मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू होगा, आदिवासी समुदाय को दायरे से बाहर रखा: सीएम मोहन यादव
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 12 जून 2025 को स्पष्ट किया कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के क्रियान्वयन की दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है, और इस संहिता के दायरे से आदिवासी समुदाय को पूरी तरह बाहर रखा गया है। यह व्यवस्था उत्तराखंड और गुजरात में अपनाए गए मॉडल के अनुरूप है, जिसमें जनजातीय परंपराओं और विशेष संवैधानिक अधिकारों को संरक्षित किया गया है।
यूसीसी में आदिवासी समुदाय की स्थिति
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिससे न्याय एवं समानता के संवैधानिक सिद्धांत और अधिक सशक्त हों। हालाँकि, आदिवासी समाज की पारंपरिक जीवनशैली, रीति-रिवाज और विशेष अधिकारों को देखते हुए उन्हें इस संहिता से अलग रखा गया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में जनजातीय आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 21% है, जो इस निर्णय को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।
आदिवासी सशक्तिकरण पर सरकार का रुख
यूसीसी से छूट के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के गौरवपूर्ण आयोजन से लेकर जनजातीय समाज के सम्मान और विकास के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पहली बार एक आदिवासी महिला को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद — राष्ट्रपति — पर आसीन किया गया, जो जनजातीय समाज के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
औद्योगिक विकास: धार में पीएम मित्र पार्क
मुख्यमंत्री यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास की रफ्तार का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि धार में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क राज्य की औद्योगिक प्रगति का सशक्त उदाहरण है, जहाँ सभी प्लॉट आवंटित हो चुके हैं और औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ अधोसंरचना निर्माण कार्य भी तीव्र गति से जारी हैं।
उज्जैन सिंहस्थ: 40 करोड़ श्रद्धालुओं की तैयारी
मुख्यमंत्री ने धार्मिक नगरी उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ को विश्व का सबसे विशाल आध्यात्मिक समागम बताया। उन्होंने कहा कि केवल 8-10 लाख की आबादी वाले शहर में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए सुविधा, सुरक्षा और सुगम व्यवस्थाओं के लिए व्यापक प्रबंधन किए जा रहे हैं। यह आयोजन प्रशासन के लिए एक बड़ी ज़िम्मेदारी और चुनौती दोनों है।
विश्व योग दिवस और वैश्विक पहचान
विश्व योग दिवस के संदर्भ में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वैदिक काल से ही योग सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिली है और यह आज विश्व को स्वस्थ, संतुलित एवं एकसूत्र में जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है। आने वाले समय में यूसीसी के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा सामने आने पर राज्य में इसके व्यापक प्रभाव स्पष्ट होंगे।