शरद पवार के लिए PM मोदी के साथ खड़ा होना उचित होगा: आचार्य प्रमोद कृष्णम, NDA अटकलों पर सियासत गरम
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र की राजनीति में 15 जुलाई 2025 को नई हलचल देखने को मिली, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की अटकलों के बीच विभिन्न दलों के नेताओं के बयान सामने आने लगे। हालांकि, शरद पवार या उनकी पार्टी की ओर से अब तक इस विषय में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम का बयान
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस मुद्दे पर अपनी व्यक्तिगत राय साझा की। उन्होंने कहा, 'मेरे मन में शरद पवार के लिए गहरा सम्मान है। पवार देश के वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, और जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें ऐसा निर्णय लेना चाहिए जो राष्ट्रहित में हो।' कृष्णम ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा होना शरद पवार के लिए उचित फैसला होगा।
NCP नेता का रुख: अंतिम निर्णय पवार परिवार का
NCP नेता अनिल भाईदास पाटिल ने दोनों गुटों के एकीकरण और NDA में शामिल होने की अटकलों पर संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'राजनीतिक गलियारों में इस तरह की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं, लेकिन यदि भविष्य में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के बीच किसी प्रकार का एकीकरण होता है, तो उसका अंतिम निर्णय पार्टी कार्यकर्ता नहीं बल्कि पवार परिवार करेगा।'
पाटिल ने यह भी जोड़ा कि महाराष्ट्र के कार्यकर्ताओं में पवार परिवार के प्रति गहरा सम्मान है और सुनेत्रा पवार जो भी फैसला लेंगी, उसे पार्टी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ स्वीकार करेंगे।
शिवसेना का विपक्ष पर पलटवार
शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने इस राजनीतिक बहस के बीच महाराष्ट्र सरकार की 'मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना' का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में वर्ष 2024 में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की सहायता देने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की गई थी।
निरुपम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और शरद पवार गुट सहित विपक्षी दलों ने शुरुआत से ही इस योजना का विरोध किया, जबकि यह योजना राज्य की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल साबित हुई है।
महाराष्ट्र की राजनीति में आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं और NCP के दोनों गुटों के बीच संभावित पुनर्मिलन की चर्चाएं तेज हैं। गौरतलब है कि शरद पवार की पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे अटकलों का दौर जारी है। आने वाले दिनों में पवार परिवार का रुख ही इस राजनीतिक पहेली की दिशा तय करेगा।