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11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक 25-26 जून को गुरुग्राम में, भारत करेगा मेजबानी

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11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक 25-26 जून को गुरुग्राम में, भारत करेगा मेजबानी

सारांश

भारत 25-26 जून 2026 को गुरुग्राम में 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा — यह उसकी चौथी ब्रिक्स अध्यक्षता है। 'सर्वेषां ऊर्जम्' विषय के तहत 11 देश ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देंगे।

मुख्य बातें

भारत 25-26 जून 2026 को गुरुग्राम, हरियाणा में 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा।
यह भारत की चौथी ब्रिक्स अध्यक्षता है; इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी यह भूमिका निभाई।
ऊर्जा ट्रैक का विषय 'सर्वेषां ऊर्जम्' (सभी के लिए ऊर्जा) है, जो सार्वभौमिक ऊर्जा पहुँच पर केंद्रित है।
ब्रिक्स के 11 सदस्य देश विश्व की लगभग आधी आबादी और वैश्विक जीडीपी के 40% का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भारत ने पिछले एक दशक में सौर ऊर्जा क्षमता 50 गुना से अधिक बढ़ाई और 6 करोड़+ स्मार्ट मीटर लगाए।
2032 तक 410 गीगावाट घंटे की ऊर्जा भंडारण क्षमता का लक्ष्य निर्धारित।

भारत 25-26 जून 2026 को गुरुग्राम, हरियाणा में 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत आयोजित इस बैठक में सभी 11 ब्रिक्स सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता और नवाचार पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एकत्र होंगे। विद्युत मंत्रालय ने 21 जून 2026 को यह जानकारी दी।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता और विषय

यह भारत की चौथी ब्रिक्स अध्यक्षता है — इससे पहले वह 2012, 2016 और 2021 में भी यह जिम्मेदारी निभा चुका है। 2026 की अध्यक्षता का व्यापक विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण (ब्रिक्स)' है। ऊर्जा ट्रैक के अंतर्गत भारत ने 'सर्वेषां ऊर्जम्' (सभी के लिए ऊर्जा) विषय को अपनाया है, जो सार्वभौमिक ऊर्जा पहुँच के प्रति ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

ब्रिक्स का वैश्विक प्रतिनिधित्व

वर्तमान में ब्रिक्स में 11 देश शामिल हैं — ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात। ये देश मिलकर विश्व की लगभग आधी आबादी और वैश्विक जीडीपी के करीब 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया भर के देश जलवायु परिवर्तन, तकनीकी बदलाव और बढ़ती ऊर्जा माँग की चुनौतियों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, किफायती दाम और स्थिरता का संतुलन बनाने में जुटे हैं।

भारत का ऊर्जा एजेंडा

विद्युत मंत्रालय के अनुसार, ब्रिक्स ऊर्जा एजेंडे की प्राथमिकताएँ भारत के सतत विकास पथ से गहराई से मेल खाती हैं। भारत का यह पथ बढ़ती ऊर्जा माँग को पूरा करने, ऊर्जा सुरक्षा और पहुँच को बेहतर बनाने, ग्रिड सुदृढ़ीकरण, आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने और ऊर्जा मिश्रण में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने पर केंद्रित है। मंत्रालय ने बताया कि बिजली के तीसरे सबसे बड़े उत्पादक और उपभोक्ता के रूप में भारत, सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ ऊर्जा को अपने विकसित भारत 2047 विजन की आधारशिला मानता है।

भारत की ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियाँ

पिछले एक दशक में भारत ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को 50 गुना से अधिक बढ़ाया है और 6 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए हैं। इसके अलावा, देश ने 2032 तक 410 गीगावाट घंटे की ऊर्जा भंडारण क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह बैठक भारत को इन उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली के निर्माण में अपनी भूमिका को रेखांकित करने का अवसर देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचकों का कहना है कि ग्रामीण ऊर्जा पहुँच और ग्रिड स्थिरता की चुनौतियाँ अभी भी अनसुलझी हैं। 'सर्वेषां ऊर्जम्' जैसे संस्कृत विषय का चुनाव भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को दर्शाता है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या इस बैठक से ब्रिक्स देशों के बीच ठोस, बाध्यकारी ऊर्जा सहयोग समझौते उभरते हैं या यह केवल घोषणाओं तक सीमित रह जाती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक कब और कहाँ होगी?
यह बैठक 25-26 जून 2026 को गुरुग्राम, हरियाणा में आयोजित होगी। इसकी मेजबानी भारत 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत कर रहा है।
इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, किफायती ऊर्जा पहुँच और नवाचार पर सहयोग प्रमुख एजेंडे में हैं। भारत का ऊर्जा विषय 'सर्वेषां ऊर्जम्' सार्वभौमिक ऊर्जा पहुँच पर केंद्रित है।
ब्रिक्स में अभी कितने देश हैं और उनका वैश्विक प्रभाव क्या है?
वर्तमान में ब्रिक्स में 11 देश हैं — ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात। ये देश मिलकर विश्व की लगभग आधी आबादी और वैश्विक जीडीपी के करीब 40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में भारत की क्या उपलब्धियाँ हैं?
पिछले एक दशक में भारत ने सौर ऊर्जा क्षमता 50 गुना से अधिक बढ़ाई है और 6 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए हैं। देश ने 2032 तक 410 गीगावाट घंटे की ऊर्जा भंडारण क्षमता का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 का विषय क्या है?
2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता का व्यापक विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण (ब्रिक्स)' है। ऊर्जा ट्रैक के लिए भारत ने 'सर्वेषां ऊर्जम्' (सभी के लिए ऊर्जा) विषय चुना है।
राष्ट्र प्रेस
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