18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मध्य प्रदेश UCC विधेयक: CM मोहन यादव बोले — एक विवाह करने वालों को ही मिलेगा निवास अधिकार, 20 जुलाई को मानसून सत्र में होगा पेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्य प्रदेश UCC विधेयक: CM मोहन यादव बोले — एक विवाह करने वालों को ही मिलेगा निवास अधिकार, 20 जुलाई को मानसून सत्र में होगा पेश

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया है कि UCC लागू होने पर राज्य में केवल एकल विवाह करने वालों को निवास का अधिकार मिलेगा। 20 जुलाई से शुरू मानसून सत्र में विधेयक पेश होगा — और मध्य प्रदेश उत्तराखंड के बाद UCC लागू करने वाला दूसरा राज्य बन सकता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 जुलाई 2026 को घोषणा की कि प्रस्तावित UCC के तहत मध्य प्रदेश में केवल एकल विवाह करने वालों को निवास अधिकार मिलेगा।
UCC विधेयक 20 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित विधानसभा मानसून सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है।
प्रस्तावित कानून सभी धर्मों के नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा।
मसौदा तैयार करने के लिए गठित सरकारी समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है।
विधेयक पारित होने पर मध्य प्रदेश उत्तराखंड के बाद UCC लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 जुलाई 2026 को घोषणा की कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) के लागू होने के बाद राज्य में केवल एकल विवाह करने वाले नागरिकों को ही निवास का अधिकार प्राप्त होगा। यह विधेयक 20 जुलाई से 25 जुलाई तक आयोजित होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहाँ और क्या कहा

मुख्यमंत्री यादव ने कटनी जिले के झिंझरी और बहोरिबंद में नवनिर्मित संदीपनी स्कूलों के उद्घाटन के बाद एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, 'भगवान राम के आशीर्वाद से मध्य प्रदेश एक राष्ट्र, एक संविधान, एक ध्वज और एक कानून की ओर अग्रसर है।' मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून सभी धर्मों के नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा।

विधेयक की पृष्ठभूमि और तैयारी

राज्य सरकार ने UCC का मसौदा तैयार करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने चुनाव घोषणापत्र में समान नागरिक संहिता को एक प्रमुख वादे के रूप में शामिल किया था। मुख्यमंत्री यादव इससे पहले भी कई अवसरों पर स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रस्तावित UCC राज्य में केवल एकल विवाह को ही कानूनी मान्यता देगा।

राष्ट्रीय संदर्भ: उत्तराखंड के बाद दूसरा राज्य

यदि यह विधेयक मानसून सत्र में पारित हो जाता है, तो मध्य प्रदेश, उत्तराखंड के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा। गौरतलब है कि उत्तराखंड ने 2024 में UCC कानून पारित किया था, जो अब तक देश में इस प्रकार का पहला राज्य-स्तरीय कदम था। मध्य प्रदेश का यह कदम BJP के व्यापक राष्ट्रीय एजेंडे की दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत भी माना जा रहा है।

आम जनता और विभिन्न समुदायों पर असर

प्रस्तावित कानून के तहत बहुविवाह — जो वर्तमान में कुछ धर्मों के व्यक्तिगत कानूनों के अंतर्गत अनुमत है — को राज्य में निवास के अधिकार से जोड़ा जाएगा। यह प्रावधान विशेष रूप से उन समुदायों को प्रभावित कर सकता है जहाँ एकाधिक विवाह की परंपरा रही है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे प्रावधानों के संवैधानिक और व्यावहारिक पहलुओं की गहन समीक्षा आवश्यक है।

आगे क्या होगा

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक चलेगा। BJP सरकार इसी सत्र में UCC विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। विधेयक के पारित होने की स्थिति में राज्य में एकल विवाह को ही कानूनी मान्यता मिलेगी और यह सभी धर्मों के नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे विवाह की प्रकृति से जोड़ना न्यायिक परीक्षण में टिकना आसान नहीं होगा। उत्तराखंड के UCC में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था — यानी मध्य प्रदेश का प्रस्ताव संरचनात्मक रूप से अलग और कहीं अधिक विवादास्पद है। BJP के लिए यह राजनीतिक रूप से लाभकारी हो सकता है, लेकिन कानूनी रूप से यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचने से पहले ही कई अवरोधों का सामना कर सकता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश UCC विधेयक क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक है, जिसे 20 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले विधानसभा मानसून सत्र में पेश किया जाना है। इसके तहत राज्य में केवल एकल विवाह को कानूनी मान्यता दी जाएगी और यह सभी धर्मों के नागरिकों पर लागू होगा।
CM मोहन यादव के अनुसार UCC में निवास अधिकार का क्या प्रावधान है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार प्रस्तावित UCC के तहत मध्य प्रदेश में केवल एकल विवाह करने वाले नागरिकों को ही निवास का अधिकार होगा। यह प्रावधान सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होगा।
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र कब है?
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसी सत्र में BJP सरकार UCC विधेयक पेश करने की योजना बना रही है।
क्या मध्य प्रदेश UCC लागू करने वाला पहला राज्य होगा?
नहीं, उत्तराखंड पहले ही 2024 में UCC कानून पारित कर चुका है और वह देश का पहला ऐसा राज्य है। यदि मध्य प्रदेश का विधेयक पारित होता है, तो वह UCC लागू करने वाला दूसरा राज्य बन जाएगा।
मध्य प्रदेश UCC का मसौदा किसने तैयार किया?
राज्य सरकार ने UCC का मसौदा तैयार करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया था। यह समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है, जिसके आधार पर विधेयक का अंतिम रूप तैयार किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले