14 जुलाई 2026
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पश्चिम बंगाल पुलिस में बड़ा फेरबदल: 33 आईपीएस अधिकारियों का तबादला, खुफिया प्रमुख भी बदले

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पश्चिम बंगाल पुलिस में बड़ा फेरबदल: 33 आईपीएस अधिकारियों का तबादला, खुफिया प्रमुख भी बदले

सारांश

बारुईपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पुलिस पर उठे सवालों के बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने 33 आईपीएस अधिकारियों का एकमुश्त तबादला किया। खुफिया प्रमुख बदले गए, आर्थिक अपराध निदेशालय को नया नेतृत्व मिला — यह फेरबदल महज़ रुटीन नहीं, राजनीतिक दबाव का नतीजा है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार ने 14 जुलाई 2026 को 33 आईपीएस अधिकारियों का एकसाथ तबादला किया।
सुप्रतीम सरकार को खुफिया प्रमुख (एडीजी, सीआईडी) पद से हटाकर एडीजी, दूरसंचार बनाया गया।
नटराजन रमेश बाबू को राज्य का नया खुफिया प्रमुख नियुक्त किया गया।
जयरामन को आर्थिक अपराध निदेशालय का निदेशक बनाया गया; वे TMC शासनकाल के कथित वित्तीय भ्रष्टाचार मामलों की जाँच करेंगे।
बारुईपुर में नाबालिग से दुष्कर्म-हत्या के बाद पुलिस की सुस्ती पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की नाराज़गी के बाद यह फेरबदल हुआ।
राठौड़ अमितकुमार भरत को बिधाननगर का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया।

पश्चिम बंगाल सरकार ने 14 जुलाई 2026 को राज्य पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल करते हुए एक साथ 33 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया। इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में राज्य के खुफिया विभाग (इंटेलिजेंस) के प्रमुख को भी बदल दिया गया है। यह फेरबदल बारुईपुर में एक नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के मद्देनज़र किया गया है।

खुफिया प्रमुख में बदलाव

राज्य सचिवालय नबान्न से जारी अधिसूचना के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) सीआईडी एवं राज्य के खुफिया प्रमुख सुप्रतीम सरकार को इस पद से हटाकर एडीजी, दूरसंचार (टेलीकम्युनिकेशन) नियुक्त किया गया है। उनकी जगह महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल), सुधार सेवाएं रहे नटराजन रमेश बाबू को राज्य का नया खुफिया प्रमुख बनाया गया है।

गौरतलब है कि मार्च 2026 में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने सुप्रतीम सरकार को कोलकाता पुलिस आयुक्त के पद से हटा दिया था। इसके बाद उन्हें एडीजी, सीआईडी की जिम्मेदारी दी गई थी और बाद में तमिलनाडु की पाँच विधानसभा सीटों पर चुनावी ड्यूटी भी सौंपी गई थी।

मुख्य नियुक्तियाँ और तबादले

के. जयरामन को एडीजी, उत्तर बंगाल क्षेत्र के पद से हटाकर आर्थिक अपराध निदेशालय का निदेशक नियुक्त किया गया है। ईमानदार अधिकारी के रूप में पहचाने जाने वाले जयरामन अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासनकाल के दौरान हुए कथित वित्तीय भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच की जिम्मेदारी संभालेंगे।

विशाल गर्ग को एडीजी, पश्चिमी जोन से स्थानांतरित कर एडीजी, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) बनाया गया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के महानिरीक्षक प्रवीण कुमार त्रिपाठी को होमगार्ड विभाग में आईजी के पद पर स्थानांतरित किया गया है।

त्रिपुरारी अथर्व को बिधाननगर पुलिस आयुक्त के पद से हटाकर एडीजी, ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा नियुक्त किया गया है। उनकी जगह राठौड़ अमितकुमार भरत को बिधाननगर का नया पुलिस आयुक्त बनाया गया है।

बारुईपुर पुलिस जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जोनल) पिनाकी दत्ता को हटाकर उनकी जगह अतीश बिस्वास को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

फेरबदल की पृष्ठभूमि

यह व्यापक प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय में आया है जब बारुईपुर में एक नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपराध स्थल पर पुलिस अधिकारियों के देर से पहुँचने को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई थी। आलोचकों का कहना है कि यह फेरबदल उस दबाव का सीधा परिणाम है।

आगे क्या होगा

नए खुफिया प्रमुख नटराजन रमेश बाबू के सामने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती होगी। के. जयरामन के नेतृत्व में आर्थिक अपराध निदेशालय की जाँच की दिशा पर भी सभी की नज़रें टिकी रहेंगी, विशेष रूप से TMC शासनकाल के कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में। यह देखना अहम होगा कि नई नियुक्तियाँ राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाने में कितनी कारगर साबित होती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह केवल जवाबदेही का आभास है। के. जयरामन को आर्थिक अपराध निदेशालय देना दिलचस्प कदम है, लेकिन TMC शासनकाल के मामलों की स्वतंत्र जाँच तभी विश्वसनीय होगी जब राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रहे। मार्च 2026 के चुनाव के बाद से हो रहे बदलावों की श्रृंखला बताती है कि राज्य पुलिस अभी भी राजनीतिक पुनर्गठन के दौर में है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में 33 आईपीएस अधिकारियों का तबादला क्यों किया गया?
बारुईपुर में एक नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पुलिस की सुस्त प्रतिक्रिया पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नाराज़गी जताई थी। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को राज्य सरकार ने 33 आईपीएस अधिकारियों का व्यापक तबादला किया।
पश्चिम बंगाल का नया खुफिया प्रमुख कौन है?
नटराजन रमेश बाबू को राज्य का नया खुफिया प्रमुख (एडीजी, सीआईडी) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे महानिदेशक, सुधार सेवाएं के पद पर थे।
सुप्रतीम सरकार को क्यों हटाया गया और उन्हें कहाँ भेजा गया?
सुप्रतीम सरकार को एडीजी, सीआईडी एवं राज्य खुफिया प्रमुख के पद से हटाकर एडीजी, दूरसंचार (टेलीकम्युनिकेशन) नियुक्त किया गया है। इससे पहले मार्च 2026 में चुनाव आयोग ने उन्हें कोलकाता पुलिस आयुक्त पद से भी हटाया था।
के. जयरामन को आर्थिक अपराध निदेशालय में क्यों भेजा गया?
ईमानदार अधिकारी के रूप में पहचान रखने वाले के. जयरामन को एडीजी, उत्तर बंगाल क्षेत्र से हटाकर आर्थिक अपराध निदेशालय का निदेशक बनाया गया है। वे अब TMC शासनकाल के दौरान हुए कथित वित्तीय भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच करेंगे।
बिधाननगर का नया पुलिस आयुक्त कौन है?
राठौड़ अमितकुमार भरत को बिधाननगर का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। इससे पहले त्रिपुरारी अथर्व इस पद पर थे, जिन्हें अब एडीजी, ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा बनाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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