14 जुलाई 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने 'मन्नत' सीआरजेड मंजूरी याचिका खारिज की, शाहरुख खान को बड़ी राहत

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सुप्रीम कोर्ट ने 'मन्नत' सीआरजेड मंजूरी याचिका खारिज की, शाहरुख खान को बड़ी राहत

सारांश

सर्वोच्च न्यायालय ने 'मन्नत' की सीआरजेड मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी — और साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अदालत किसी के फिल्म स्टार होने से प्रभावित नहीं होती। एनजीटी के बाद अब सुप्रीम कोर्ट की भी मुहर लगने से शाहरुख खान के बांद्रा बंगले में दो नई मंजिलों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 14 जुलाई को 'मन्नत' की सीआरजेड मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की।
याचिका मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दाऊंडकर ने दायर की थी, जिसमें पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप था।
पीठ ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षण में कानून का मोटे तौर पर पालन पाया गया; अदालत फिल्म स्टार की पहचान से प्रभावित नहीं।
इससे पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) भी इसी मामले में याचिका खारिज कर चुका था।
'मन्नत' मुंबई के बांद्रा में समुद्र तट के निकट स्थित हेरिटेज श्रेणी की संपत्ति है, जिसे शाहरुख खान ने 2001 में खरीदा था।

सर्वोच्च न्यायालय ने 14 जुलाई को बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान के मुंबई स्थित बंगले 'मन्नत' में दो अतिरिक्त मंजिलें जोड़ने की कोस्टल रेगुलेशन जोन (सीआरजेड) मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित अधिकारियों ने नियमों की जाँच के बाद अनुमति दी है, तो उसमें हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।

मामले की पृष्ठभूमि

मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दाऊंडकर ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी द्वारा दी गई सीआरजेड मंजूरी में पर्यावरण संबंधी नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ। याचिकाकर्ता का यह भी तर्क था कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भी इन मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया था।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि अदालत किसी के फिल्म स्टार होने से प्रभावित नहीं होती। पीठ ने यह भी जोड़ा कि प्रारंभिक परीक्षण में ऐसा प्रतीत होता है कि कानून का मोटे तौर पर पालन किया गया है और अधिकारियों ने नियमों की जाँच के बाद ही निर्माण की अनुमति प्रदान की है।

एनजीटी का पूर्व निर्णय

गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) भी इस मामले में दायर याचिका को खारिज कर चुका था। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा था कि प्रस्तावित निर्माण के लिए दी गई सीआरजेड मंजूरी में कोई प्रक्रियात्मक त्रुटि नहीं पाई गई। यह निर्माण कार्य मौजूदा इमारत के ऊपर दो मंजिलें जोड़ने तक ही सीमित है और इससे किसी नियम का उल्लंघन नहीं होता।

'मन्नत' के बारे में

शाहरुख खान का बंगला 'मन्नत' मुंबई के बांद्रा इलाके में समुद्र तट के निकट स्थित है और शहर की सर्वाधिक चर्चित संपत्तियों में से एक है। खान ने इस संपत्ति को 2001 में खरीदा था, जिसके बाद इसे परिवार की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया गया। बंगले का समुद्र-तट से सान्निध्य और हेरिटेज श्रेणी में शामिल होने के कारण रेनोवेशन के लिए सीआरजेड सहित कई विभागों की अनुमति अनिवार्य थी।

आगे की स्थिति

सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय के बाद मन्नत में प्रस्तावित दो मंजिलों के निर्माण का मार्ग कानूनी दृष्टि से अब प्रशस्त हो गया है। यह फैसला इस मायने में भी महत्त्वपूर्ण है कि इसने तटीय क्षेत्रों में निर्माण के लिए दी जाने वाली सीआरजेड मंजूरी की वैधता को एक बार फिर रेखांकित किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला एक बड़े सवाल को भी उजागर करता है: मुंबई के तटीय क्षेत्रों में निर्माण की सीआरजेड मंजूरी प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है? एनजीटी और अब सर्वोच्च न्यायालय — दोनों ने प्रक्रियागत अनुपालन को पर्याप्त माना, लेकिन नागरिक समाज की यह चिंता कि समुद्र तटीय क्षेत्रों में हेरिटेज संपत्तियों के विस्तार की निगरानी कड़ी होनी चाहिए — उचित है और इसे खारिज नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मन्नत' रेनोवेशन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
सर्वोच्च न्यायालय ने 14 जुलाई को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें 'मन्नत' के लिए दी गई सीआरजेड मंजूरी को चुनौती दी गई थी। पीठ ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षण में कानून का मोटे तौर पर पालन पाया गया है।
याचिका में क्या आरोप लगाए गए थे?
मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दाऊंडकर ने आरोप लगाया था कि 'मन्नत' में दो अतिरिक्त मंजिलें जोड़ने के लिए आवश्यक पर्यावरण संबंधी मंजूरियाँ पूरी तरह नहीं ली गईं और महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी की सीआरजेड मंजूरी में नियमों का सही पालन नहीं हुआ।
क्या एनजीटी ने भी इस मामले में कोई फैसला दिया था?
हाँ, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) इससे पहले ही इसी मामले में याचिका खारिज कर चुका था। एनजीटी ने कहा था कि प्रस्तावित निर्माण के लिए दी गई सीआरजेड मंजूरी में कोई प्रक्रियात्मक त्रुटि नहीं मिली।
'मन्नत' के लिए सीआरजेड मंजूरी क्यों जरूरी थी?
'मन्नत' मुंबई के बांद्रा इलाके में समुद्र तट के निकट स्थित है और हेरिटेज श्रेणी में आती है। इन दोनों कारणों से किसी भी नए निर्माण या विस्तार के लिए कोस्टल रेगुलेशन जोन (सीआरजेड) सहित अन्य विभागों की अनुमति लेना कानूनी रूप से अनिवार्य था।
शाहरुख खान ने 'मन्नत' कब खरीदी थी?
शाहरुख खान ने 'मन्नत' को 2001 में खरीदा था। इसके बाद इसे परिवार की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया गया। वर्तमान रेनोवेशन योजना में मौजूदा इमारत के ऊपर दो नई मंजिलें जोड़ी जानी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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