26 जून 2026
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यूपी 2027 चुनाव: भाजपा ने लखनऊ में नवनियुक्त पदाधिकारियों संग बनाई बूथ-स्तरीय रणनीति

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यूपी 2027 चुनाव: भाजपा ने लखनऊ में नवनियुक्त पदाधिकारियों संग बनाई बूथ-स्तरीय रणनीति

सारांश

यूपी 2027 की तैयारी में भाजपा ने लखनऊ में नवनियुक्त पदाधिकारियों की पहली बैठक बुलाई — बूथ-स्तरीय संगठन, सरकारी योजनाओं का प्रचार और सपा के पीडीए एजेंडे का मुकाबला, तीनों मोर्चों पर एक साथ रणनीति बनाई गई।

मुख्य बातें

26 जून 2026 को लखनऊ में भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों और मोर्चा अध्यक्षों की परिचयात्मक बैठक आयोजित हुई।
राज्य महासचिव राजेश चौधरी , अभिजात मिश्रा और राज्य मंत्री किरण लोधी निषाद ने बैठक में संगठनात्मक रणनीति पर विचार रखे।
बैठक का मुख्य लक्ष्य 2027 विधानसभा चुनाव के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना है।
भाजपा नेताओं ने सपा के पीडीए एजेंडे को 'केवल राजनीतिक नारा' बताते हुए उसे खारिज किया।
केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने का अभियान चलाने की घोषणा की गई।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को रफ्तार देते हुए 26 जून 2026 को लखनऊ में नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों की एक परिचयात्मक बैठक आयोजित की। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने और आगामी चुनावी कार्ययोजना की रूपरेखा तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुआ

इस परिचयात्मक बैठक में प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को मार्गदर्शन दिया। राज्य महासचिव राजेश चौधरी, राज्य महासचिव अभिजात मिश्रा और राज्य मंत्री किरण लोधी निषाद ने पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों, विपक्ष की रणनीति और भाजपा के ढाँचे पर अपने विचार रखे। राजेश चौधरी ने कहा, 'संगठन की मजबूती के लिए सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का एकजुट होना जरूरी है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि आगामी बैठकों में विस्तृत रणनीति के साथ बूथ स्तर तक काम किया जाएगा।

पीडीए मुद्दे पर भाजपा का पलटवार

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा लगातार उठाए जा रहे पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मुद्दे पर राजेश चौधरी ने दावा किया कि यह राजनीति अधिक दिनों तक नहीं चलेगी। उन्होंने कहा, 'समाज को जाति और वर्गों में बाँटकर सत्ता की राजनीति करने वालों को प्रदेश और देश की जनता मुँहतोड़ जवाब देगी।' राज्य मंत्री किरण लोधी निषाद ने भी सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि 'पीडीए केवल एक राजनीतिक नारा है', जबकि भाजपा का संगठन समाज के हर वर्ग को वास्तविक रूप से जोड़ता है।

संगठनात्मक कार्ययोजना

राज्य महासचिव अभिजात मिश्रा ने बैठक को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि 'हमारा लक्ष्य 2027 का विधानसभा चुनाव है। उसी को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक कार्ययोजना बनाई जाएगी और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियाँ दी जाएंगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वाली पार्टी नहीं है, बल्कि वर्षभर जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों में लगी रहती है।

विकास और जनकल्याण का एजेंडा

किरण लोधी निषाद ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि 'पिछले एक दशक में हुए विकास कार्यों के कारण जनता का भरोसा भाजपा पर लगातार बढ़ा है।' अभिजात मिश्रा ने भी कहा कि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को मजबूत किया जाएगा और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।

आगे क्या होगा

यह परिचयात्मक बैठक भाजपा की 2027 चुनावी तैयारियों की श्रृंखला की पहली कड़ी बताई जा रही है। आगामी बैठकों में विस्तृत क्षेत्रवार रणनीति तय की जाएगी और प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ निर्धारित होंगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है, और भाजपा के साथ-साथ सपा भी अपनी तैयारियाँ तेज कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय महत्वपूर्ण है — सपा का पीडीए आख्यान यूपी की राजनीति में तेजी से जगह बना रहा है और भाजपा इसे गंभीरता से ले रही है। नेताओं के बयान आश्वस्त करने वाले हैं, परंतु बूथ-स्तरीय मजबूती का दावा हर चुनाव से पहले दोहराया जाता है — असली परीक्षा यह है कि क्या नवनियुक्त पदाधिकारी वास्तव में जमीन पर उतरते हैं। पीडीए को 'केवल नारा' कहना भाजपा की रणनीतिक चुनौती को कम नहीं करता, क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में सपा की सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि इस गठबंधन की ताकत को दर्शाती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा की यूपी 2027 चुनाव रणनीति बैठक में क्या तय हुआ?
26 जून 2026 को लखनऊ में हुई इस परिचयात्मक बैठक में नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों और मोर्चा अध्यक्षों ने एक-दूसरे से परिचय किया और 2027 विधानसभा चुनाव की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करना और सरकारी योजनाओं का प्रचार मुख्य एजेंडा रहा।
भाजपा ने सपा के पीडीए मुद्दे पर क्या कहा?
राज्य महासचिव राजेश चौधरी ने दावा किया कि पीडीए की राजनीति अधिक दिनों तक नहीं चलेगी और 2027 में जनता इसका जवाब देगी। राज्य मंत्री किरण लोधी निषाद ने इसे 'केवल राजनीतिक नारा' बताते हुए सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाया।
भाजपा यूपी में बूथ स्तर पर संगठन कैसे मजबूत करेगी?
पार्टी नेताओं के अनुसार आगामी बैठकों में प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियाँ सौंपी जाएंगी। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने का अभियान भी चलाया जाएगा।
इस बैठक में कौन-कौन से भाजपा नेता शामिल थे?
बैठक में राज्य महासचिव राजेश चौधरी, राज्य महासचिव अभिजात मिश्रा और राज्य मंत्री किरण लोधी निषाद प्रमुख रूप से शामिल थे। प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री ने भी पदाधिकारियों को मार्गदर्शन दिया।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 कब होंगे?
उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 2027 में समाप्त होता है और चुनाव वर्ष की शुरुआत में होने की संभावना है। भाजपा और सपा दोनों ही दल अभी से अपनी-अपनी तैयारियाँ तेज कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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