सर गैरी सोबर्स के निधन पर सुनील गावस्कर बोले — 'क्रिकेट ने अपना सबसे चमकीला हीरा खो दिया'
सारांश
मुख्य बातें
सुनील गावस्कर ने 17 जुलाई को वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स (सर गैरी सोबर्स) के निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की। 89 वर्ष की आयु में बारबडोस स्थित अपने घर पर शुक्रवार को उनका निधन हो गया। गावस्कर ने उन्हें 'क्रिकेट का सबसे बड़ा मानक' बताया।
गावस्कर की भावभीनी श्रद्धांजली
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'सर गैरी, आपकी आत्मा को शांति मिले। आपके जैसा कोई और कभी नहीं होगा।' उन्होंने कहा कि सर गैरी सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं थे — वह इस खेल के सर्वोच्च मानक थे।
गावस्कर ने सोबर्स की बहुआयामी प्रतिभा को याद करते हुए लिखा, 'आज जब हम ऑल-राउंडर की बात करते हैं, तो हम ऐसे खिलाड़ियों को देखते हैं जो दो क्षेत्रों में संतुलन बना सकते हैं। लेकिन सर गैरी पाँच क्षेत्रों के मास्टर थे — सपने जैसी बैटिंग, नई गेंद से तेज गेंदबाज़ी, ऑर्थोडॉक्स लेफ्ट-आर्म स्पिन, कलाई की स्पिन, और शॉर्ट लेग या स्लिप में पैंथर जैसी फील्डिंग।'
उन्होंने आगे लिखा, 'जब भी भारत वेस्टइंडीज से खेलता था, सर गैरी लोगों को हैरान कर देते थे। जब वह आपसे गेम छीन रहे होते थे, तब भी आप उनकी प्रतिभा पर चकित हुए बिना नहीं रह पाते थे।' गावस्कर ने उनकी 365 नाबाद की ऐतिहासिक पारी और एक ओवर में लगाए छह छक्कों को लोककथाओं का हिस्सा बताया।
गावस्कर ने अपनी श्रद्धांजली में कहा, 'क्रिकेट ने आज अपना सबसे चमकीला हीरा खो दिया है। स्टैंड्स थोड़े शांत हैं, और उनके बिना खेल फीका पड़ गया है।' उन्होंने सोबर्स के परिवार, मित्रों और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
हरभजन सिंह ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजली
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने भी एक्स पर लिखा, 'क्रिकेट की दुनिया ने अपने सबसे शानदार खिलाड़ियों में से एक को खो दिया है। सर गैरी सोबर्स एक लेजेंड से कहीं ज़्यादा थे — वे महानता की सच्ची परिभाषा थे, जिन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा और विनम्रता से पीढ़ियों को प्रेरित किया।' हरभजन ने कहा, 'सर, आपकी विरासत दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगी।'
सर गैरी सोबर्स का क्रिकेट करियर
28 जुलाई 1936 को ब्रिजटाउन, बारबडोस में जन्मे सर गारफील्ड सोबर्स ने 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ किंग्सटन में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। बाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स व कलाई के स्पिन गेंदबाज के रूप में उन्होंने 1954 से 1974 तक वेस्टइंडीज क्रिकेट की नींव को मजबूत किया।
93 टेस्ट मैचों की 160 पारियों में उन्होंने 26 शतक और 30 अर्धशतक सहित 8,032 रन बनाए। उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 365 रन था, जो दशकों तक टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर रहा। गेंदबाज़ी में उन्होंने 235 विकेट लिए। उन्होंने एकमात्र वनडे मैच में 1 विकेट भी लिया।
क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
सर गैरी सोबर्स के निधन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC), क्रिकेट वेस्टइंडीज और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी अपनी श्रद्धांजली अर्पित की है। क्रिकेट जगत उनकी विरासत को सदा याद रखेगा — एक ऐसे खिलाड़ी की विरासत जिसने अपनी पीढ़ी को ही नहीं, बल्कि आने वाली सभी पीढ़ियों को परिभाषित किया।