मध्य प्रदेश में जुलाई में लागू होगा यूसीसी, सीएम मोहन यादव का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार, 6 जुलाई को घोषणा की कि राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) इसी महीने — जुलाई 2025 में — लागू किया जाएगा। यह घोषणा भोपाल में भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में की गई। मध्य प्रदेश यदि यूसीसी लागू करता है, तो वह इस कदम को उठाने वाला पहला बड़ा हिंदी भाषी राज्य बन जाएगा।
मुख्य घोषणा और पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री यादव ने लालघाटी स्थित डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि देश का शासन एक झंडे, एक नेता और एक संविधान के तहत चलना चाहिए। यह गर्व की बात है कि मध्य प्रदेश उस दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य में इस महीने यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाएगा।" गौरतलब है कि यूसीसी लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मूल एजेंडे का हिस्सा रही है और इसे उत्तराखंड के बाद किसी राज्य में लागू करना एक बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है।
डॉ. मुखर्जी के विजन से जोड़
मुख्यमंत्री ने यूसीसी को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 'एक देश, एक संविधान' के सिद्धांत की व्यावहारिक परिणति बताया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है और मध्य प्रदेश उन पहलों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है जो देश के विकास में योगदान देती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में यूसीसी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज़ है।
औद्योगिक विकास और रोज़गार पर ज़ोर
यूसीसी की घोषणा के साथ-साथ मुख्यमंत्री यादव ने सतगढ़ी में एक बड़े औद्योगिक पार्क का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना रोज़गार के अवसर प्रदान करेगी और उद्योगों तथा श्रमिकों के लिए एकीकृत सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में राज्य के प्रवेश का भी उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश अब विभिन्न प्रकार के रक्षा उत्पादों का निर्माण करेगा, जो राज्य के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय है।
भोपाल को आर्थिक केंद्र बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए शहर में बड़े कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की योजना बना रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मध्य प्रदेश में देश की सबसे कम बेरोज़गारी दर है, हालाँकि इस दावे के लिए कोई स्वतंत्र आँकड़ा कार्यक्रम में प्रस्तुत नहीं किया गया।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार ने यूसीसी के क्रियान्वयन की विस्तृत समयसीमा या नियामक ढाँचे का अभी खुलासा नहीं किया है। आलोचकों का कहना है कि यूसीसी के व्यापक सामाजिक प्रभावों — विशेषकर विभिन्न धार्मिक समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों पर — को लेकर व्यापक परामर्श प्रक्रिया अपेक्षित है। मध्य प्रदेश की यह पहल आने वाले हफ्तों में राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श को नया आकार दे सकती है।