एनसीपी (शरद पवार गुट) के एनडीए में शामिल होने की अटकलें निराधार: विधायक अनिल पाटिल
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक अनिल पाटिल ने 17 जुलाई को जलगांव में पत्रकारों से बात करते हुए उन अटकलों को पूरी तरह खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि एनसीपी का शरद पवार धड़ा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेताओं की मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से हुई मुलाकातें विशुद्ध प्रशासनिक थीं और उन्हें राजनीतिक गठबंधन की दिशा में देखना भ्रामक है।
जयंत पाटिल की मुलाकात का असली कारण
अनिल पाटिल ने बताया कि जयंत पाटिल की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से हुई मुलाकात को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, 'जयंत पाटिल दो दिन पहले मुख्यमंत्री से मिले थे और उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र की नगरपालिका से जुड़े एक मामले को लेकर चर्चा की थी। यह विषय शहरी विकास विभाग से जुड़ा हुआ है, इसलिए संभव है कि इसी सिलसिले में उन्होंने उपमुख्यमंत्री से भी मुलाकात की हो।' उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुलाकात का कोई राजनीतिक अर्थ निकालना उचित नहीं है।
पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं
एनडीए में शामिल होने की चर्चाओं पर अनिल पाटिल ने दो-टूक कहा कि पार्टी नेतृत्व की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रिया सुले ने हाल ही में एक साक्षात्कार में पार्टी के रुख और विभिन्न मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उनका तर्क था कि किसी विधायक या सांसद द्वारा किसी विधेयक का समर्थन करने का यह अर्थ नहीं होता कि वह किसी गठबंधन में शामिल हो गया है। 'संसद और विधानसभा में कई जनप्रतिनिधि अलग-अलग मुद्दों पर सरकार के फैसलों का समर्थन करते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वे सरकार का हिस्सा बन गए हैं,' उन्होंने कहा।
सुनील तटकरे और पार्थ पवार की मुलाकातों पर सफाई
सुनील तटकरे की उपमुख्यमंत्री शिंदे से मुलाकात पर पाटिल ने कहा कि किसी भी सांसद या विधायक का मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री से मिलना एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि तटकरे अपने क्षेत्र के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिले थे और इस मुलाकात की जानकारी उन्होंने स्वयं पार्टी नेताओं को दी थी। पार्थ पवार की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बारे में उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा और संसद सत्रों के मद्देनज़र जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते रहते हैं, और पार्थ पवार की मुलाकात भी इसी संदर्भ में थी।
प्रदेश अध्यक्ष बदलने की अटकलें भी नकारीं
एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष पद में संभावित बदलाव की चर्चाओं पर पाटिल ने कहा कि उन्हें भी यह जानकारी केवल मीडिया के माध्यम से मिल रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अच्छा काम कर रहे हैं और पूरे राज्य में संगठन को मज़बूत किया है। एनसीपी के संविधान के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष चुनने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है — पहले तालुका और ज़िला स्तर पर संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी होती है, उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का चयन किया जाता है। 'फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है,' उन्होंने स्पष्ट किया।
मंत्रिमंडल विस्तार और दिल्ली दौरे पर प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र सरकार में संभावित बदलाव और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा शिंदे के दिल्ली दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर पाटिल ने कहा कि बड़े नेता पार्टी की बैठकों और रणनीति पर चर्चा के लिए दिल्ली जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार या किसी बड़े बदलाव की जानकारी तभी सामने आएगी जब वास्तव में कोई निर्णय होगा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय गठबंधन की स्थिरता और विपक्षी दलों की संभावित पुनर्व्यवस्था को लेकर अटकलों का दौर जारी है।