NCP (SP) और कांग्रेस विलय की अफवाहों पर सुप्रिया सुले का खंडन: 'कोई प्रस्ताव न भेजा, न मिला'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की वरिष्ठ कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने 13 जून 2026 को नागपुर में मीडिया से बात करते हुए अपनी पार्टी के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) में विलय की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न तो कोई विलय प्रस्ताव भेजा गया है और न ही प्राप्त हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में विपक्षी खेमे में पुनर्गठन की अटकलें तेज़ हो गई थीं। इन्हीं अफवाहों के बीच सुले ने दो-टूक जवाब दिया कि NCP (SP) के किसी विधायक, सांसद या अन्य नेता से न तो किसी ने संपर्क किया और न ही पार्टी की ओर से किसी से संपर्क साधा गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि यह चर्चा कहाँ से और किसने शुरू की।
सुले ने पार्टी अध्यक्ष शरद पवार का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि न तो कांग्रेस ने उन्हें कोई विलय प्रस्ताव भेजा है और न ही उनकी ओर से कांग्रेस को ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया है।
ममता-सोनिया बैठक पर प्रतिक्रिया
पत्रकारों ने सुले से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कांग्रेस में विलय या घनिष्ठ गठबंधन की राष्ट्रीय स्तर पर फैली अफवाहों के बारे में भी सवाल पूछे। इस पर उन्होंने अटकलें लगाने से परहेज किया। उन्होंने स्वीकार किया कि TMC प्रमुख ममता बनर्जी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच हाल ही में एक निजी बैठक हुई थी, लेकिन उस बैठक में केवल दोनों नेता ही मौजूद थीं, इसलिए उनकी आंतरिक बातचीत की जानकारी उन्हें नहीं है। सुले ने यह भी कहा कि उन्होंने इस बारे में कोई पुख्ता खबर नहीं पढ़ी है।
सरकार की नीतियों पर तीखा हमला
विलय की संभावना को दरकिनार करते हुए सुले ने ध्यान देश की मौजूदा स्थिति की ओर दिलाया। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक स्थिति 'दयनीय' है और यह राजनीतिक दांव-पेच खेलने का नहीं, बल्कि देश को बचाने का समय है।
उन्होंने मुद्रास्फीति, बढ़ती बेरोज़गारी, व्यापक भ्रष्टाचार और दस्तावेज़ों के लगातार लीक होने को नागरिकों के सामने खड़े गंभीर संकट के रूप में गिनाया। उनका सवाल था कि क्या देश आंतरिक संघर्ष जारी रखना चाहता है या इन समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहता है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि NCP (SP) महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी (MVA) गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) भी शामिल हैं। विलय की अफवाहें ऐसे समय में उठी हैं जब राज्य में अगले विधानसभा चुनावों को लेकर विपक्षी दलों के बीच सीट-बंटवारे की बातचीत चल रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर भी विपक्षी एकजुटता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या
सुले की इस स्पष्टवादिता के बाद विलय की अटकलों पर फिलहाल विराम लगता दिख रहा है। हालाँकि, महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की तारीखें नज़दीक आने के साथ MVA गठबंधन के भीतर समन्वय और सीट-साझेदारी की चर्चाएँ आने वाले हफ्तों में और तेज़ होने की संभावना है।