17 सितंबर 2026
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भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े का अवध-पूर्वांचल दौरा शुरू, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी पर फोकस

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भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े का अवध-पूर्वांचल दौरा शुरू, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी पर फोकस

सारांश

2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की जमीनी मशीनरी को सक्रिय करने के मिशन पर विनोद तावड़े निकले हैं — गोरखपुर से प्रयागराज तक बूथ-दर-बूथ समीक्षा, हारे हुए बूथों का पोस्टमार्टम और संभावित उम्मीदवारों की पड़ताल। यह दौरा 2024 की हार के घावों पर मरहम लगाने की भाजपा की सबसे बड़ी कवायद है।

मुख्य बातें

विनोद तावड़े ने 17 सितंबर 2026 को अवध और पूर्वांचल के कई जिलों का सप्ताहभर का दौरा शुरू किया।
18 अगस्त 2026 को यूपी प्रभारी बनाए जाने के बाद तावड़े का यह राज्य का तीसरा दौरा है।
17-18 सितंबर को गोरखपुर , 19-20 सितंबर को अवध क्षेत्र और 21-22 सितंबर को प्रयागराज में बैठकें प्रस्तावित हैं।
दौरे में 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा द्वारा हारे गए बूथों की समीक्षा और संभावित उम्मीदवारों पर फीडबैक शामिल है।
तावड़े ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 'पीडीए' नारे को 'पराया धन अपना' बताते हुए हमला बोला।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश के चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को अवध और पूर्वांचल क्षेत्र के कई जिलों का सप्ताहभर का दौरा शुरू किया। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की जमीनी तैयारी को धार देने की दृष्टि से यह दौरा पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है।

दौरे की पृष्ठभूमि

18 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किए जाने के बाद तावड़े का यह राज्य का तीसरा दौरा है। बुधवार को लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय समन्वय बैठक के ठीक एक दिन बाद उन्होंने जिलास्तरीय जमीनी गतिविधियों का आगाज़ किया। दौरे से पहले तावड़े ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तावड़े ने लिखा, 'यूपी की रफ्तार रहेगी बरकरार; तीसरी बार बनेगी एनडीए सरकार।' इस संदेश को पार्टी के आत्मविश्वास का संकेत माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

पार्टी सूत्रों के अनुसार, 17 और 18 सितंबर को गोरखपुर में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा द्वारा गँवाए गए बूथों की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि उन कमज़ोरियों को समय रहते दूर किया जा सके।

19 और 20 सितंबर को तावड़े अवध क्षेत्र पहुँचेंगे, जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठकें होंगी। इसके बाद 21 और 22 सितंबर को प्रयागराज में काशी क्षेत्र की चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए बैठकें आयोजित की जाएंगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों में क्षेत्र से लेकर जिला स्तर तक के कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

विधायकों का फीडबैक और उम्मीदवारों की पड़ताल

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, दौरे के दौरान विधायकों के प्रदर्शन को लेकर ज़मीनी फीडबैक जुटाया जाएगा। साथ ही संभावित पार्टी उम्मीदवारों के बारे में भी जानकारी एकत्र की जाएगी। यह प्रक्रिया उन सीटों पर खासतौर पर होगी, जहाँ पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा था।

गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भाजपा 2024 के आम चुनाव में उत्तर प्रदेश में अपेक्षा से कम सीटें जीतने के बाद संगठन को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी है।

विपक्ष पर तावड़े का हमला

तावड़े ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के 'पीडीए' नारे पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने 'पीडीए' का अर्थ 'पराया धन अपना' बताते हुए कहा, 'हम सपा-पीडीए के नारों को हराएंगे। एनडीए ऐसा कभी नहीं होने देगा।' इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के मार्गदर्शन में राज्य में एनडीए कार्यकर्ता आगामी विधानसभा चुनाव पूरे उत्साह के साथ लड़ेंगे।

आगे क्या होगा

सप्ताहभर के इस दौरे के बाद तावड़े द्वारा एकत्र किए गए फीडबैक के आधार पर भाजपा की केंद्रीय नेतृत्व टीम 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति को परिष्कृत करेगी। पार्टी के लिए अवध और पूर्वांचल दोनों ही क्षेत्र राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं और इन्हें यूपी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने वाले क्षेत्र माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह दौरा महज़ संगठनात्मक दिखावे तक सीमित रहेगा — जैसा अतीत में कई बार हुआ है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विनोद तावड़े का अवध-पूर्वांचल दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दौरा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की जमीनी तैयारी का हिस्सा है। तावड़े बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से मिलकर 2024 लोकसभा चुनाव में हारे गए बूथों की समीक्षा और संभावित उम्मीदवारों पर फीडबैक जुटाएंगे।
विनोद तावड़े को यूपी का चुनाव प्रभारी कब बनाया गया?
विनोद तावड़े को 18 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया था। यह सितंबर 2026 का दौरा उनका राज्य का तीसरा दौरा है।
तावड़े के दौरे का पूरा कार्यक्रम क्या है?
17-18 सितंबर को गोरखपुर में बूथ स्तरीय बैठकें, 19-20 सितंबर को अवध क्षेत्र और 21-22 सितंबर को प्रयागराज में काशी क्षेत्र की रणनीतिक बैठकें प्रस्तावित हैं।
तावड़े ने सपा के 'पीडीए' नारे पर क्या कहा?
तावड़े ने 'पीडीए' का अर्थ 'पराया धन अपना' बताते हुए सपा और अखिलेश यादव पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एनडीए ऐसा कभी नहीं होने देगा और 2027 में तीसरी बार एनडीए सरकार बनेगी।
भाजपा का 2027 यूपी चुनाव में क्या लक्ष्य है?
भाजपा का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में तीसरी बार एनडीए सरकार बनाना है। इसके लिए पार्टी 2024 लोकसभा चुनाव में कमज़ोर पड़े बूथों की पहचान कर जमीनी संगठन को मजबूत करने में जुटी है।
राष्ट्र प्रेस
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