UP विधानसभा चुनाव 2027: लखनऊ में NDA की रणनीतिक बैठक, 403 सीटों पर 2022 से बड़ी जीत का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 5 जुलाई को लखनऊ दौरे के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों के नेताओं और भाजपा पदाधिकारियों के साथ अहम बैठकें कीं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को केंद्र में रखकर हुई इन बैठकों में संगठनात्मक मजबूती, गठबंधन के भीतर समन्वय और 2022 से अधिक सीटें जीतने के लक्ष्य पर विस्तृत मंथन किया गया।
बैठक में क्या हुआ
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अलग-अलग समूहों में पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और NDA सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में चुनावी रणनीति के साथ-साथ सरकार की उपलब्धियों और रिपोर्ट कार्ड को जनता तक पहुँचाने की योजना पर भी चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब 2027 के विधानसभा चुनाव में अभी लगभग डेढ़ वर्ष शेष हैं और गठबंधन जमीनी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा अपने NDA सहयोगियों को साथ लेकर चलने और उनकी चिंताओं का समाधान करने में विश्वास रखती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमित संवाद और आपसी तालमेल ही गठबंधन की असली ताकत है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा को एक कैडर-आधारित पार्टी बताते हुए कहा कि जनसंघ के समय से आज तक संगठन की सबसे बड़ी शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं।
सहयोगी दलों की राय
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि यह नितिन नवीन की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उत्तर प्रदेश की पहली यात्रा थी। उन्होंने कहा कि NDA प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ेगा और गठबंधन का लक्ष्य समाजवादी पार्टी को हराकर पहले से अधिक सीटें जीतना है।
निषाद पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री संजय निषाद ने सीट बंटवारे के सवाल पर कहा कि उनकी प्राथमिकता सीटों की संख्या नहीं, बल्कि गठबंधन की जीत है। अपना दल (एस) के नेता और मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि बैठक का माहौल पूरी तरह सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण रहा तथा फिलहाल सीट बंटवारे पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पार्टी पिछले 12 वर्षों से NDA का हिस्सा है।
राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने कहा कि सीट बंटवारे पर अंतिम निर्णय उचित समय पर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ सीटों पर भाजपा का चुनाव चिह्न कमल होगा, जबकि अन्य सीटों पर सहयोगी दल अपने-अपने चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरेंगे।
आम जनता और विपक्ष पर असर
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव में NDA ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। अब गठबंधन उस आधार को और विस्तार देने की कोशिश में है। समाजवादी पार्टी को मुख्य प्रतिद्वंद्वी मानते हुए NDA की रणनीति हर सीट को 'जीतने योग्य' बनाने पर केंद्रित है। विपक्षी दलों ने अभी तक इस बैठक पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
आगे क्या होगा
सभी सहयोगी दलों ने संकेत दिया है कि जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आएंगे, सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा होगी। फिलहाल पूरा गठबंधन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 2027 विधानसभा चुनाव में 2022 से बड़ी जीत दर्ज करने के संकल्प के साथ संगठनात्मक तैयारियों में जुटा है।