पालनाडु में महिला ने दो बेटों को जहर देकर मारा, फिर की आत्महत्या; पारिवारिक विवाद बना कारण
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के पालनाडु जिले के विनुकोंडा मंडल स्थित विट्टमराजुपल्ली गांव में 14 जुलाई 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब 24 वर्षीय नक्का भारती ने अपने दो नाबालिग बेटों को जहर देकर मार डाला और इसके बाद स्वयं भी आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, तीनों शवों की खोज मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने की और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
घटनाक्रम का विवरण
पुलिस के अनुसार, नक्का भारती ने सोमवार रात अपने छह वर्षीय बेटे तेजेश रेड्डी और चार वर्षीय बेटे हेमनाथ नागी रेड्डी को जहर दिया। इसके बाद उसने गले में फंदा डालकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मंगलवार सुबह ग्रामीणों को जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और संभावित कारण
भारती का विवाह सुनील रेड्डी से हुआ था, जो दूध की वैन चलाते हैं। पड़ोसियों के अनुसार, सुनील रेड्डी बुरी आदतों के शिकार हो गए थे और परिवार की उचित देखभाल नहीं कर रहे थे। इसी वजह से दंपती के बीच अक्सर विवाद होते थे। पारिवारिक कलह को इस त्रासदी का प्रमुख कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
आंध्र प्रदेश में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह घटना ऐसे समय में आई है जब आंध्र प्रदेश में इस तरह की त्रासदियां पहले भी सामने आ चुकी हैं। 30 जून को श्रीकाकुलम जिले में वरलक्ष्मी नामक महिला ने कथित तौर पर अपनी तीन वर्षीय बेटी भवानी और चार महीने की बेटी चांदनी की हत्या कर दी थी और खुद भी आत्महत्या का प्रयास किया था। पुलिस के मुताबिक उस मामले में भी पारिवारिक विवाद कारण बताया गया था।
गौरतलब है कि 13 जून को पड़ोसी राज्य तेलंगाना के विकाराबाद जिले के अदावी वेंकटपुरम गांव में भी ऐसी ही घटना घटी थी। पुलिस के मुताबिक, 27 वर्षीय नबनिता ने अपने सात वर्षीय बेटे विग्नेश और पांच वर्षीय बेटी मधुप्रिया की हत्या के बाद आत्महत्या कर ली थी। बताया जाता है कि घरेलू विवाद के बाद वह गंभीर अवसाद से ग्रस्त थी।
पुलिस की कार्रवाई
पालनाडु पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जहर की प्रकृति की पुष्टि होगी। अधिकारियों ने बताया कि घटना की सभी परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस जांच के साथ-साथ परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू हिंसा और पारिवारिक तनाव से जुड़ी ऐसी घटनाओं की बढ़ती संख्या मानसिक स्वास्थ्य सहायता और पारिवारिक परामर्श सेवाओं की ज़रूरत को रेखांकित करती है। राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग उठ रही है।