मध्य प्रदेश UCC विधेयक: CM मोहन यादव बोले — एक विवाह करने वालों को ही मिलेगा निवास अधिकार, 20 जुलाई को मानसून सत्र में होगा पेश
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 जुलाई 2026 को घोषणा की कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) के लागू होने के बाद राज्य में केवल एकल विवाह करने वाले नागरिकों को ही निवास का अधिकार प्राप्त होगा। यह विधेयक 20 जुलाई से 25 जुलाई तक आयोजित होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहाँ और क्या कहा
मुख्यमंत्री यादव ने कटनी जिले के झिंझरी और बहोरिबंद में नवनिर्मित संदीपनी स्कूलों के उद्घाटन के बाद एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, 'भगवान राम के आशीर्वाद से मध्य प्रदेश एक राष्ट्र, एक संविधान, एक ध्वज और एक कानून की ओर अग्रसर है।' मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून सभी धर्मों के नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा।
विधेयक की पृष्ठभूमि और तैयारी
राज्य सरकार ने UCC का मसौदा तैयार करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने चुनाव घोषणापत्र में समान नागरिक संहिता को एक प्रमुख वादे के रूप में शामिल किया था। मुख्यमंत्री यादव इससे पहले भी कई अवसरों पर स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रस्तावित UCC राज्य में केवल एकल विवाह को ही कानूनी मान्यता देगा।
राष्ट्रीय संदर्भ: उत्तराखंड के बाद दूसरा राज्य
यदि यह विधेयक मानसून सत्र में पारित हो जाता है, तो मध्य प्रदेश, उत्तराखंड के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा। गौरतलब है कि उत्तराखंड ने 2024 में UCC कानून पारित किया था, जो अब तक देश में इस प्रकार का पहला राज्य-स्तरीय कदम था। मध्य प्रदेश का यह कदम BJP के व्यापक राष्ट्रीय एजेंडे की दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत भी माना जा रहा है।
आम जनता और विभिन्न समुदायों पर असर
प्रस्तावित कानून के तहत बहुविवाह — जो वर्तमान में कुछ धर्मों के व्यक्तिगत कानूनों के अंतर्गत अनुमत है — को राज्य में निवास के अधिकार से जोड़ा जाएगा। यह प्रावधान विशेष रूप से उन समुदायों को प्रभावित कर सकता है जहाँ एकाधिक विवाह की परंपरा रही है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे प्रावधानों के संवैधानिक और व्यावहारिक पहलुओं की गहन समीक्षा आवश्यक है।
आगे क्या होगा
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक चलेगा। BJP सरकार इसी सत्र में UCC विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। विधेयक के पारित होने की स्थिति में राज्य में एकल विवाह को ही कानूनी मान्यता मिलेगी और यह सभी धर्मों के नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा।