कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत का शोक, किरेन रिजिजू दोहा रवाना
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू 14 जुलाई 2026 को दोहा, कतर के लिए रवाना हुए, ताकि आधुनिक कतर के निर्माता और पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार और देशवासियों की ओर से औपचारिक शोक संवेदनाएँ व्यक्त की जा सकें। कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था अमीरी दीवान ने रविवार को घोषणा की कि 74 वर्ष की आयु में शेख हमद का निधन हो गया।
अमीरी दीवान की आधिकारिक घोषणा
अमीरी दीवान ने अपने बयान में कहा, 'ईश्वर के फैसले और नियति पर अटूट विश्वास के साथ, अमीरी दीवान राष्ट्र की इस महान क्षति पर शोक व्यक्त करता है। परमात्मा दिवंगत अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी पर अपनी कृपा बनाए रखें, जिनका आज सुबह निधन हो गया।' यह घोषणा रविवार को की गई और इसके तुरंत बाद भारत सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू आज कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के दुखद निधन पर भारत सरकार और देशवासियों की ओर से शोक व्यक्त करने के लिए दोहा, कतर रवाना हुए हैं।' मंत्रालय ने यह भी कहा कि 'पूर्व अमीर ने आधुनिक कतर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वह भारत के घनिष्ठ मित्र थे। भारत-कतर संबंधों को मजबूत बनाने में उनके बहुमूल्य योगदान को सदैव याद किया जाएगा।'
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'हम कतर के पूर्व अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए। हम उन्हें भारत के एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं। मुझे फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान उनसे मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।' मोदी ने कतर के वर्तमान अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति भी हार्दिक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
शेख हमद की विरासत और भारत-कतर संबंध
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे। उनके अठारह वर्षों के शासनकाल में कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में असाधारण प्रगति की और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति को निर्णायक रूप से स्थापित किया। उनके नेतृत्व में कतर दुनिया के सबसे समृद्ध और प्रभावशाली देशों की पंक्ति में आ खड़ा हुआ। गौरतलब है कि भारत और कतर के बीच ऊर्जा, व्यापार और प्रवासी कामगारों के मामले में गहरे संबंध रहे हैं, जो शेख हमद के कार्यकाल में और प्रगाढ़ हुए।
आगे की राजनयिक प्रक्रिया
मंत्री किरेन रिजिजू की दोहा यात्रा भारत की ओर से एक उच्चस्तरीय राजनयिक संकेत है, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को रेखांकित करती है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-कतर संबंध ऊर्जा साझेदारी और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा के संदर्भ में विशेष महत्व रखते हैं।