शरद पवार एनडीए में नहीं जाएंगे, पीएम मोदी से मुलाकात महज शिष्टाचार: नसीम सिद्दीकी
सारांश
मुख्य बातें
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 9 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि सुप्रिया सुले सहित पार्टी सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्तावित मुलाकात का भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बैठक सुप्रिया सुले की बेटी रेवती के विवाह के उपलक्ष्य में नई दिल्ली में आयोजित एक रिसेप्शन समारोह की पृष्ठभूमि में हो रही है।
मुलाकात की असली वजह क्या है
नसीम सिद्दीकी ने बताया कि मुंबई में आयोजित विवाह समारोह में कई सांसद, प्रधानमंत्री और अन्य वीआईपी शामिल नहीं हो सके थे। इसके बाद शरद पवार ने दिल्ली में एक रिसेप्शन आयोजित करने का निर्णय लिया। चूँकि संसद का सत्र 13 अगस्त तक चल रहा है, इसलिए यह कार्यक्रम 10 अगस्त को रखा गया ताकि देशभर के सांसद इसमें भाग ले सकें।
सिद्दीकी ने कहा, 'इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है। यह एक शिष्टाचार मुलाकात है, इसलिए कृपया इसे केवल एक शिष्टाचार मुलाकात के तौर पर ही देखें। शरद पवार एक सेक्युलर नेता हैं। हम लोग भाजपा नीत एनडीए सरकार में नहीं जा रहे हैं और न ही जाएंगे।'
राजनीतिक मतभेद बनाम व्यावहारिक संवाद
सिद्दीकी ने यह भी कहा कि राजनीति में मतभेद होते हैं, लेकिन मनभेद नहीं। उनके अनुसार, राज्य और देश की तरक्की के लिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मिलना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। उन्होंने तर्क दिया कि जब अन्य नेता मिलते हैं तो कोई चर्चा नहीं होती, लेकिन जब शरद पवार एक बार भी मिलते हैं तो अटकलें शुरू हो जाती हैं।
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा, 'हमें जाना होता तो 2014 और 2019 में जाते।' यह बयान उन आरोपों का प्रत्यक्ष खंडन है जो पार्टी के एनडीए-झुकाव को लेकर लगाए जा रहे थे।
फंड और विकास पर सिद्दीकी का तर्क
फंड की कमी के सवाल पर नसीम सिद्दीकी ने कहा कि जब अजित पवार राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री थे, तब कुछ चुनिंदा लोगों को ही विशेष फंड मिलता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और गृह मंत्री से संवाद अनिवार्य है। उनके शब्दों में, 'जनता सर्वोपरि है' — और इसी आधार पर सरकार के पास जाना उनकी मजबूरी नहीं, जिम्मेदारी है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के बयान पर नाराजगी
नसीम सिद्दीकी ने कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा सुमित्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एक महिला नेता का इस तरह उपहास करना उचित नहीं है। सिद्दीकी ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई नेता कम बोलते थे, लेकिन उन्होंने अपने कार्यों से श्रेष्ठ नेतृत्व का परिचय दिया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन और पाला-बदल को लेकर अटकलें लगातार जारी हैं। एनसीपी (एसपी) के इस स्पष्टीकरण के बाद यह देखना होगा कि महाविकास अघाड़ी की आंतरिक एकजुटता किस दिशा में जाती है।