ब्रिक्स महिला वर्किंग ग्रुप बैठक 6-7 जुलाई को कोच्चि में, महिला नेतृत्व विकास पर होगी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत 6 और 7 जुलाई को केरल के कोच्चि में महिला वर्किंग ग्रुप (WWG) की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह बैठक 8-9 जुलाई को होने वाली ब्रिक्स महिला मंत्री-स्तरीय बैठक के लिए एक ठोस आधार तैयार करेगी।
बैठक का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
कोच्चि में होने वाली यह बैठक तीन पूर्व-आयोजित वर्चुअल प्रारंभिक बैठकों की व्यापक चर्चाओं पर आधारित है, जिन्होंने सदस्य देशों को आपसी संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर दिया। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वरिष्ठ अधिकारी 'सभी क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तिकरण और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने और साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ आएंगे।'
ब्रिक्स की वैश्विक ताकत और महिला ट्रैक का महत्व
ब्रिक्स में कुल 11 देश शामिल हैं — ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)। ये देश मिलकर वैश्विक GDP का लगभग 40 प्रतिशत और विश्व जनसंख्या का करीब 49.5 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं। इस विशाल जनसंख्या में महिलाओं की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक भागीदारी सीधे तौर पर वैश्विक विकास को प्रभावित करती है, जिससे 'महिला ट्रैक' इस वर्ष की ब्रिक्स प्राथमिकताओं में रणनीतिक रूप से केंद्रीय बन गया है।
चार प्राथमिकता क्षेत्र
भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' है। इस ढाँचे के तहत ब्रिक्स महिला ट्रैक ने चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है:
पहला, शासन और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी। दूसरा, डिजिटल और वित्तीय समावेशन। तीसरा, उद्यमिता और कौशल विकास। चौथा, जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और पोषण में महिलाओं की भूमिका। ये क्षेत्र उन बाधाओं को संबोधित करते हैं जो ब्रिक्स देशों में महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को सीमित करती हैं।
मंत्री-स्तरीय बैठक की ओर
वर्किंग ग्रुप की कोच्चि बैठक का सीधा उद्देश्य 8-9 जुलाई को होने वाली मंत्री-स्तरीय बैठक के लिए सिफारिशें और आम सहमति के बिंदु तैयार करना है। इस बैठक से व्यावहारिक सहयोग और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के प्रति ब्रिक्स सदस्य देशों की साझा प्रतिबद्धता को और मज़बूत करने की उम्मीद है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर महिला नेतृत्व और लैंगिक समानता के एजेंडे को बहुपक्षीय मंचों पर अधिक स्थान मिल रहा है। ब्रिक्स के भीतर 'महिला ट्रैक' की यह पहल संकेत देती है कि भारत अपनी अध्यक्षता में समावेशी विकास को केंद्र में रखना चाहता है। मंत्री-स्तरीय बैठक के नतीजे ब्रिक्स के वार्षिक शिखर सम्मेलन की प्राथमिकताओं को भी आकार दे सकते हैं।