पश्चिम बंगाल पुलिस में बड़ा फेरबदल: 33 आईपीएस अधिकारियों का तबादला, खुफिया प्रमुख भी बदले
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार ने 14 जुलाई 2026 को राज्य पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल करते हुए एक साथ 33 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया। इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में राज्य के खुफिया विभाग (इंटेलिजेंस) के प्रमुख को भी बदल दिया गया है। यह फेरबदल बारुईपुर में एक नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के मद्देनज़र किया गया है।
खुफिया प्रमुख में बदलाव
राज्य सचिवालय नबान्न से जारी अधिसूचना के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) सीआईडी एवं राज्य के खुफिया प्रमुख सुप्रतीम सरकार को इस पद से हटाकर एडीजी, दूरसंचार (टेलीकम्युनिकेशन) नियुक्त किया गया है। उनकी जगह महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल), सुधार सेवाएं रहे नटराजन रमेश बाबू को राज्य का नया खुफिया प्रमुख बनाया गया है।
गौरतलब है कि मार्च 2026 में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने सुप्रतीम सरकार को कोलकाता पुलिस आयुक्त के पद से हटा दिया था। इसके बाद उन्हें एडीजी, सीआईडी की जिम्मेदारी दी गई थी और बाद में तमिलनाडु की पाँच विधानसभा सीटों पर चुनावी ड्यूटी भी सौंपी गई थी।
मुख्य नियुक्तियाँ और तबादले
के. जयरामन को एडीजी, उत्तर बंगाल क्षेत्र के पद से हटाकर आर्थिक अपराध निदेशालय का निदेशक नियुक्त किया गया है। ईमानदार अधिकारी के रूप में पहचाने जाने वाले जयरामन अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासनकाल के दौरान हुए कथित वित्तीय भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच की जिम्मेदारी संभालेंगे।
विशाल गर्ग को एडीजी, पश्चिमी जोन से स्थानांतरित कर एडीजी, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) बनाया गया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के महानिरीक्षक प्रवीण कुमार त्रिपाठी को होमगार्ड विभाग में आईजी के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
त्रिपुरारी अथर्व को बिधाननगर पुलिस आयुक्त के पद से हटाकर एडीजी, ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा नियुक्त किया गया है। उनकी जगह राठौड़ अमितकुमार भरत को बिधाननगर का नया पुलिस आयुक्त बनाया गया है।
बारुईपुर पुलिस जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जोनल) पिनाकी दत्ता को हटाकर उनकी जगह अतीश बिस्वास को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फेरबदल की पृष्ठभूमि
यह व्यापक प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय में आया है जब बारुईपुर में एक नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपराध स्थल पर पुलिस अधिकारियों के देर से पहुँचने को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई थी। आलोचकों का कहना है कि यह फेरबदल उस दबाव का सीधा परिणाम है।
आगे क्या होगा
नए खुफिया प्रमुख नटराजन रमेश बाबू के सामने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती होगी। के. जयरामन के नेतृत्व में आर्थिक अपराध निदेशालय की जाँच की दिशा पर भी सभी की नज़रें टिकी रहेंगी, विशेष रूप से TMC शासनकाल के कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में। यह देखना अहम होगा कि नई नियुक्तियाँ राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाने में कितनी कारगर साबित होती हैं।