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सुप्रिया सुले का स्पष्ट इनकार: NCP (SP) न परिसीमन बिल का समर्थन करेगी, न NDA में होगी शामिल

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सुप्रिया सुले का स्पष्ट इनकार: NCP (SP) न परिसीमन बिल का समर्थन करेगी, न NDA में होगी शामिल

सारांश

सुप्रिया सुले ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कर दिया — NCP (SP) न परिसीमन बिल का समर्थन करेगी, न NDA में जाएगी। जयंत पाटिल की फडणवीस से मुलाकात और मीडिया रिपोर्टों से उठी अटकलों को उन्होंने 'अनाम सूत्रों पर आधारित' बताकर खारिज किया।

मुख्य बातें

सुप्रिया सुले ने 15 जुलाई को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर NCP (SP) के NDA में शामिल होने और परिसीमन बिल समर्थन की अटकलों को सिरे से खारिज किया।
पार्टी को परिसीमन विधेयक पर कोई प्रस्ताव या डील नहीं मिली है; विधेयक संसद में आने पर 24 घंटे के भीतर रुख स्पष्ट किया जाएगा।
अफवाहें जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से 'वर्षा' आवास पर मुलाकात के बाद तेज हुई थीं।
सुले ने MVA सहयोगियों — हर्षवर्धन सपकाल , सतेज पाटिल और संजय राउत — को भी पार्टी की स्थिति से अवगत कराया।
शरद पवार के एकनाथ शिंदे के कक्ष में बैठने को राजनीतिक नज़दीकी से जोड़ने की कोशिशों को सुले ने स्वास्थ्य कारण बताते हुए खारिज किया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार, 15 जुलाई को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए उन तमाम अटकलों को सिरे से नकार दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि उनकी पार्टी केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक का समर्थन करेगी अथवा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने जा रही है। सुले ने कहा कि ये खबरें पूरी तरह निराधार हैं और 'अनाम सूत्रों' पर आधारित हैं।

अफवाहों की शुरुआत कहाँ से हुई

सुप्रिया सुले के अनुसार, बुधवार सुबह एक प्रतिष्ठित अखबार में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई, जिसमें दावा किया गया कि शरद पवार गुट संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार के संवैधानिक संशोधन वाले परिसीमन विधेयक का समर्थन करने की तैयारी में है। इसके बाद कई मीडिया संस्थानों ने यह खबर आगे चलाई। सुले ने स्पष्ट किया कि पार्टी की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान कभी जारी नहीं किया गया।

गौरतलब है कि इन अटकलों को और हवा तब मिली जब मंगलवार रात पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके सरकारी आवास 'वर्षा' में मुलाकात की। इसके अलावा कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि NCP (SP) को राज्य सरकार में वित्त मंत्रालय देने का प्रस्ताव दिया जा रहा है।

सुप्रिया सुले का आधिकारिक रुख

सुले ने दो-टूक शब्दों में कहा, "हमें परिसीमन विधेयक को लेकर कोई प्रस्ताव या डील नहीं मिली है। जब विधेयक संसद में आएगा, तब हम उसका अध्ययन करेंगे और 24 घंटे के भीतर अपना फैसला बताएंगे।" उन्होंने यह भी कहा, "हमें NDA की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है और हम कहीं नहीं जा रहे हैं। हम वहीं हैं, जहाँ पहले थे।"

प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले सुले ने पार्टी के भीतर व्यापक विचार-विमर्श किया। उन्होंने शरद पवार, जयंत पाटिल, प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे, पार्टी के विधायकों और सांसदों से बात की। इसके साथ ही महा विकास अघाड़ी (MVA) के सहयोगी दलों — कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, वरिष्ठ नेता सतेज पाटिल और शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत — को भी पार्टी की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया।

शरद पवार के विधानसभा दौरे पर उठे सवाल

सुले ने शरद पवार के हालिया विधानसभा दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में बैठने को लेकर उठे सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, "शरद पवार लंबी दूरी तक चल नहीं सकते, इसलिए वे वहाँ जाकर बैठ गए थे। यह एकनाथ शिंदे की शालीनता थी कि उन्होंने कैबिनेट बैठक छोड़कर उनका स्वागत किया और उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया।" इस प्रसंग को राजनीतिक नज़दीकी का संकेत बताने की कोशिशों को सुले ने अनुचित करार दिया।

MVA गठबंधन पर असर और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में NCP के दोनों गुटों — अजित पवार गुट (NDA में) और शरद पवार गुट (MVA में) — के बीच की रेखाएँ मीडिया में बार-बार धुंधली होती दिखती हैं। सुले का यह स्पष्टीकरण MVA के भीतर संभावित भ्रम को दूर करने की कोशिश है। परिसीमन विधेयक का आधिकारिक मसौदा संसद में पेश होने के बाद ही NCP (SP) का अंतिम रुख सामने आएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना ही MVA के भीतर अपनी साख बचाने की भी — क्योंकि जयंत पाटिल की फडणवीस से मुलाकात बिना पूर्व सूचना के हुई और पार्टी को सफाई देने पर मजबूर होना पड़ा। यह पैटर्न नया नहीं है: महाराष्ट्र में NCP के विभाजन के बाद से शरद पवार गुट को बार-बार अपनी गठबंधन निष्ठा सार्वजनिक रूप से साबित करनी पड़ती है। असली सवाल यह है कि क्या MVA के भीतर संचार इतना कमज़ोर है कि हर बड़ी बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस ज़रूरी हो जाती है — और इससे गठबंधन की विश्वसनीयता पर क्या संदेश जाता है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रिया सुले ने किन अटकलों को खारिज किया?
सुप्रिया सुले ने दो प्रमुख अटकलों को नकारा — पहली, कि NCP (SP) संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार के परिसीमन विधेयक का समर्थन करेगी; दूसरी, कि पार्टी NDA में शामिल होने जा रही है। उन्होंने इन खबरों को 'अनाम सूत्रों' पर आधारित बताया।
NCP (SP) परिसीमन विधेयक पर अपना रुख कब स्पष्ट करेगी?
सुप्रिया सुले के अनुसार, जब विधेयक का आधिकारिक मसौदा संसद में पेश होगा, तब पार्टी उसका विस्तार से अध्ययन करेगी और 24 घंटे के भीतर अपना आधिकारिक रुख सार्वजनिक करेगी। फिलहाल पार्टी को कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।
इन अफवाहों को हवा किसने दी?
मंगलवार रात जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से 'वर्षा' आवास पर मुलाकात और बुधवार सुबह एक प्रतिष्ठित अखबार की रिपोर्ट के बाद यह अटकलें तेज हुईं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में NCP (SP) को राज्य सरकार में वित्त मंत्रालय देने के प्रस्ताव का भी दावा किया गया।
शरद पवार के एकनाथ शिंदे के कक्ष में बैठने पर क्या सफाई दी गई?
सुप्रिया सुले ने बताया कि शरद पवार लंबी दूरी तक चल नहीं सकते, इसलिए वे विधानसभा दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में बैठ गए थे। उन्होंने इसे शिंदे की शालीनता बताया और किसी राजनीतिक संकेत से जोड़ने से इनकार किया।
MVA गठबंधन पर इन अटकलों का क्या असर पड़ा?
सुले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले MVA सहयोगी दलों — कांग्रेस के हर्षवर्धन सपकाल, सतेज पाटिल और शिवसेना (UBT) के संजय राउत — को पार्टी की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया, ताकि गठबंधन के भीतर कोई भ्रम न फैले। NCP (SP) ने MVA में बने रहने की पुष्टि की है।
राष्ट्र प्रेस
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