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राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 21 जुलाई तक स्थगित

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राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 21 जुलाई तक स्थगित

सारांश

राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को चुनौती देने वाली मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई एक बार फिर टल गई है। अदालत ने पहले ही उच्च न्यायालय के आदेश पर 'गंभीर सवाल' उठाए हैं — अब 21 जुलाई को फैसला होगा।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय में मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई 21 जुलाई तक स्थगित हुई।
सोनम रघुवंशी पर मई 2025 में हनीमून के दौरान पति राजा रघुवंशी की हत्या का मुख्य आरोप है।
मेघालय उच्च न्यायालय ने 29 जून को सोनम की जमानत बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज की थी।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुसार, जमानत केवल गिरफ्तारी कागज़ात में हुई टाइपोग्राफिकल गलती के आधार पर दी गई।
3 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर तत्काल रोक से इनकार किया, लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश पर 'गंभीर सवाल' उठाए।

नई दिल्ली — इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हुई हत्या मामले में मुख्य आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत को चुनौती देने वाली मेघालय सरकार की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में 14 जुलाई को सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 21 जुलाई निर्धारित की है। यह मामला मई 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान हुई हत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा था।

मुख्य घटनाक्रम

मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सर्वोच्च न्यायालय में तर्क दिया था कि सोनम रघुवंशी को केवल इस तकनीकी आधार पर जमानत दी गई कि गिरफ्तारी के कागज़ात में धारा का उल्लेख टाइपोग्राफिकल गलती के कारण गलत दर्ज हो गई थी। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यदि सोनम बाहर रहीं तो उनके फरार होने का खतरा बना रह सकता है।

इससे पहले 3 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने सोनम की जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि वे पहले ही रिहा हो चुकी हैं। हालाँकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए मेघालय उच्च न्यायालय के आदेश पर गंभीर सवाल उठते हैं, जिन पर विस्तृत सुनवाई आवश्यक है।

बचाव पक्ष के तर्क

सोनम रघुवंशी की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि गिरफ्तारी के समय उन्हें न तो कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई और न ही गिरफ्तारी के स्पष्ट आधार बताए गए — पुलिस ने केवल एक खाली प्रोफॉर्मा सौंपा था। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने पूछा कि यदि यह मुद्दा इतना महत्वपूर्ण था, तो इसे पहले क्यों नहीं उठाया गया। अदालत ने यह भी जिज्ञासा जताई कि यदि जमानत केवल तकनीकी आधार पर दी गई है, तो क्या कानून पुलिस को दोबारा गिरफ्तारी करने से रोकता है।

उच्च न्यायालय का पूर्व आदेश

मेघालय उच्च न्यायालय ने 29 जून को शिलांग की निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी थी, जिसके बाद मेघालय सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया। पिछली सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने सोनम को नोटिस जारी कर उनसे जवाब माँगा था।

मामले की पृष्ठभूमि

इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी राजा रघुवंशी की मई 2025 में हनीमून के दौरान मेघालय में हत्या कर दी गई थी। सोनम रघुवंशी पर इस हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप है। इससे पहले भी उनकी जमानत याचिकाएँ खारिज हो चुकी थीं, जो मामले की गंभीरता को रेखांकित करती हैं। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि आरोप बेहद संगीन हैं और यह मसला महज एक लिपिकीय त्रुटि तक सीमित नहीं है।

आगे क्या होगा

अब 21 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की अगली सुनवाई होगी, जिसमें सोनम रघुवंशी का जवाब भी अदालत के समक्ष होगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत उच्च न्यायालय के आदेश पर उठाए गए 'गंभीर सवालों' के संदर्भ में क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संकेत देती है कि न्यायपालिका स्वयं इस निर्णय से असहज है। गौरतलब है कि सोनम की पिछली जमानत याचिकाएँ भी खारिज हो चुकी थीं, जो दर्शाता है कि निचली अदालतें पहले इस मामले को गंभीरता से ले रही थीं। 21 जुलाई की सुनवाई यह तय करेगी कि क्या प्रक्रियागत चूक वास्तविक न्याय की राह में बाधा बन सकती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजा रघुवंशी हत्याकांड क्या है?
इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी राजा रघुवंशी की मई 2025 में हनीमून के दौरान मेघालय में हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी इस मामले में मुख्य आरोपी हैं।
सोनम रघुवंशी को जमानत कैसे मिली?
शिलांग की निचली अदालत ने सोनम को जमानत दी, जिसे मेघालय उच्च न्यायालय ने 29 जून को बरकरार रखा। सरकार के अनुसार जमानत का आधार गिरफ्तारी कागज़ात में हुई टाइपोग्राफिकल गलती थी, न कि मामले का गुण-दोष।
सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई कब है?
सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित है। इससे पहले अदालत ने सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है।
मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका क्यों दाखिल की?
मेघालय सरकार का तर्क है कि जमानत केवल एक तकनीकी-लिपिकीय गलती के आधार पर दी गई, जबकि आरोप बेहद गंभीर हैं और सोनम के फरार होने का खतरा है। सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
क्या सुप्रीम कोर्ट ने सोनम की जमानत पर रोक लगाई है?
नहीं। 3 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया, क्योंकि सोनम पहले ही रिहा हो चुकी थीं। हालाँकि, अदालत ने उच्च न्यायालय के आदेश पर 'गंभीर सवाल' उठाते हुए मामले की आगे सुनवाई का फैसला किया।
राष्ट्र प्रेस
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