पंजाब में ड्रग्स की होम डिलीवरी का दावा, हरसिमरत कौर बादल ने AAP सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने 24 सितंबर 2026 को मोगा में विरोध मार्च का नेतृत्व करते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर राज्य में कथित तौर पर बढ़ते ड्रग्स कारोबार को रोकने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मार्च निकालने के बाद बादल ने मोगा के अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
ड्रग्स की होम डिलीवरी का गंभीर आरोप
बादल ने दावा किया कि पंजाब में ड्रग्स का कारोबार न केवल फैल रहा है, बल्कि कई स्थानों पर इसकी होम डिलीवरी तक की जा रही है — यानी नशीले पदार्थ सीधे घरों तक पहुँचाए जा रहे हैं। उनके अनुसार राज्य सरकार इस समस्या पर प्रभावी कार्रवाई करने में असमर्थ साबित हुई है। उन्होंने ड्रग्स से जुड़े मामलों के साथ-साथ कथित रिश्वतखोरी और पुलिस ज्यादतियों की निष्पक्ष जाँच कराने की माँग भी रखी।
ईडी जाँच और भ्रष्टाचार के आरोप
पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी को लेकर बादल ने AAP सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार 'ईमानदारी' के बड़े-बड़े पोस्टर लगाती थी, वही अब जाँच एजेंसी से बचने की कोशिश कर रही है। बादल ने कहा, 'यदि सरकार और उसके नेताओं के खिलाफ कुछ गलत नहीं है, तो उन्हें जाँच एजेंसी का सहयोग करना चाहिए।'
उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री आवास कथित भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है और मुख्यमंत्री के OSD तथा उनके परिवार से जुड़े लोगों के साथ मिलकर एक बड़ा कथित भ्रष्टाचार नेटवर्क बनाया गया है। बादल के अनुसार इन मामलों से जुड़ी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और बयान अदालत के सामने उपलब्ध हैं।
पंजाब की 5,000 एकड़ ज़मीन बेचने पर सवाल
बठिंडा में दिए एक अलग बयान में बादल ने पंजाब की करीब 5,000 एकड़ सरकारी ज़मीन बेचने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है और इस पूरे मामले की स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए।
SAD की सत्ता में आने पर जाँच का वादा
बादल ने ऐलान किया कि यदि भविष्य में पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनती है, तो कथित भ्रष्टाचार और सरकारी धन की अनियमितताओं की पूरी जाँच कराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि दोषी पाए जाने वाले लोगों की संपत्तियाँ जब्त कर जनता के पैसे की वसूली की जाएगी और वह राशि राज्य के खजाने में जमा कराई जाएगी।
गौरतलब है कि पंजाब में ड्रग्स की समस्या दशकों से एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रही है और विपक्षी दल सत्तारूढ़ सरकार को इस पर नियमित रूप से घेरते रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब ED की छापेमारी को लेकर राज्य में सियासी तनाव पहले से बढ़ा हुआ है।