मध्य प्रदेश यूसीसी बिल पास: मोहन यादव बोले — 3.5 करोड़ लोगों की राय से बना यह कानून
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 23 जुलाई 2026 को इंदौर दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का पुरज़ोर बचाव किया। मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को यह विधेयक पारित होने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कानून जनता की व्यापक सहभागिता के आधार पर तैयार किया गया है और हर धर्म के नागरिकों को समान अधिकार देगा।
क्या है यूसीसी और इसमें क्या शामिल है
मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, यूसीसी विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और विरासत जैसे व्यक्तिगत मामलों को एक साझा कानूनी ढाँचे के अंतर्गत लाएगा। यह ढाँचा हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, पारसी और अन्य सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होगा।
उन्होंने कहा, "यह कानून हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, पारसी और बाकी सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होगा। यह कानून के सामने समानता पक्का करने और हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में एक कदम है।"
जनसंवाद और सुझाव प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने बताया कि विधेयक को विधानसभा में पेश करने से पहले राज्य सरकार ने 3.5 करोड़ से अधिक नागरिकों से संवाद किया और लगभग 10 लाख सुझाव प्राप्त हुए। उनका कहना था कि यह कानून उन्हीं सुझावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में यूसीसी को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है और उत्तराखंड के बाद मध्य प्रदेश यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बनने की ओर अग्रसर है।
ऐतिहासिक संदर्भ और केंद्र को श्रेय
मुख्यमंत्री यादव ने इस कानून को स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों से जोड़ा। उन्होंने कहा, "चंद्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने एक ऐसे भारत का सपना देखा था जहाँ हर नागरिक को समान मौके मिलें और वे एक ही कानून के तहत रहें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वह सपना सच हो रहा है।"
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस विधेयक को एक ऐतिहासिक सुधार बताया है, जिसका उद्देश्य एकसमान नागरिक कानून और लैंगिक न्याय सुनिश्चित करना है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इस विधेयक का विरोध किया है। कांग्रेस का आरोप है कि यह कानून एक विशेष वैचारिक एजेंडे से प्रेरित है और भारत की विविध सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं की अनदेखी करता है। आलोचकों का कहना है कि अल्पसंख्यक समुदायों की आपत्तियों को पर्याप्त रूप से सुना नहीं गया।
इंदौर में बुनियादी ढाँचे का उद्घाटन
इंदौर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने लव कुश लेवल-2 ब्रिज की एक लेन का उद्घाटन भी किया। उन्होंने इस डबल डेकर पुल को आधुनिक इंजीनियरिंग का उदाहरण बताते हुए कहा कि इंदौर बुनियादी ढाँचे के विकास में नए मानक स्थापित कर रहा है।
विधेयक के कानून का रूप लेने और क्रियान्वयन की समयसीमा को लेकर अब सभी की निगाहें राज्यपाल की मंज़ूरी और संभावित न्यायिक चुनौतियों पर टिकी हैं।