मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू करने की तैयारी, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का दावा; उद्धव ठाकरे से विधायक-सांसद छोड़ रहे साथ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रामेश्वर शर्मा ने 17 जून को दावा किया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस कदम को देश की सुरक्षा, जनहित और जनसंख्या नियंत्रण से जुड़ा अहम कदम बताया। साथ ही उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
यूसीसी पर भाजपा का रुख
रामेश्वर शर्मा ने कहा, 'यूनिफॉर्म सिविल कोड सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि पूरे देश की माँग है।' उनके अनुसार यह कानून सभी नागरिकों को समान अधिकार और सुविधाएँ देने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यूसीसी लागू होने पर जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में भी स्वाभाविक प्रभाव पड़ेगा।
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा सरकार इस कानून को लागू करने की दिशा में दृढ़ता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण की चर्चा पहले भी होती रही है, लेकिन अब इसे नीतिगत स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में संभावित विधायी कदम
भाजपा विधायक ने बताया कि देश के कई राज्यों में यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और मध्य प्रदेश सरकार भी इस पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में इस संबंध में महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाया जाएगा।
उनके अनुसार, यह कानून समाज में समानता और एकरूपता लाने में सहायक होगा। राज्य सरकार यूसीसी को लेकर अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटी है।
उद्धव ठाकरे पर राजनीतिक हमला
शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट और आंतरिक असंतोष की अटकलों के बीच रामेश्वर शर्मा ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव अब अपने समर्थकों के बीच भी पहले जैसी स्वीकार्यता नहीं रखते। उनका दावा है कि शिवसैनिकों को लगने लगा है कि उद्धव ठाकरे, शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे के विचारों और सपनों के अनुरूप राजनीति नहीं कर रहे।
शर्मा ने कहा कि कई विधायक और सांसद धीरे-धीरे उद्धव गुट से दूरी बना रहे हैं और उस विचारधारा के साथ खड़े हो रहे हैं, जिसे वे बाला साहेब की मूल सोच के करीब मानते हैं। यह दावा ऐसे समय में आया है जब शिवसेना (यूबीटी) पहले से ही पार्टी विभाजन के बाद के दबावों से जूझ रही है।
हिंदुत्व की राजनीति और भाजपा का दावा
रामेश्वर शर्मा ने दावा किया कि शिवसेना के कार्यकर्ताओं और नेताओं का एक बड़ा वर्ग हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दों पर भाजपा और उसके सहयोगियों के साथ खुद को अधिक सहज महसूस कर रहा है। उनके अनुसार, यही कारण है कि समय के साथ कई जनप्रतिनिधि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को छोड़ रहे हैं।
गौरतलब है कि ये सभी दावे भाजपा विधायक की ओर से आए हैं और शिवसेना (यूबीटी) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले विधानसभा सत्र में यूसीसी पर मध्य प्रदेश सरकार की वास्तविक विधायी कार्रवाई ही इन दावों की असली परीक्षा होगी।