UP 2027 चुनाव: भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ में NDA सहयोगियों संग किया रणनीतिक मंथन, 403 सीटें जीतने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार, 5 जुलाई को लखनऊ में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों के नेताओं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग दौर की बैठकें कर उत्तर प्रदेश 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति को धार दी। बैठकों में सीट बंटवारे की बजाय सभी 403 विधानसभा सीटों पर जीत सुनिश्चित करने और 2017 से भी बड़ी जीत दर्ज करने के लक्ष्य पर केंद्रित चर्चा हुई।
मुख्य घटनाक्रम
नितिन नवीन ने सबसे पहले होटल ताज, लखनऊ में NDA सहयोगी दलों के नेताओं से मुलाकात की। इस बैठक में निषाद पार्टी के अध्यक्ष एवं मंत्री संजय निषाद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख एवं मंत्री ओम प्रकाश राजभर, अपना दल (एस) के नेता एवं मंत्री आशीष पटेल तथा राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) की ओर से त्रिलोक त्यागी शामिल हुए। इसके बाद नवीन ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ अलग बैठक कर प्रदेश के राजनीतिक हालात, संगठन और सामाजिक समीकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
पूर्व प्रदेश अध्यक्षों की बैठक में भूपेंद्र सिंह चौधरी, स्वतंत्र देव सिंह, महेंद्रनाथ पांडेय, सूर्य प्रताप शाही, रमापति राम त्रिपाठी, लक्ष्मीकांत बाजपेयी और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य उपस्थित रहे। हालाँकि, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार इस बैठक में शामिल नहीं हुए। जब पत्रकारों ने मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से इस अनुपस्थिति पर सवाल किया, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
सहयोगी दलों की प्रतिक्रिया
संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि NDA का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश में पहले से भी बड़ी ऐतिहासिक जीत दर्ज करने पर है। उन्होंने कहा, 'सभी सहयोगी दल इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि प्रत्येक विधानसभा सीट को जीतने वाली सीट कैसे बनाया जाए। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, चुनावी विषयों पर चर्चा स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ेगी।' ओम प्रकाश राजभर ने भी सीट बंटवारे की चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि हर बैठक में केवल जीत की रणनीति पर चर्चा हुई और चौरी-चौरा सीट या किसी अन्य सीट को लेकर कोई विमर्श नहीं हुआ।
भाजपा नेताओं का रुख
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा 2027 में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता गुंडाराज, माफियाराज, दंगों और वंशवादी राजनीति की बजाय विकास, सुशासन और सुरक्षा के पक्ष में खड़ी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने इस दौरे को पूरी तरह संगठनात्मक प्रवास बताया और कहा कि पार्टी पदाधिकारियों को सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने का मंत्र दिया गया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उसका एजेंडा समाज को जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर बाँटना है। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा कार्यकर्ता को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि वह जातिवाद और वंशवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद की भावना के साथ काम करता है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव अभी करीब डेढ़ साल दूर हैं, लेकिन भाजपा और उसके सहयोगी दल जमीनी तैयारियों को अभी से अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। गौरतलब है कि 2017 में भाजपा ने 403 में से 312 सीटें जीती थीं और 2022 में 255 सीटें हासिल की थीं। 403 सीटें जीतने का लक्ष्य इस लिहाज से अत्यंत महत्वाकांक्षी है। आने वाले महीनों में सीट बंटवारे की बातचीत तेज होने की संभावना है।