मध्य प्रदेश में यूसीसी जल्द लागू होगी: CM मोहन यादव, सुप्रीम कोर्ट रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में समिति गठित
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार, 1 जून को भोपाल में मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जल्द से जल्द लागू की जाएगी और इस दिशा में प्रदेश सरकार तेज़ गति से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जा चुका है, जो विभिन्न जिलों में जाकर सभी धर्मों के लोगों से सुझाव एकत्र कर रही है।
मुख्यमंत्री का बयान और तर्क
मुख्यमंत्री यादव ने कहा, 'आज धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक रूप से भिन्न-भिन्न मतों की आवश्यकता नहीं है — वर्तमान में हमें समान नागरिक संहिता की ओर बढ़ने की ज़रूरत है।' उन्होंने तलाक के मामलों, पारिवारिक परंपराओं और धार्मिक विविधताओं का उल्लेख करते हुए तर्क दिया कि इन क्षेत्रों में वैधानिक और सामाजिक स्तर पर एकरूपता आनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश उन अनुकूल राज्यों में से एक है जहाँ यूसीसी लागू होनी चाहिए।
समिति की कार्यप्रणाली
गठित समिति में सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश के साथ विभिन्न क्षेत्रों के विद्वान शामिल हैं। यह समिति प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर सभी धर्मों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से सुझाव ले रही है। समिति की रिपोर्ट संकलित होने के बाद उसे राज्य सरकार को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर यूसीसी का मसौदा तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यूसीसी के लिए एक वेबसाइट भी लॉन्च की गई है जहाँ प्रदेश की जनता अपने सुझाव सीधे दर्ज करा सकती है।
अन्य राज्यों से तुलना
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि अभी तक उत्तराखंड, गुजरात और असम — तीन राज्यों ने यूसीसी को अपनाया है। गौरतलब है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना था जिसने यूसीसी कानून विधानसभा में पारित किया। मध्य प्रदेश के इस कदम से यह संख्या चार हो जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भी राष्ट्रीय स्तर पर यूसीसी की दिशा में विमर्श को आगे बढ़ा रही है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री यादव ने संकेत दिया कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार यूसीसी को 'जल्दी से जल्दी' लागू करना चाहती है, हालाँकि कोई निश्चित समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे वेबसाइट पर अपने सुझाव अवश्य साझा करें, ताकि यह प्रक्रिया व्यापक जन-भागीदारी के साथ आगे बढ़ सके। मध्य प्रदेश में यूसीसी का क्रियान्वयन राज्य की भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया जा रहा है।