14 जुलाई 2026
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कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत का शोक, किरेन रिजिजू दोहा रवाना

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कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत का शोक, किरेन रिजिजू दोहा रवाना

सारांश

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के 74 वर्ष की आयु में निधन पर भारत ने उच्चस्तरीय राजनयिक प्रतिक्रिया दी — केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू दोहा रवाना हुए और प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें 'भारत का सच्चा मित्र' बताया।

मुख्य बातें

कतर की संस्था अमीरी दीवान ने पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के 74 वर्ष की आयु में निधन की घोषणा की।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू 14 जुलाई 2026 को भारत सरकार की ओर से शोक व्यक्त करने दोहा रवाना हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद को 'दूरदर्शी नेता' और 'भारत का सच्चा मित्र' बताया; फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात का उल्लेख किया।
शेख हमद 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे और उन्हें आधुनिक कतर का निर्माता माना जाता है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-कतर संबंधों को मजबूत बनाने में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू 14 जुलाई 2026 को दोहा, कतर के लिए रवाना हुए, ताकि आधुनिक कतर के निर्माता और पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार और देशवासियों की ओर से औपचारिक शोक संवेदनाएँ व्यक्त की जा सकें। कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था अमीरी दीवान ने रविवार को घोषणा की कि 74 वर्ष की आयु में शेख हमद का निधन हो गया।

अमीरी दीवान की आधिकारिक घोषणा

अमीरी दीवान ने अपने बयान में कहा, 'ईश्वर के फैसले और नियति पर अटूट विश्वास के साथ, अमीरी दीवान राष्ट्र की इस महान क्षति पर शोक व्यक्त करता है। परमात्मा दिवंगत अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी पर अपनी कृपा बनाए रखें, जिनका आज सुबह निधन हो गया।' यह घोषणा रविवार को की गई और इसके तुरंत बाद भारत सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

विदेश मंत्रालय का बयान

विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू आज कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के दुखद निधन पर भारत सरकार और देशवासियों की ओर से शोक व्यक्त करने के लिए दोहा, कतर रवाना हुए हैं।' मंत्रालय ने यह भी कहा कि 'पूर्व अमीर ने आधुनिक कतर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वह भारत के घनिष्ठ मित्र थे। भारत-कतर संबंधों को मजबूत बनाने में उनके बहुमूल्य योगदान को सदैव याद किया जाएगा।'

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'हम कतर के पूर्व अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए। हम उन्हें भारत के एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं। मुझे फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान उनसे मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।' मोदी ने कतर के वर्तमान अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति भी हार्दिक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

शेख हमद की विरासत और भारत-कतर संबंध

शेख हमद बिन खलीफा अल थानी 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे। उनके अठारह वर्षों के शासनकाल में कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में असाधारण प्रगति की और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति को निर्णायक रूप से स्थापित किया। उनके नेतृत्व में कतर दुनिया के सबसे समृद्ध और प्रभावशाली देशों की पंक्ति में आ खड़ा हुआ। गौरतलब है कि भारत और कतर के बीच ऊर्जा, व्यापार और प्रवासी कामगारों के मामले में गहरे संबंध रहे हैं, जो शेख हमद के कार्यकाल में और प्रगाढ़ हुए।

आगे की राजनयिक प्रक्रिया

मंत्री किरेन रिजिजू की दोहा यात्रा भारत की ओर से एक उच्चस्तरीय राजनयिक संकेत है, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को रेखांकित करती है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-कतर संबंध ऊर्जा साझेदारी और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा के संदर्भ में विशेष महत्व रखते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए शाही परिवार के साथ संबंध बनाए रखना रणनीतिक दृष्टि से अनिवार्य है। प्रधानमंत्री मोदी का फरवरी 2024 की कतर यात्रा का उल्लेख इस बात को रेखांकित करता है कि द्विपक्षीय संबंध व्यक्तिगत स्तर पर भी प्रगाढ़ थे। यह यात्रा भारत की 'पड़ोस से परे' कूटनीति का एक सुसंगत अध्याय है जो खाड़ी देशों को विशेष महत्व देती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी कौन थे?
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे और उन्हें आधुनिक कतर का निर्माता माना जाता है। उनके शासनकाल में कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावशाली देश के रूप में अपनी पहचान बनाई।
किरेन रिजिजू कतर क्यों गए?
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार और देशवासियों की ओर से औपचारिक शोक संवेदनाएँ व्यक्त करने 14 जुलाई 2026 को दोहा रवाना हुए। यह भारत की ओर से एक उच्चस्तरीय राजनयिक प्रतिक्रिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शेख हमद के निधन पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद को 'दूरदर्शी नेता' और 'भारत का सच्चा मित्र' बताया। उन्होंने फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान शेख हमद से मुलाकात का उल्लेख किया और कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी तथा शाही परिवार के प्रति हार्दिक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
शेख हमद के निधन की घोषणा किसने की?
कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था अमीरी दीवान ने रविवार को आधिकारिक रूप से शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन की घोषणा की। अमीरी दीवान ने कहा कि उनका निधन उस दिन सुबह हुआ और यह कतर के लिए एक महान क्षति है।
भारत और कतर के संबंध कितने महत्वपूर्ण हैं?
भारत और कतर के बीच ऊर्जा, व्यापार और प्रवासी कामगारों के क्षेत्र में गहरे संबंध हैं। कतर में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी कार्यरत हैं और भारत कतर से LNG सहित ऊर्जा उत्पाद आयात करता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि शेख हमद के कार्यकाल में भारत-कतर संबंध और प्रगाढ़ हुए।
राष्ट्र प्रेस
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