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भगवंत मान की पत्नी पर ₹5 करोड़ के भ्रष्टाचार आरोप: NHRC के नोटिस के बाद हरसिमरत कौर बोलीं — '5 सितंबर को फिर पूछूंगी'

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भगवंत मान की पत्नी पर ₹5 करोड़ के भ्रष्टाचार आरोप: NHRC के नोटिस के बाद हरसिमरत कौर बोलीं — '5 सितंबर को फिर पूछूंगी'

सारांश

NHRC ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर ₹5 करोड़ के कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी को दो हफ्ते में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल ने AAP को घेरते हुए 5 सितंबर को जवाब माँगा है।

मुख्य बातें

NHRC ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर पर कथित ₹5 करोड़ की रिश्वत के आरोपों पर 'मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993' की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया।
आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को दो सप्ताह के भीतर जाँच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
शिकायत 'लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी' ने दायर की थी; आरोप एक बलात्कार मामले से जुड़े कथित हस्तक्षेप पर केंद्रित हैं।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) सांसद हरसिमरत कौर बादल ने एक्स पर AAP को घेरते हुए 5 सितंबर तक जवाब माँगा।
NHRC की पीठ की अध्यक्षता सदस्य प्रियंक कानूनगो ने की।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने 22 अगस्त को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर पर लगे कथित ₹5 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा इस मामले में संज्ञान लिए जाने के बाद चंडीगढ़ में राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ा है।

हरसिमरत कौर का सीधा वार

हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर ₹5 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप इतने गंभीर हैं कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को इसमें दखल देना पड़ा।' उन्होंने आगे कहा, 'पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी की ओर से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देखने का बेसब्री से इंतजार है। समय-सीमा 2 हफ्ते की है! इस पोस्ट को सेव कर लें — पंजाब आप से मैं 5 सितंबर को फिर पूछूंगी।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में AAP सरकार पहले से ही विपक्षी दबाव में है। गौरतलब है कि यह मामला एक बलात्कार पीड़िता से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने कथित तौर पर ₹5 करोड़ की मांग का सार्वजनिक उल्लेख किया था।

NHRC ने क्यों लिया संज्ञान

NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने 'मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993' की धारा 12 के तहत इस मामले पर संज्ञान लिया। आयोग ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और पंजाब के डीजीपी को नोटिस जारी करे।

नोटिस में दोनों अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे शिकायत में लगाए गए आरोपों की जाँच कराएँ और दो सप्ताह के भीतर आयोग को 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' सौंपें। यह शिकायत संगठन 'लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी' की ओर से दायर की गई थी।

शिकायत में क्या आरोप

आयोग ने शिकायतकर्ता के हवाले से नोटिस में कहा कि एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने सार्वजनिक रूप से बताया कि बलात्कार के एक मामले में ₹5 करोड़ की मांग की गई थी, जिसमें कथित तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री की पत्नी की संलिप्तता बताई गई। शिकायत में चिंता जताई गई कि इस तरह का कथित हस्तक्षेप पीड़िता के सम्मान, सुरक्षा, निष्पक्ष जाँच और न्याय पाने के मौलिक अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।

शिकायत में स्वतंत्र जाँच, साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जाँच को कमज़ोर करने की किसी भी कथित कोशिश की निष्पक्ष पड़ताल की माँग की गई है। आयोग ने भी रेखांकित किया कि 'बलात्कार पीड़िता के न्याय पाने का अधिकार किसी भी प्रभाव, रुतबे या पद से ऊपर होना चाहिए।' आयोग के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीड़िता के मानवाधिकारों का उल्लंघन प्रतीत होते हैं।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

यह घटनाक्रम पंजाब में विधानसभा चुनावों की आहट के बीच आया है, जहाँ AAP सरकार के खिलाफ विपक्ष लगातार मोर्चा खोले हुए है। हरसिमरत कौर का 5 सितंबर की समय-सीमा का उल्लेख स्पष्ट संकेत है कि यह मुद्दा आने वाले हफ्तों में और तूल पकड़ सकता है। अब सभी की निगाहें पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी की उस रिपोर्ट पर होंगी जो NHRC को दो सप्ताह में सौंपी जानी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि NHRC को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट में राज्य सरकार क्या रुख अपनाती है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर पर क्या आरोप हैं?
एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से कहा कि बलात्कार के एक मामले में ₹5 करोड़ की मांग की गई थी, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री की पत्नी गुरप्रीत कौर की कथित संलिप्तता बताई गई। 'लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी' ने इस आधार पर NHRC में शिकायत दर्ज कराई।
NHRC ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
NHRC की पीठ ने 'मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993' की धारा 12 के तहत संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया है। दोनों को दो सप्ताह के भीतर जाँच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
हरसिमरत कौर बादल ने '5 सितंबर' का ज़िक्र क्यों किया?
NHRC ने पंजाब के अधिकारियों को दो सप्ताह की समय-सीमा दी है, जो लगभग 5 सितंबर तक पड़ती है। हरसिमरत कौर बादल ने इसी समय-सीमा को इंगित करते हुए एक्स पर कहा कि वे उस तारीख को AAP सरकार से जवाब माँगेंगी।
क्या भगवंत मान या AAP ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान या आम आदमी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
यह मामला पंजाब की राजनीति को कैसे प्रभावित कर सकता है?
आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में यह मामला AAP के भ्रष्टाचार-विरोधी आख्यान को चुनौती देता है। NHRC की रिपोर्ट और विपक्ष के दबाव के मद्देनज़र यह मुद्दा चुनावी बहस का केंद्र बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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