18 जुलाई 2026
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एनसीपी (शरद पवार गुट) के एनडीए में शामिल होने की अटकलें निराधार: विधायक अनिल पाटिल

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एनसीपी (शरद पवार गुट) के एनडीए में शामिल होने की अटकलें निराधार: विधायक अनिल पाटिल

सारांश

महाराष्ट्र की सियासत में एनसीपी (शरद पवार गुट) के एनडीए में शामिल होने की अटकलों के बीच विधायक अनिल पाटिल ने साफ कहा — पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। नेताओं की मुख्यमंत्री से मुलाकातें महज़ क्षेत्रीय प्रशासनिक मुद्दों पर थीं, न कि किसी गठबंधन की तैयारी।

मुख्य बातें

एनसीपी विधायक अनिल पाटिल ने 17 जुलाई को जलगांव में एनसीपी (शरद पवार गुट) के एनडीए में शामिल होने की अटकलों को सिरे से नकारा।
जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात नगरपालिका के एक प्रशासनिक मामले को लेकर थी, न कि राजनीतिक गठबंधन के लिए।
सुप्रिया सुले ने हाल के साक्षात्कार में पार्टी का रुख स्पष्ट किया है; पार्टी नेतृत्व की ओर से एनडीए में शामिल होने का कोई आधिकारिक बयान नहीं।
सुनील तटकरे और पार्थ पवार की मुख्यमंत्री से मुलाकातें भी क्षेत्रीय विकास मुद्दों पर थीं; तटकरे ने पार्टी नेताओं को जानकारी दी।
एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चाओं को भी पाटिल ने निराधार बताया; पार्टी संविधान के अनुसार तालुका-ज़िला स्तर की प्रक्रिया पहले पूरी होती है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक अनिल पाटिल ने 17 जुलाई को जलगांव में पत्रकारों से बात करते हुए उन अटकलों को पूरी तरह खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि एनसीपी का शरद पवार धड़ा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेताओं की मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से हुई मुलाकातें विशुद्ध प्रशासनिक थीं और उन्हें राजनीतिक गठबंधन की दिशा में देखना भ्रामक है।

जयंत पाटिल की मुलाकात का असली कारण

अनिल पाटिल ने बताया कि जयंत पाटिल की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से हुई मुलाकात को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, 'जयंत पाटिल दो दिन पहले मुख्यमंत्री से मिले थे और उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र की नगरपालिका से जुड़े एक मामले को लेकर चर्चा की थी। यह विषय शहरी विकास विभाग से जुड़ा हुआ है, इसलिए संभव है कि इसी सिलसिले में उन्होंने उपमुख्यमंत्री से भी मुलाकात की हो।' उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुलाकात का कोई राजनीतिक अर्थ निकालना उचित नहीं है।

पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं

एनडीए में शामिल होने की चर्चाओं पर अनिल पाटिल ने दो-टूक कहा कि पार्टी नेतृत्व की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रिया सुले ने हाल ही में एक साक्षात्कार में पार्टी के रुख और विभिन्न मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उनका तर्क था कि किसी विधायक या सांसद द्वारा किसी विधेयक का समर्थन करने का यह अर्थ नहीं होता कि वह किसी गठबंधन में शामिल हो गया है। 'संसद और विधानसभा में कई जनप्रतिनिधि अलग-अलग मुद्दों पर सरकार के फैसलों का समर्थन करते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वे सरकार का हिस्सा बन गए हैं,' उन्होंने कहा।

सुनील तटकरे और पार्थ पवार की मुलाकातों पर सफाई

सुनील तटकरे की उपमुख्यमंत्री शिंदे से मुलाकात पर पाटिल ने कहा कि किसी भी सांसद या विधायक का मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री से मिलना एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि तटकरे अपने क्षेत्र के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिले थे और इस मुलाकात की जानकारी उन्होंने स्वयं पार्टी नेताओं को दी थी। पार्थ पवार की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बारे में उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा और संसद सत्रों के मद्देनज़र जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते रहते हैं, और पार्थ पवार की मुलाकात भी इसी संदर्भ में थी।

प्रदेश अध्यक्ष बदलने की अटकलें भी नकारीं

एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष पद में संभावित बदलाव की चर्चाओं पर पाटिल ने कहा कि उन्हें भी यह जानकारी केवल मीडिया के माध्यम से मिल रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अच्छा काम कर रहे हैं और पूरे राज्य में संगठन को मज़बूत किया है। एनसीपी के संविधान के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष चुनने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है — पहले तालुका और ज़िला स्तर पर संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी होती है, उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का चयन किया जाता है। 'फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है,' उन्होंने स्पष्ट किया।

मंत्रिमंडल विस्तार और दिल्ली दौरे पर प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र सरकार में संभावित बदलाव और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा शिंदे के दिल्ली दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर पाटिल ने कहा कि बड़े नेता पार्टी की बैठकों और रणनीति पर चर्चा के लिए दिल्ली जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार या किसी बड़े बदलाव की जानकारी तभी सामने आएगी जब वास्तव में कोई निर्णय होगा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय गठबंधन की स्थिरता और विपक्षी दलों की संभावित पुनर्व्यवस्था को लेकर अटकलों का दौर जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि उसके कई नेता सत्तारूढ़ खेमे के साथ अनौपचारिक संपर्क में दिखते हैं। खंडन चाहे कितना भी मुखर हो, जब तक पार्टी नेतृत्व सार्वजनिक और एकजुट स्वर में नहीं बोलता, तब तक अटकलें थमने वाली नहीं हैं।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एनसीपी (शरद पवार गुट) एनडीए में शामिल हो रही है?
एनसीपी विधायक अनिल पाटिल ने 17 जुलाई को स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व की ओर से एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उन्होंने इन अटकलों को निराधार बताया।
जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री से मुलाकात क्यों हुई थी?
अनिल पाटिल के अनुसार, जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात उनके विधानसभा क्षेत्र की नगरपालिका से जुड़े एक प्रशासनिक मामले — जो शहरी विकास विभाग से संबंधित था — को लेकर हुई थी। इसका कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
सुनील तटकरे की उपमुख्यमंत्री से मुलाकात का क्या मतलब है?
अनिल पाटिल ने बताया कि सुनील तटकरे अपने क्षेत्र के विकास मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिले थे और उन्होंने इस मुलाकात की जानकारी स्वयं पार्टी नेताओं को दी थी। यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है।
एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चा क्या है?
अनिल पाटिल ने कहा कि उन्हें भी यह जानकारी केवल मीडिया से मिल रही है और पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है। एनसीपी के संविधान के अनुसार पहले तालुका और ज़िला स्तर पर संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी होती है, तब प्रदेश अध्यक्ष का चयन होता है।
महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा?
अनिल पाटिल ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार या किसी बड़े बदलाव की जानकारी तभी सामने आएगी जब वास्तव में कोई निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे को पार्टी की सामान्य रणनीतिक बैठकों का हिस्सा बताया।
राष्ट्र प्रेस
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