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लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम की 270 रन से ऐतिहासिक जीत, तेंदुलकर बोले — 'यह तो बस शुरुआत है'

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लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम की 270 रन से ऐतिहासिक जीत, तेंदुलकर बोले — 'यह तो बस शुरुआत है'

सारांश

लॉर्ड्स में 270 रन की ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट ने एक नया अध्याय लिखा। यस्तिका भाटिया का शतक, क्रांति गौड़ के 5 विकेट और 37,846 दर्शकों की मौजूदगी — सचिन तेंदुलकर के शब्दों में, 'यह तो बस शुरुआत है।'

मुख्य बातें

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 14 जुलाई 2025 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 270 रन से हराया।
यह लॉर्ड्स में खेला गया पहला महिला टेस्ट मैच था, जिसमें 4 दिनों में 37,846 दर्शक उपस्थित रहे।
यस्तिका भाटिया लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं।
क्रांति गौड़ ने रेड-बॉल फॉर्मेट में पहली बार 5 विकेट लिए।
सचिन तेंदुलकर ने इसे महिला क्रिकेट का 'सुनहरा पल' बताया और ICC व जय शाह की वेतन-समानता पहल की सराहना की।
तेंदुलकर ने याद दिलाया कि 1976 में महिलाओं का पहला एकदिवसीय मैच भी लॉर्ड्स में खेला गया था।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 14 जुलाई 2025 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच को 270 रन के बड़े अंतर से जीत लिया — और इस जीत के साथ महिला क्रिकेट ने 'होम ऑफ क्रिकेट' पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर ने इस मुकाबले को महिला क्रिकेट के लिए एक 'सुनहरा पल' करार दिया और कहा कि यह एक लंबे और शानदार सफर की महज़ शुरुआत है।

मैच का ऐतिहासिक महत्व

यह लॉर्ड्स में खेला गया पहला महिला टेस्ट मैच था, जो 4 दिनों तक चला। इस दौरान कुल 37,846 दर्शक मैदान में मौजूद रहे — एक ऐसा आँकड़ा जिसने तेंदुलकर सहित पूरे क्रिकेट जगत को प्रभावित किया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा जारी एक वीडियो में तेंदुलकर ने कहा, "मैं पढ़ रहा था कि चार दिनों में 30,000 से ज़्यादा लोग आए थे, जो बहुत बढ़िया है। यह तो बस शुरुआत है। मुझे यकीन है कि आगे हमारे लिए और भी बड़ी चीज़ें होने वाली हैं।"

गौरतलब है कि तेंदुलकर ने मैच के चौथे दिन की शुरुआत से पहले लॉर्ड्स में भारतीय टीम को संबोधित किया था। उन्होंने याद दिलाया कि 1976 में महिलाओं का पहला एकदिवसीय मैच (कथित तौर पर 40 ओवर का) इसी मैदान पर खेला गया था — और लगभग 50 साल बाद यहाँ महिला टेस्ट का आयोजन होना एक ऐतिहासिक परिघटना है।

तेंदुलकर के शब्दों में लॉर्ड्स और महिला क्रिकेट

BCCI के वीडियो में तेंदुलकर ने कहा, "फिर से हरे-भरे मैदान पर कदम रखकर अच्छा लग रहा है। महिला क्रिकेट के लिए यह एक बड़ा पल है... मैंने हमेशा टेस्ट क्रिकेट को क्रिकेट का सबसे ऊँचा स्तर माना है। इसलिए यह एक शानदार मौका है। मैं इसे महिला क्रिकेट में एक सुनहरा पल कहूंगा।" उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और जय शाह की उस पहल की सराहना की, जिसके तहत महिला क्रिकेटरों को वेतन में पुरुष क्रिकेटरों के बराबर का दर्जा दिया गया।

तेंदुलकर ने लॉर्ड्स के साथ अपनी व्यक्तिगत यादें भी साझा कीं — 1990 में महज़ 14 साल की उम्र में स्टार क्रिकेट क्लब के साथ पहली बार यहाँ आना, और फिर दो साल बाद उसी ड्रेसिंग रूम में बैठना जहाँ से भारत ने वर्ल्ड कप जीता था।

यस्तिका भाटिया और क्रांति गौड़ की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

इस मुकाबले में यस्तिका भाटिया लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं। वहीं, क्रांति गौड़ ने रेड-बॉल फॉर्मेट में पहली बार 5 विकेट लेने का कारनामा किया। तेंदुलकर ने इन दोनों उपलब्धियों को इतिहास में सदा के लिए दर्ज होने वाले पल बताया।

उन्होंने कहा, "यह एक बड़ा पल है क्योंकि कई शानदार प्रदर्शन होंगे, और भी जीत होंगी, नए रिकॉर्ड बनेंगे, लेकिन ये नाम हमेशा सबसे पहले लिए जाएंगे।" यह टिप्पणी इस बात को रेखांकित करती है कि पहली बार इतिहास रचने वाले खिलाड़ियों की विरासत किस तरह अमर रहती है।

महिला क्रिकेट के लिए व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब महिला क्रिकेट वैश्विक स्तर पर तेज़ी से विस्तार पा रहा है — दर्शक संख्या, प्रसारण अधिकार और खिलाड़ियों के मेहनताने, सभी मोर्चों पर। लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मंच पर टेस्ट मैच का आयोजन इस दिशा में एक निर्णायक कदम है। आने वाले वर्षों में महिला टेस्ट क्रिकेट के कैलेंडर में और विस्तार की संभावना है, जो इस खेल के भविष्य के लिए उत्साहजनक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

846 दर्शकों की उपस्थिति यह साबित करती है कि बाज़ार मौजूद है, बस निवेश और मंच की ज़रूरत थी। सवाल यह है कि क्या BCCI और ICC इस गति को एक स्थायी महिला टेस्ट कैलेंडर में बदल पाएंगे, या यह एक बार का उत्सव बनकर रह जाएगा। यस्तिका और क्रांति जैसी खिलाड़ियों के रिकॉर्ड तभी सार्थक होंगे जब उन्हें खेलने के नियमित अवसर मिलें।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम ने कितने रन से जीत दर्ज की?
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 14 जुलाई 2025 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 270 रन से हराया। यह लॉर्ड्स में खेला गया पहला महिला टेस्ट मैच था।
सचिन तेंदुलकर ने लॉर्ड्स महिला टेस्ट के बारे में क्या कहा?
सचिन तेंदुलकर ने इसे महिला क्रिकेट का 'सुनहरा पल' बताया और कहा कि चार दिनों में 30,000 से ज़्यादा दर्शकों का आना बेहद उत्साहजनक है। उन्होंने कहा, 'यह तो बस शुरुआत है।'
यस्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स में क्या ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की?
यस्तिका भाटिया लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं। तेंदुलकर ने कहा कि यह नाम इतिहास की किताबों में हमेशा पहले लिया जाएगा।
क्रांति गौड़ ने इस मैच में क्या रिकॉर्ड बनाया?
क्रांति गौड़ ने रेड-बॉल फॉर्मेट में पहली बार 5 विकेट लेने का कारनामा किया। यह उनके टेस्ट करियर की अब तक की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी प्रदर्शन रही।
लॉर्ड्स में महिला क्रिकेट का इतिहास कितना पुराना है?
सचिन तेंदुलकर के अनुसार, 1976 में महिलाओं का पहला एकदिवसीय मैच (कथित तौर पर 40 ओवर का) लॉर्ड्स में ही खेला गया था। लगभग 50 साल बाद, 2025 में यहाँ पहला महिला टेस्ट मैच आयोजित हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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