16 सितंबर 2026
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गुरप्रीत कौर की मानहानि शिकायत: चंडीगढ़ कोर्ट ने सुनवाई 17 अक्टूबर तक टाली, मजीठिया-खैरा-बादल हैं आरोपी

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गुरप्रीत कौर की मानहानि शिकायत: चंडीगढ़ कोर्ट ने सुनवाई 17 अक्टूबर तक टाली, मजीठिया-खैरा-बादल हैं आरोपी

सारांश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर की आपराधिक मानहानि शिकायत पर चंडीगढ़ कोर्ट ने सुनवाई 17 अक्टूबर तक टाली। मजीठिया, खैरा और हरसिमरत बादल पर प्रेस कॉन्फ्रेंस व सोशल मीडिया के जरिए झूठे बयान फैलाने का आरोप — यह विवाद पंजाब की सियासत में गहरी दरार का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

चंडीगढ़ कोर्ट ने गुरप्रीत कौर की मानहानि शिकायत पर सुनवाई 17 अक्टूबर 2026 तक स्थगित की।
आरोपियों में बिक्रम सिंह मजीठिया (SAD), सुखपाल सिंह खैरा (कांग्रेस) और सांसद हरसिमरत कौर बादल शामिल हैं।
शिकायत के अनुसार प्रेस कॉन्फ्रेंस, सोशल मीडिया, वीडियो और ग्राफिक सामग्री के ज़रिए कथित तौर पर मानहानिकारक बयान फैलाए गए।
5 सितंबर 2026 को इस्त्री अकाली दल ने गुरप्रीत कौर पर ₹5 करोड़ की माँग का आरोप लगाते हुए FIR की माँग की थी, जिसे उन्होंने खारिज किया।
अगली सुनवाई में शिकायतकर्ता के साक्ष्य दर्ज किए जाएंगे।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पत्नी गुरप्रीत कौर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि शिकायत पर चंडीगढ़ की अदालत ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को अगली सुनवाई 17 अक्टूबर 2026 तक के लिए स्थगित कर दी। अदालत ने अब उस तारीख को शिकायतकर्ता के साक्ष्य दर्ज करने का निर्देश दिया है।

किसके खिलाफ है शिकायत

यह आपराधिक मानहानि शिकायत शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा, और शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल के विरुद्ध दायर की गई है। तीनों विपक्षी राजनेताओं का नाम होने से यह मामला राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बन गया है।

शिकायत में क्या आरोप

शिकायत के अनुसार, उक्त आरोपियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस, सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, तस्वीरों, सीसीटीवी फुटेज और ग्राफिक सामग्री के माध्यम से गुरप्रीत कौर के खिलाफ कथित तौर पर झूठे और मानहानिकारक बयान दिए तथा उन्हें प्रसारित किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह सामग्री दुर्भावनापूर्ण थी और सार्वजनिक मंचों पर व्यापक रूप से फैलाई गई, जिससे आम लोगों की नज़र में उनकी प्रतिष्ठा और गरिमा को नुकसान पहुँचा।

गुरप्रीत कौर ने अदालत से आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मानहानि के लिए कार्रवाई करने और कानून के तहत उचित राहत देने की माँग की है।

पृष्ठभूमि: अकाली दल की FIR माँग और ₹5 करोड़ का विवाद

गौरतलब है कि 5 सितंबर 2026 को बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में शिरोमणि अकाली दल की महिला विंग 'इस्त्री अकाली दल' ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग की थी। विपक्ष की ओर से गुरप्रीत कौर पर एक दुष्कर्म मामले को दबाने के बदले ₹5 करोड़ की माँग करने का आरोप लगाया गया था। हालाँकि, गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताते हुए खारिज किया है।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।

अदालत का अगला कदम

अदालत ने 17 अक्टूबर 2026 की तारीख शिकायतकर्ता के साक्ष्य दर्ज करने के लिए निर्धारित की है। यह मामला इस बात पर टिका है कि क्या अदालत आरोपियों को समन जारी करने के लिए पर्याप्त प्रथमदृष्टया आधार पाती है। अगली सुनवाई यह तय करेगी कि मुकदमे की आगे की दिशा क्या होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब गुरप्रीत कौर ने खुद SAD नेताओं के खिलाफ आपराधिक मानहानि शिकायत दर्ज कराई है — दोनों पक्ष एक-दूसरे पर कानूनी हमले कर रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह चूक जाती है कि इस तरह के आपराधिक मानहानि मामलों में साक्ष्य चरण में शिकायतकर्ता को कड़ी कसौटी से गुज़रना पड़ता है। असली परीक्षा 17 अक्टूबर को होगी जब अदालत तय करेगी कि प्रथमदृष्टया आधार है या नहीं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरप्रीत कौर की मानहानि शिकायत किसके खिलाफ है?
यह शिकायत शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा और SAD सांसद हरसिमरत कौर बादल के खिलाफ दायर की गई है। आरोप है कि इन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के ज़रिए कथित तौर पर मानहानिकारक बयान फैलाए।
चंडीगढ़ कोर्ट में अगली सुनवाई कब होगी?
अदालत ने अगली सुनवाई 17 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की है। उस तारीख को शिकायतकर्ता गुरप्रीत कौर के साक्ष्य दर्ज किए जाएंगे।
गुरप्रीत कौर पर क्या आरोप लगाए गए थे?
विपक्षी दलों ने गुरप्रीत कौर पर एक दुष्कर्म मामले को दबाने के बदले ₹5 करोड़ की माँग करने का आरोप लगाया था। गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज किया है।
इस्त्री अकाली दल ने क्या माँग की थी?
5 सितंबर 2026 को हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में इस्त्री अकाली दल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग की थी।
आपराधिक मानहानि मामले में अदालत आगे क्या करेगी?
17 अक्टूबर को शिकायतकर्ता के साक्ष्य दर्ज होने के बाद अदालत यह तय करेगी कि आरोपियों को समन जारी करने के लिए पर्याप्त प्रथमदृष्टया आधार है या नहीं। यह सुनवाई मामले की आगे की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होगी।
राष्ट्र प्रेस
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