16 सितंबर 2026
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भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का ओवैसी पर पलटवार: UCC और मिसाइल विवाद पर तीखी जुबानी जंग

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भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का ओवैसी पर पलटवार: UCC और मिसाइल विवाद पर तीखी जुबानी जंग

सारांश

भोपाल में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और AIMIM प्रमुख ओवैसी के बीच जुबानी जंग काजी कैंप मिसाइल बयान के बाद और तेज हो गई है। शर्मा ने UCC पर राहुल गांधी और ओवैसी दोनों को घेरा और देशभक्त मुसलमानों की तारीफ करते हुए कट्टरपंथ पर निशाना साधा।

मुख्य बातें

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने 16 सितंबर को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर कड़ा पलटवार किया।
विवाद की शुरुआत शर्मा के काजी कैंप पर मिसाइल गिराने वाले कथित बयान से हुई थी।
ओवैसी ने 15 सितंबर को भोपाल में UCC विरोधी सभा में शर्मा को चुनौती दी थी।
शर्मा ने राहुल गांधी और ओवैसी दोनों से UCC विरोध पर सवाल किया; डॉ.
बाबासाहेब अंबेडकर का हवाला दिया।
शर्मा ने एपीजे अब्दुल कलाम , अशफाकुल्लाह खान और अब्दुल हमीद जैसे देशभक्त मुसलमानों का उल्लेख करते हुए कट्टरपंथ की आलोचना की।

भोपाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रामेश्वर शर्मा और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच 16 सितंबर को जुबानी जंग और तेज हो गई। यह विवाद शर्मा के उस विवादास्पद बयान के बाद से सुर्खियों में है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर करोंद चौराहे से काजी कैंप पर मिसाइल गिराने की बात कही थी।

विवाद की जड़: क्या हुआ था 15 सितंबर को

15 सितंबर को भोपाल में समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में आयोजित एक सभा में ओवैसी ने शर्मा के मिसाइल वाले बयान पर सीधा हमला बोला था। ओवैसी ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा था कि यदि हिम्मत है तो काजी कैंप आकर मिसाइल चलाकर दिखाएं। इस दौरान ओवैसी ने शर्मा पर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी भी की थी।

गौरतलब है कि यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में UCC को लेकर राजनीतिक बहस अपने चरम पर है और मध्य प्रदेश की राजनीति में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

शर्मा का पलटवार: 'इस्लामाबाद में भी फहरेगा तिरंगा'

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने ओवैसी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'ओवैसी जैसे कई लोग आते-जाते रहते हैं, लेकिन मैं ओवैसी को एक बात साफ-साफ बताना चाहता हूं कि बैरिस्टर, ध्यान से सुनो, क्या तुम्हें बात करने का तरीका भी नहीं पता?'

शर्मा ने आगे कहा, 'भारत की मिसाइलों का डर सिर्फ इस्लामाबाद में बैठी सरकार या वहां के आतंकवादियों को ही नहीं, बल्कि देश विरोधियों को भी है। वे इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करके भारत में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच तनाव पैदा करना चाहते हैं।' उन्होंने यह भी दावा किया कि 'वो दिन दूर नहीं जब इस्लामाबाद में भी वंदे मातरम गाया जाएगा और तिरंगा फहराया जाएगा।'

UCC विवाद: राहुल गांधी और ओवैसी दोनों पर निशाना

शर्मा ने इस अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और ओवैसी दोनों को UCC के संदर्भ में घेरा। उन्होंने कहा, 'मैं ओवैसी और राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि आपको UCC से क्या दिक्कत है? क्या आप भारत में 80 प्रतिशत हिंदुओं से वोट मांगना चाहते हैं? अगर आप उनके वोट चाहते हैं, तो आप उस कानून को क्यों नहीं अपनाना चाहते जो उन पर लागू होता है?'

शर्मा ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय कानून में विवाह, संपत्ति बंटवारे और अधिकारों की सुरक्षा के स्पष्ट प्रावधान हैं। उनका तर्क था कि जो दल हिंदू मतदाताओं से समर्थन माँगते हैं, वे हिंदू कानून को स्वीकार करने से क्यों कतराते हैं।

देशभक्त मुसलमानों की बात: APJ अब्दुल कलाम से अशफाकुल्लाह तक

शर्मा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि 'भारत का मुसलमान देशभक्त है।' उन्होंने कहा, 'भारत का वह मुसलमान जो एपीजे अब्दुल कलाम बनना चाहता है, जो अशफाकुल्लाह खान बनना चाहता है, जो अब्दुल हमीद बनना चाहता है, और जो भारत की संस्कृति और सभ्यता को अपनाना चाहता है — वही मुसलमान एक दिन कट्टरपंथ और आतंकवाद की साजिशों को नाकाम करेगा।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान तनाव की पृष्ठभूमि में राजनीतिक भाषण अधिक आक्रामक हो चुके हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान चुनावी ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं, जबकि शर्मा के समर्थक इसे राष्ट्रवादी स्वर बताते हैं।

आगे क्या: राजनीतिक तापमान बढ़ने के आसार

इस जुबानी जंग के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में तनाव और बढ़ने की संभावना है। UCC पर बहस राष्ट्रीय स्तर पर जारी है और इस तरह के बयान विभिन्न दलों को अपनी रणनीति तय करने का मौका देते हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से और प्रतिक्रियाएं आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संविधान की मूल भावना से अलग है। वहीं ओवैसी की 'काजी कैंप आकर दिखाओ' वाली चुनौती भी उत्तेजना बढ़ाने वाली है, न कि संवाद को आगे बढ़ाने वाली। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि इस पूरे विवाद में UCC की वास्तविक विषयवस्तु — महिला अधिकार, संपत्ति कानून, तलाक प्रक्रिया — पूरी तरह गायब हो जाती है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामेश्वर शर्मा और ओवैसी के बीच विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
यह विवाद भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के उस कथित बयान से शुरू हुआ जिसमें उन्होंने करोंद चौराहे से काजी कैंप पर मिसाइल गिराने की बात कही थी। इसके बाद 15 सितंबर को भोपाल में UCC विरोधी सभा में AIMIM प्रमुख ओवैसी ने शर्मा पर पलटवार किया और उन्हें काजी कैंप आकर मिसाइल चलाने की चुनौती दी।
रामेश्वर शर्मा ने UCC पर क्या कहा?
शर्मा ने ओवैसी और राहुल गांधी दोनों से पूछा कि यदि वे हिंदू मतदाताओं से वोट माँगते हैं तो UCC का विरोध क्यों करते हैं। उन्होंने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय कानून में विवाह, संपत्ति और अधिकारों की सुरक्षा के स्पष्ट प्रावधान हैं।
शर्मा ने देशभक्त मुसलमानों के बारे में क्या कहा?
शर्मा ने स्पष्ट किया कि भारत का मुसलमान देशभक्त है। उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम, अशफाकुल्लाह खान और अब्दुल हमीद जैसी हस्तियों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे देशभक्त मुसलमान कट्टरपंथ और आतंकवाद की साजिशों को नाकाम करेंगे।
ओवैसी ने भोपाल की सभा में क्या कहा था?
15 सितंबर को भोपाल में UCC विरोधी सभा में ओवैसी ने शर्मा के मिसाइल बयान पर हमला बोला था। उन्होंने शर्मा को चुनौती दी थी कि यदि हिम्मत है तो काजी कैंप आकर मिसाइल चलाकर दिखाएं और इस दौरान कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी भी की थी।
इस विवाद का मध्य प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
UCC को लेकर यह जुबानी जंग मध्य प्रदेश में राजनीतिक तापमान बढ़ा सकती है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं, जबकि भाजपा इसे राष्ट्रवादी और संवैधानिक मुद्दा बताती है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से और प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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