10 अगस्त 2026
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सुप्रिया सुले की अगुवाई में NCP (SP) सांसदों ने PM मोदी से की मुलाकात, परिसीमन बिल पर समर्थन की अटकलें

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सुप्रिया सुले की अगुवाई में NCP (SP) सांसदों ने PM मोदी से की मुलाकात, परिसीमन बिल पर समर्थन की अटकलें

सारांश

लोकसभा सत्र के बीच सुप्रिया सुले की अगुवाई में NCP (SP) सांसदों की PM मोदी से मुलाकात ने राजनीतिक हलचल मचा दी। परिसीमन विधेयक पर समर्थन की अटकलें उड़ीं, लेकिन पार्टी ने साफ कहा — बैठक सिर्फ निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दों पर थी, गठबंधन बदलाव का कोई सवाल नहीं।

मुख्य बातें

सांसद सुप्रिया सुले की अगुवाई में NCP (SP) सांसदों ने 10 अगस्त को PM नरेंद्र मोदी से संसद परिसर में मुलाकात की।
बैठक पूर्व-निर्धारित और खुली थी; एजेंडा महाराष्ट्र के निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े विकास मुद्दे थे।
NCP (SP) प्रवक्ता महेश तापसे ने परिसीमन विधेयक पर समर्थन की अटकलों को सिरे से खारिज किया।
भाजपा ने मुलाकात को 'स्वाभाविक' बताया; कांग्रेस नेता नसीम खान ने विधेयक समर्थन को लेकर आगाह किया।
NCP (SP) ने कहा कि परिसीमन का कोई मसौदा अभी पेश नहीं हुआ, मसौदा आने पर पार्टी अपना रुख तय करेगी।

संसद परिसर में 10 अगस्त 2026 को सांसद सुप्रिया सुले की अगुवाई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) — जिसे NCP (SP) भी कहा जाता है — के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस भेंट के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज़ हो गई कि क्या शरद पवार गुट परिसीमन विधेयक पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार का समर्थन करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

बैठक का स्वरूप और एजेंडा

NCP (SP) के नेता और प्रवक्ता महेश तापसे ने स्पष्ट किया कि यह बैठक पूर्व-निर्धारित थी और पूरी तरह खुले तरीके से संसद परिसर स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई। उन्होंने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य संबंधित सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था। तापसे के अनुसार, NCP (SP) का प्रतिनिधित्व ग्रामीण ठाणे जिले से लेकर विदर्भ के वर्धा जिले तक फैला हुआ है और महाराष्ट्र के लगभग सभी राजस्व जिले इसमें शामिल हैं।

बैठक में सांसद जयंत पाटिल सहित अन्य सांसद भी उपस्थित रहे। तापसे ने कहा कि महाराष्ट्र से जुड़े कई विकास संबंधी मुद्दे प्रधानमंत्री के समक्ष रखे गए।

भाजपा की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को भी यह एहसास हो रहा है कि विकास परियोजनाओं के लिए प्रधानमंत्री से मिलना फलदायी है। उन्होंने कहा, 'देशभर से कई विपक्षी नेता उनसे मिलने जा रहे हैं — यह देश की राजनीति के लिए अच्छा है।'

भाजपा विधायक अमित सातम ने इस मुलाकात को पूरी तरह स्वाभाविक करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा सत्र के दौरान विभिन्न दलों के सांसद किसी न किसी काम के लिए प्रधानमंत्री से मिलते रहते हैं और इसमें कोई असामान्य बात नहीं है।

विपक्षी दलों की आपत्ति और सवाल

कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र के विकास पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से मिलना गलत नहीं है, परंतु जो खबरें सामने आ रही हैं उन्हें लेकर उन्होंने आगाह किया। खान के अनुसार, शरद पवार शाहू, फुले और अंबेडकर की विचारधारा के प्रमुख पैरोकार रहे हैं और वे उस विधेयक का समर्थन नहीं करेंगे जिसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) लाना चाहती है।

यह ऐसे समय में आया है जब INDIA गठबंधन के भीतर एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं और कई क्षेत्रीय दलों की NDA के प्रति नरमी को लेकर बहस जारी है।

परिसीमन विधेयक पर NCP (SP) का रुख

महेश तापसे ने परिसीमन विधेयक को लेकर अटकलों को स्पष्ट रूप से खारिज किया। उन्होंने कहा कि जब यह विधेयक पहले पेश किया गया था, तब NCP शरदचंद्र पवार पार्टी और INDIA गठबंधन ने इसका जोरदार विरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक परिसीमन के लिए कोई मसौदा पेश नहीं किया गया है और जब पेश होगा, तब उस पर पार्टी की स्थिति तय की जाएगी।

गौरतलब है कि यह बैठक लोकसभा के चल रहे सत्र के दौरान हुई, जिससे इसकी राजनीतिक व्याख्याएँ और गहरी हो गई हैं। आने वाले दिनों में NCP (SP) का आधिकारिक रुख और INDIA गठबंधन के साथ उसका समन्वय इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCP (SP) सांसदों ने PM मोदी से क्यों मुलाकात की?
NCP (SP) प्रवक्ता महेश तापसे के अनुसार, यह बैठक सांसदों के संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े विकास मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। बैठक पूर्व-निर्धारित और पूरी तरह खुली थी, जो संसद परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई।
क्या NCP (SP) परिसीमन विधेयक पर NDA का समर्थन करेगी?
NCP (SP) ने इस संभावना को स्पष्ट रूप से नकारा है। महेश तापसे ने कहा कि जब विधेयक पहले पेश हुआ था तब पार्टी और INDIA गठबंधन ने इसका विरोध किया था और अभी कोई मसौदा पेश नहीं हुआ है।
भाजपा ने इस मुलाकात पर क्या कहा?
भाजपा विधायक अमित सातम ने इसे पूरी तरह स्वाभाविक बताया और कहा कि लोकसभा सत्र के दौरान विभिन्न दलों के सांसद नियमित रूप से प्रधानमंत्री से मिलते हैं। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री प्रताप सरनाईक ने इसे देश की राजनीति के लिए सकारात्मक बताया।
कांग्रेस ने इस मुलाकात पर क्या आपत्ति जताई?
कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा कि विकास के लिए प्रधानमंत्री से मिलना गलत नहीं है, लेकिन उन्होंने आगाह किया कि शरद पवार उस विधेयक का समर्थन नहीं करेंगे जिसे BJP लाना चाहती है।
इस बैठक में महाराष्ट्र के कौन-से मुद्दे उठाए गए?
NCP (SP) के अनुसार, बैठक में ग्रामीण ठाणे से लेकर विदर्भ के वर्धा जिले तक फैले निर्वाचन क्षेत्रों के विकास मुद्दे उठाए गए। पार्टी का प्रतिनिधित्व महाराष्ट्र के लगभग सभी राजस्व जिलों में है।
राष्ट्र प्रेस
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