धामने, एन श्रीराम बालाजी, निकी कल्यांडा पूनाचा; कप्तान: रोहित राजपाल।
साउथ कोरिया: क्वोन सून-वू, चुंग ह्योन, होंग सोंग-चान, नाम जी-सुंग, पार्क उई-सुंग; कप्तान: जियोंग जोंग-साम।
अगर भारत इस सीरीज़ को जीतने में सफल रहा, तो यह देश के टेनिस इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी — और 'फाइनल-8' की वह सीट मिलेगी जिसका इंतज़ार दशकों से है।