15 जुलाई 2026
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शरद पवार के लिए PM मोदी के साथ खड़ा होना उचित होगा: आचार्य प्रमोद कृष्णम, NDA अटकलों पर सियासत गरम

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शरद पवार के लिए PM मोदी के साथ खड़ा होना उचित होगा: आचार्य प्रमोद कृष्णम, NDA अटकलों पर सियासत गरम

सारांश

शरद पवार के NDA में शामिल होने की अटकलों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने PM मोदी के साथ खड़े होने को पवार के लिए 'उचित फैसला' बताया, जबकि NCP नेता ने कहा — अंतिम निर्णय पवार परिवार का होगा।

मुख्य बातें

शरद पवार के NDA में शामिल होने की अटकलों के बीच 15 जुलाई 2025 को राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा — PM नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा होना पवार के लिए उचित और राष्ट्रहित में होगा।
NCP नेता अनिल भाईदास पाटिल ने स्पष्ट किया कि दोनों गुटों के एकीकरण का अंतिम निर्णय पवार परिवार करेगा।
सुनेत्रा पवार के फैसले को पार्टी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से स्वीकार करेंगे — पाटिल ।
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 'मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना' ( ₹1,500/माह ) का विरोध करने वाले विपक्ष पर निशाना साधा।
शरद पवार या उनकी पार्टी की ओर से NDA में शामिल होने पर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं।

महाराष्ट्र की राजनीति में 15 जुलाई 2025 को नई हलचल देखने को मिली, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की अटकलों के बीच विभिन्न दलों के नेताओं के बयान सामने आने लगे। हालांकि, शरद पवार या उनकी पार्टी की ओर से अब तक इस विषय में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम का बयान

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस मुद्दे पर अपनी व्यक्तिगत राय साझा की। उन्होंने कहा, 'मेरे मन में शरद पवार के लिए गहरा सम्मान है। पवार देश के वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, और जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें ऐसा निर्णय लेना चाहिए जो राष्ट्रहित में हो।' कृष्णम ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा होना शरद पवार के लिए उचित फैसला होगा।

NCP नेता का रुख: अंतिम निर्णय पवार परिवार का

NCP नेता अनिल भाईदास पाटिल ने दोनों गुटों के एकीकरण और NDA में शामिल होने की अटकलों पर संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'राजनीतिक गलियारों में इस तरह की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं, लेकिन यदि भविष्य में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के बीच किसी प्रकार का एकीकरण होता है, तो उसका अंतिम निर्णय पार्टी कार्यकर्ता नहीं बल्कि पवार परिवार करेगा।'

पाटिल ने यह भी जोड़ा कि महाराष्ट्र के कार्यकर्ताओं में पवार परिवार के प्रति गहरा सम्मान है और सुनेत्रा पवार जो भी फैसला लेंगी, उसे पार्टी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ स्वीकार करेंगे।

शिवसेना का विपक्ष पर पलटवार

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने इस राजनीतिक बहस के बीच महाराष्ट्र सरकार की 'मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना' का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में वर्ष 2024 में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की सहायता देने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की गई थी।

निरुपम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और शरद पवार गुट सहित विपक्षी दलों ने शुरुआत से ही इस योजना का विरोध किया, जबकि यह योजना राज्य की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल साबित हुई है।

महाराष्ट्र की राजनीति में आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं और NCP के दोनों गुटों के बीच संभावित पुनर्मिलन की चर्चाएं तेज हैं। गौरतलब है कि शरद पवार की पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे अटकलों का दौर जारी है। आने वाले दिनों में पवार परिवार का रुख ही इस राजनीतिक पहेली की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि किसी आधिकारिक वार्ता का संकेत, और इसे उसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। असली सवाल यह है कि NCP के दोनों गुटों का संभावित एकीकरण महाविकास अघाड़ी के लिए क्या अर्थ रखता है और क्या पवार परिवार विपक्षी खेमे को कमजोर करने का जोखिम उठाएगा। जब तक पवार या उनकी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आता, यह बहस अटकलों से आगे नहीं जाती।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शरद पवार के NDA में शामिल होने की अटकलें क्यों चल रही हैं?
राजनीतिक हलकों में NCP के दोनों गुटों के एकीकरण और NDA में शामिल होने की चर्चाएं तेज हुई हैं, जिसके बाद विभिन्न दलों के नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं। हालांकि, शरद पवार या उनकी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने शरद पवार के बारे में क्या कहा?
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा होना शरद पवार के लिए उचित फैसला होगा और यह राष्ट्रहित में होगा। उन्होंने पवार को देश का वरिष्ठ और अनुभवी नेता बताया।
NCP के दोनों गुटों के एकीकरण का फैसला कौन करेगा?
NCP नेता अनिल भाईदास पाटिल के अनुसार, दोनों गुटों के बीच किसी भी एकीकरण का अंतिम निर्णय पार्टी कार्यकर्ता नहीं बल्कि पवार परिवार करेगा। सुनेत्रा पवार के फैसले को पार्टी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से स्वीकार करेंगे।
मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना क्या है और विवाद क्यों है?
यह योजना वर्ष 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शुरू की गई थी, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की सहायता दी जाती है। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम के अनुसार, कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और शरद पवार गुट ने शुरू से ही इस योजना का विरोध किया।
महाराष्ट्र की राजनीति में आगे क्या होने की संभावना है?
फिलहाल शरद पवार की पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान न आने से अटकलों का दौर जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पवार परिवार का अगला कदम ही महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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