15 जुलाई 2026
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कतर के पूर्व अमीर के निधन पर भारत का शोक: MEA सचिव सुधाकर दलेला पहुंचे दूतावास, रिजिजू ने दोहा में जताई संवेदना

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कतर के पूर्व अमीर के निधन पर भारत का शोक: MEA सचिव सुधाकर दलेला पहुंचे दूतावास, रिजिजू ने दोहा में जताई संवेदना

सारांश

कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत ने राजनयिक स्तर पर पूरी गर्मजोशी दिखाई — राष्ट्रीय शोक, PM मोदी का व्यक्तिगत संदेश, मंत्री रिजिजू की दोहा यात्रा और MEA सचिव की दूतावास-यात्रा। यह भारत-कतर रणनीतिक साझेदारी की गहराई का प्रमाण है।

मुख्य बातें

MEA के आर्थिक संबंध सचिव सुधाकर दलेला ने 15 जुलाई को नई दिल्ली स्थित कतर दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।
कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की आयु में रविवार को निधन हुआ।
भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया; सभी सरकारी इमारतों पर ध्वज आधा झुका रहा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू मंगलवार को दोहा पहुँचे और अमीर शेख तमीम से मिलकर PM मोदी का व्यक्तिगत संदेश पहुँचाया।
PM मोदी ने शेख हमद को 'दूरदर्शी नेता' और 'भारत का सच्चा मित्र' बताया; फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान मुलाकात का उल्लेख किया।
शेख हमद ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया और 2013 में स्वेच्छा से सत्ता पुत्र को सौंपी।

विदेश मंत्रालय के आर्थिक संबंध सचिव सुधाकर दलेला ने बुधवार, 15 जुलाई को नई दिल्ली स्थित कतर दूतावास पहुँचकर कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार एवं भारतीय जनता की ओर से औपचारिक शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने दूतावास में रखी शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए — जो भारत-कतर राजनयिक संबंधों की गहराई का प्रतीकात्मक संकेत है।

निधन और राष्ट्रीय शोक

कतर में 'फादर अमीर' के नाम से सम्मानित शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके सम्मान में भारत सरकार ने सोमवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की, जिसके तहत राष्ट्रपति भवन सहित सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। यह शोक-घोषणा किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के निधन पर भारत द्वारा दिए जाने वाले उच्चतम राजनयिक सम्मानों में से एक है।

रिजिजू की दोहा यात्रा

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू मंगलवार को दोहा पहुँचे और कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात कर भारत की ओर से गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं। कतर स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि रिजिजू ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत संदेश भी अमीर शेख तमीम तक पहुँचाया।

PM मोदी का श्रद्धांजलि संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, 'हम कतर के फादर अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। उन्होंने कतर को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात का मुझे सम्मान प्राप्त हुआ था। मैं कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।' मोदी ने उन्हें 'दूरदर्शी नेता' और 'भारत का सच्चा मित्र' बताया।

शेख हमद का शासनकाल और विरासत

शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से सत्ता अपने पुत्र शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंपी — अरब जगत में यह एक असामान्य और शांतिपूर्ण सत्ता-हस्तांतरण माना गया। उनके शासनकाल में कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की और अरब तथा वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित की। भारत-कतर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनकी भूमिका को मोदी ने विशेष रूप से रेखांकित किया।

आगे की राजनयिक दिशा

इस शोक-श्रृंखला के माध्यम से भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह कतर के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को उच्च प्राथमिकता देता है। गौरतलब है कि कतर में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी कार्यरत हैं और दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार एवं कूटनीतिक सहयोग के गहरे सूत्र जुड़े हैं। आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संपर्क जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी ध्यान देने योग्य है कि PM मोदी ने फरवरी 2024 में कतर की यात्रा के दौरान उन आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों की रिहाई सुनिश्चित की थी जिन्हें मृत्युदंड की सज़ा सुनाई गई थी — उस प्रकरण की पृष्ठभूमि में यह शोक-संवेदना भारत-कतर संबंधों के एक नाज़ुक और महत्त्वपूर्ण अध्याय को रेखांकित करती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी कौन थे?
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया और उन्हें 'फादर अमीर' के नाम से जाना जाता था। उनके कार्यकाल में कतर ने आर्थिक और वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की; 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से सत्ता अपने पुत्र शेख तमीम को सौंपी।
शेख हमद के निधन पर भारत ने क्या कदम उठाए?
भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया, सभी सरकारी इमारतों पर ध्वज आधा झुका रहा। MEA सचिव सुधाकर दलेला ने नई दिल्ली स्थित कतर दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू दोहा पहुँचकर अमीर शेख तमीम से मिले।
PM मोदी ने शेख हमद के निधन पर क्या कहा?
PM मोदी ने उन्हें 'दूरदर्शी नेता' और 'भारत का सच्चा मित्र' बताया। उन्होंने फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान शेख हमद से मुलाकात का उल्लेख करते हुए शेख तमीम, शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति हार्दिक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
किरेन रिजिजू की दोहा यात्रा का उद्देश्य क्या था?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू मंगलवार को दोहा पहुँचे और कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मिलकर भारत की ओर से शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने PM मोदी का व्यक्तिगत संदेश भी अमीर तक पहुँचाया।
भारत-कतर संबंधों में शेख हमद की क्या भूमिका थी?
शेख हमद के शासनकाल में भारत-कतर रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिली। PM मोदी ने विशेष रूप से कतर के विकास और भारत-कतर संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में उनके योगदान को रेखांकित किया।
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